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Doctor Advice : अगर आप भी करते हैं सुपर फूड स्प्राउट्स का सेवन, तो जानें इसके फायदे और नुकसान

अंकुरित खाद्य पदार्थ काफी न्यूट्रिशस होते हैं और कई तरह के रोगों से बचाने में कारगर होते हैं। इसीलिए स्प्राउट्स को सुपर फूड कहा जाता है। हालांकि कुछ बीमारियों में इनका सेवन हानिकारक भी हो सकता है। ऐसे में इसके सेवन से होने वाले फायदे और सावधानियों के बारे में जानना जरूरी है।

Doctor Advice : अगर आप भी करते हैं सुपर फूड स्प्राउट्स का सेवन, तो जानें इसके फायदे और नुकसान
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अंकुरित खाद्य पदार्थ काफी न्यूट्रिशस होते हैं और कई तरह के रोगों से बचाने में कारगर होते हैं। इसीलिए स्प्राउट्स को सुपर फूड कहा जाता है। हालांकि कुछ बीमारियों में इनका सेवन हानिकारक भी हो सकता है। ऐसे में इसके सेवन से होने वाले फायदे और सावधानियों के बारे में जानना जरूरी है।

अंकुरित खाद्य यानी स्प्राउट्स, अल्कलाइन, साबुत, शुद्ध और प्राकृतिक भोजन हैं। इन्हें चमत्कारिक भोजन, संपूर्ण भोजन और सुपर फूड भी कहा जाता है। अंकुरित खाद्य पदार्थों को हमारे भोजन के रूप में लिए जाने वाले पदार्थों में सर्वाधिक ताजा और पोषक माना जाता है।

लेकिन ऐसा नहीं है कि ये सभी के लिए सुपर फूड होते हैं,कई लोगों में इन्हें खाने से कुछ समस्याएं भी हो जाती हैं। ऐसे में यह जानना जरूरी हो जाता है कि अंकुरित खाद्य पदार्थों को कितनी मात्रा में, कैसे, कब खाया जाए और कब नहीं।

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अंकुरण बढ़ाता है पोषकता

चाहे अनाज को अंकुरित करके खाया जाए या दालों और फलियों को। अंकुरित खाद्य पदार्थों की पोषकता सूखे खाद्य पदार्थों की तुलना में कई गुना बढ़ जाती है। अंकुरण के बाद हमारा शरीर अनाज, फलियों और दालों की पहचान सब्जियों के रूप में करता है।

अंकुरण प्रक्रिया इन्हें जीवित पौधों में रूपांतरित कर देती है, जिससे हमारे शरीर को उपयोग के लिए अधिक पोषक तत्व प्राप्त होते हैं। इसके साथ ही यह डाइजेशन में आसान होते हैं।

फाइबर और पानी की मात्रा अत्यधिक बढ़ जाती है, जो हेल्दी डाइजेशन सिस्टम के लिए वरदान है। अंकुरण प्रोटीन, विटामिंस और मिनरल्स की जैविक उपलब्धता को बढ़ाता है, और उन्हें पोषण के पावर हाउस में बदल देता है।

खाने का सही तरीका

आप ताजे स्प्राउट्स को स्नैक्स के रूप में कच्चा खा सकते हैं। अंकुरित खाद्य पदार्थों को धीरे-धीरे और खूब चबाकर खाएं। ध्यान रहे इनका सेवन अधिक मात्रा में ना करें। अंकुरित पदार्थों में प्रोटीन की मात्रा तो बढ़ जाती है लेकिन उनमें अमीनो एसिड मेथियोनीन नहीं होता है।

इसलिए इन्हें संपूर्ण भोजन बनाने के लिए दुग्ध उत्पादों (दही) के साथ मिलाकर लेना चाहिए। इसके अलावा इन्हें इस प्रकार भी सेवन कर सकते हैं:

1.इसमें थोड़ा सा तेल डालकर स्टिर फ्राइ करें और उसमें बारीक कटा खीरा, टमाटर, हरी मिर्च, धनिया पत्ती, नीबू का रस डालकर सलाद बनाएं। इससे स्वाद भी बढ़ जाएगा और न्यूट्रिशन भी।

2.इन्हें भाप में गलाकर और स्टिर फ्राइंग के बाद सूप में डालकर भी सेवन कर सकते हैं।

3.दालों को सादा पकाने की बजाय अंकुरित करके पकाएं। टरमरिक और जिंजर डालकर करी बना लें। इससे ये पचने में भी आसान हो जाते हैं और संक्रमण का खतरा भी समाप्त हो जाता है।

4.स्प्राउट्स को सैंडविच, परांठा, समोसे में स्टफिंग के रूप में भी उपयोग किया जा सकता है। इन्हें बेसन और सूजी के चीले और पुलाव में भी डाला जा सकता है।

ध्यान रहे खाने से पहले ताजे अंकुरित खाद्य पदार्थों को थोड़ी देर सूरज की रोशनी में रखें ताकि उनमें क्लोरोफिल का अवशोषण बढ़ जाए।

इन्हें करें अंकुरित :

अनाज- गेहूं, मक्का, रागी, जई, बाजरा।

बीज- मूली, मेथी दाना, कद्दू, खरबूज।

फलियां- मूंग, चना, चौलाई, मोठ, काली मसूर, सूखे मटर।

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सेवन के फायदे

स्प्राउट्स कई स्वास्थ्य समस्याओं में दवाई का कार्य करते हैं। अगर आप नियमित रूप से इनका सेवन करें तो कई बीमारियों से बच सकते हैं। इसके अलावा अंकुरित पदार्थों के सेवन से स्वास्थ्य को कई तरह के लाभ भी होते हैं :

1.अंकुरित अनाज में काफी मात्रा में एंटीआक्सीडेंट्स होते हैं, जो डीएनए को नष्ट होने से बचाते हैं और एजिंग के लक्षणों को रोकते हैं।

2.अंकुरित पदार्थों का ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है इसलिए यह डायबिटीज के रोगियों के लिए ऊर्जा के अच्छे सोर्स हैं। देर तक भूख पर नियंत्रण रखना संभव बनाते हैं।

3.हड्डियों की डेंसिटी बढ़ाते हैं, जिससे ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा कम हो जाता है।

4.महिलाओं में हार्मोन संबंधी गड़बड़ियां रोकते हैं। हॉट फ्लैशेस, मेनोपॉज, पीरियड्स के समय होने वाली तकलीफों और ब्रेस्ट कैंसर का खतरा भी कम करते हैं।

5.भार कम करने में अत्यधिक उपयोगी होते हैं। इनके सेवन से लंबे समय तक पेट भरा हुआ लगता है। इस तरह ये ओवर-ईटिंग से बचाते हैं।

6. ये क्लोरोफिल के अच्छे सोर्स हैं, जिसमें एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं।

7. ये एल्कलाइन नेचर के होते हैं, इसलिए एसिडिटी कम करने में सहायक होते हैं।

8.इनमें काफी मात्रा में फायटोकेमिकल्स होते हैं, जो कई बीमारियों से रक्षा करते हैं।

9.ये ऑक्सीजन के भी अच्छे सोर्स होते हैं, जो अच्छे स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है। स्प्राउट्स मूड को भी ठीक रखते हैं।

10.अंकुरित पदार्थ कोशिकाओं के निर्माण में बहुत उपयोगी होते हैं। इसके साथ ही शरीर से विषैले पदार्थों को बाहर निकालकर रक्त को साफ करते हैं।

उबालकर सेवन करें

अंकुरित पदार्थों में बैक्टीरिया आसानी से पनप जाते हैं, इसलिए उन्हें उबालकर या भाप में पकाकर खाना ज्यादा सुरक्षित रहता है। अगर आपको कब्ज, एनीमिया, डायबिटीज, उच्च रक्तचाप, ओबेसिटी हो तो अंकुरित खाद्य पदार्थों को स्टीम कर या पकाकर खाएं। इसके अलावा गर्भावस्था में भी पकाकर खाना ठीक रहेगा।

तब न करें सेवन

डायरिया, गैसट्रिटाइटिस, अल्सर, पैंक्रियाटाइटिस से पीड़ित लोग इसके सेवन से बचें। कई लोगों में अंकुरित खाद्य पदार्थ खाने से गैस की समस्या बढ़ जाती है, पेट फूल जाता है क्योंकि प्रोटीन को पचाना कठिन होता है।

दरअसल, अंकुरण से प्रोटीन की मात्रा काफी बढ़ जाती है। आयुर्वेद के अनुसार इससे वात की समस्या बढ़ती है,जिससे शरीर में असंतुलन बढ़ता है। जो कई रोगों का कारण बन सकता है। ऐसे लोग केवल अंकुरित मूंग का सेवन करें क्योंकि यह पचने में आसान होता है और गैस भी कम बनाता है।

इसके अलावा इसे अंकुरित करने से पहले इसमें थोड़े से मेथी दाने मिला लें, यह एक अच्छा मिश्रण है और इससे मूंग का पाचन और आसान हो जाता है। कई लोगों को कच्चे मोठ से एलर्जी हो जाती है। ऐसे लोग इसका सेवन नहीं करें, अंकुरित खाद्य पदार्थों के दूसरे विकल्प चुनें।

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