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स्ट्रॉन्ग बोंस के लिए किस तरह की हो आपकी डाइट, ये हैं टिप्स

शरीर की हड्डियों को मजबूत बनाने के लिए सही खान-पान बहुत जरूरी है।

स्ट्रॉन्ग बोंस के लिए किस तरह की हो आपकी डाइट, ये हैं टिप्स

महिलाओं और लड़कियों में कैल्शियम की कमी के मुख्य कारण कुछ फिजिकल चेंजेज हैं, जैसे पीरियड्स, प्रेग्नेंसी, बे्रस्टफीडिंग और मेनोपॉज। इसके अलावा प्रतिदिन हमारे शरीर में स्किन, बाल और स्टूल के जरिए कुछ मात्रा में कैल्शियम बाहर निकल जाता है।

इसलिए इसका संतुलन बनाए रखने के लिए इसकी डेली जरूरत पूरी होनी चाहिए। जब शरीर में इसकी जरूरत पूरी नहीं हो पाती तब शरीर हड्डियों से कैल्शियम लेने लगता है। ऐसे में हड्डियां कमजोर होने लगती हैं और फ्रैक्चर होने की आशंका ज्यादा हो जाती है।

कमी के लक्षण

शरीर में कैल्शियम की कमी होने के प्रमुख लक्षण हैं-शरीर का विकास रुकना, दांतों का असमय गिरना, ब्लडप्रेशर बढ़ना, शरीर के वि•िान्न अंगों में ऐंठन या कंपन्न या दर्द होना, दांतों में पीलापन आ जाना, हर समय थकान महसूस होना, हड्डियों का खोखला होना या बार-बार फै्रक्चर होना, बड़ी उम्र में आॅस्टियोपोरोसिस होना, हाथ-पैरों में झनझनाहट होना और मस्तिष्क का सही ढंग से काम न करना।

क्यों है जरूरी

-कैल्शियम, हार्ट बीट्स को नॉर्मल रखता है, मसल्स के संकुचन और ब्लड क्लॉटिंग के लिए भी कैल्शियम जरूरी है।
-यह नर्वस सिस्टम के संदेश मस्तिष्क तक पहुंचाने में सहायक है।
-किसी तरह की चोट को जल्दी ठीक करने में मददगार होता है।
-हड्डियों की मजबूती के साथ-साथ लचीलापन बरकरार रखता है।

कैल्शियम के स्रोत

सब्जियां : टमाटर, ककड़ी, मूली, मेथी, करेला, चुकंदर, हरी पत्तेदार सब्जियां, अरबी के पत्ते, सलाद पत्ता, पालक।
फल : नारियल, संतरा, अनानास, आम।
डेयरी उत्पाद : दूध और दूध से बनी चीजें जैसे दही, पनीर, मट्ठा।
सूखे मेवे : बादाम, अखरोट और तिल।
अन्य पदार्थ : सोयाबीन, सोया उपमा, सोया मटर।

रहें सावधान

कैल्शियम हमारे शरीर के लिए बहुत जरूरी है। लेकिन कैल्शियम का सेवन करते हुए इसकी मात्रा पर भी ध्यान देना जरूरी है। असल में कैल्शियम खाने के साथ-साथ उसका शरीर में एब्जॉर्ब होना भी जरूरी है। इसके लिए प्रतिदिन लगभग आधे से एक घंटे तक धूप में रहें।
ध्यान रहे कैल्शियम की अधिकता भी शरीर के लिए नुकसानदेह है, क्योंकि इससे किडनी में स्टोन हो सकता है। अत: तीस साल की उम्र के बाद हड्डियों की जांच समय-समय पर कराते रहें ताकि जरूरत होने पर उपचार कराया जा सके।
प्रस्तुति-नीरा कुमार
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