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दिल की बीमारी के कारण और उपचार

मेडिकल साइंस में बॉडी का महत्वपूर्ण और नाजुक अंग हार्ट को माना जाता है। ऐसे में हार्ट का हेल्दी रहना बेहद जरूरी है। अपने हार्ट को हेल्दी रखना जरा भी मुश्किल नहीं, इसके लिए बस कुछ बातों पर अमल करना होगा।

दिल की बीमारी के कारण और उपचार

मेडिकल साइंस में बॉडी का महत्वपूर्ण और नाजुक अंग हार्ट को माना जाता है। ऐसे में हार्ट का हेल्दी रहना बेहद जरूरी है। अपने हार्ट को हेल्दी रखना जरा भी मुश्किल नहीं, इसके लिए बस कुछ बातों पर अमल करना होगा।

हृदय एक ऐसा नाजुक अंग है जो दिन में कई सौ हजार बार धड़कता है ताकि शरीर के ऊतकों को रक्त के माध्यम से पर्याप्त ऑक्सीजन पहुंचाकर सजीव बनाए रख सके , लेकिन शरीर का बढ़ता वजन हृदय के लिए भी भारी पड़ता है। ज्यादा वजन हृदय रोग को बुलावा देता है। ऐसे में जरूरी है कि शरीर के वजन को सही रखा जाए।

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की रिपोर्ट के अनुसार करीब 10 प्रतिशत लोगों में 30 की उम्र आते-आते उनकी आर्टरीज ब्लॉक हो जाती हैं। रिपोर्ट के अनुसार भारत में करीब एक लाख लोगों में 140 लोग हार्ट-अटैक की वजह से मौत के मुंह में चले जाते हैं। इसकी वजह है छोटी कैलीब्रेटेड आर्टरीज।

आपको बता दें कि ये छोटी कैलीब्रेटेड आर्टरीज हार्ट अटैक के खतरे को करीब तीन गुना बढ़ा देती है, इसलिए आज हम आपको दिल की बीमारी के कारण और उसके उपचार बता रहे हैं।

दिल की बीमारी के कारण :

हार्ट अटैक का बड़ा कारण खान-पान में होने वाली गड़बड़ी और लाइफस्टाइल में होने वाला बदलाव है, जिसकी वजह से आर्टरीज ब्लॉक हो जाती हैं। भारत में ज्यादातर लोग तली हुई चीजें खाना पसंद करते हैं। खाने के बाद आराम करते है।

ऐसे में शारीरिक व्यायाम नहीं हो पाता। जरा सी परेशानी होने पर तनाव पाल लेते हैं और तनाव को दूर करने के लिए स्मोकिंग या शराब का सहारा लेने लगते हैं। स्मोकिंग और शराब के सेवन से वे कुछ समय आराम तो पा जाते हैं, लेकिन इससे उनका तनाव कम नहीं हो पाता और इसका असर दिल पर पड़ता है।

डाइट-एक्सरसाइज

खाने के बाद आराम करने की आदत से लोगों के शरीर का वजन बढ़ता रहता है। शरीर के वजन को नियंत्रित करने के लिए प्रतिदिन कम से कम 25 से 30 मिनट तक व्यायाम और योगाभ्यास करें। जंक फूड, तली चीजों की जगह सब्जी,सलाद,फल, दाल-रोटी और हेल्दी ऑयल का इस्तेमाल करें।

रूटीन चेकअप

महिला हो या पुरुष, हर एक को 30 साल की उम्र के बाद रूटीन चेक अप कराना चाहिए। इससे डॉक्टर को इलाज करने में आसानी होती है। थोड़ी सी जानकारी डॉक्टर के लिए फायदेमंद हो सकती है। हार्ट अटैक से बचाव के लिए डॉक्टर की सलाह पर जरूर ध्यान दें। अपने ब्लड प्रेशर, खान-पान और लाइफस्टाइल का ध्यान रखें। 30 साल की उम्र के बाद अपने वजन पर नियंत्रण रखें।

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