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डेंगू के लक्षण, कारण और उपचार

डेंगू, मच्छर के काटने से फैलने वाली एक संक्रामक बीमारी है। इस बीमारी को केवल जागरूकता और लगातार कोशिशों के जरिए ही खत्म किया जा सकता है। इसलिए आज हम आपको डेंगू के लक्षण,कारण और उपचार बताने जा रहे हैं।

डेंगू के लक्षण, कारण और उपचार

बारिश का मौसम आते ही कई सारी बीमारियां बिना बुलाए ही हमारे घरों के दरवाजों पर दस्तक देने लगती हैं। जहां बारिश के मौसम में बाहर का कुछ भी खाने पर पेट संबंधित बीमारियां होने लगती हैं तो, वहीं घरों में पानी जमा होने से मच्छरों के पैदा होने का खतरा बढ़ जाता है।

आपको बता दें कि मच्छरों के काटने से देश में डेंगू, मलेरिया जैसी जानलेवा बीमरियों से हर साल सैकड़ों लोगों की मौत हो जाती है। डेंगू,मच्छर के काटने से फैलने वाली एक संक्रामक बीमारी है। इस बीमारी को केवल जागरूकता और लगातार कोशिशों के जरिए ही खत्म किया जा सकता है। इसलिए आज हम आपको डेंगू के लक्षण, कारण और उपचार बताने जा रहे हैं...

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डेंगू से जुड़ी जानकारी :

आमतौर पर डेंगू का मच्छर दिन में काटता है। ये मच्छर हमेशा ठंडे और जमा साफ पानी में पैदा होते हैं। ये मच्छर अक्सर घरों के 200 मीटर के दायरे में ही प्रजनन करते हैं। इसके अलावा डेंगू के मच्छर पर काली-सफेद धारियां पाई जातीं है।

डेंगू के लक्षण :

डेंगू बुखार के बारें में रोगी को मच्छर के काटने 3-14 दिन बाद लक्षणों के जरिए पता चलता है...

1. ठंड लगने वाला तेज बुखार होना।

2. लगातार सिरदर्द रहना।

3. आंखों और शरीर में दर्द रहना।

4. पेट खराब होना।

5. भूख कम लगना।

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डेंगू के कारण :

1. घर और ऑफिस में रोज सफाई का न होना।

2. पुराने-टूटे बर्तनों में पानी का जमा होना।

3. घर में अंधेरे और ठंडे माहौल का होना।

4. खिड़की-दरवाजों का अक्सर खुला रहना।

5. मच्छर मारने के उपकरणों का प्रयोग न करना।

डेंगू के उपचार :

1. डेंगू से पीड़ित व्यक्ति को पर्याप्त मात्रा में आहार और पानी लेना चाहिए।

2. डॉक्टर की सलाह से पैरसोटामोल दवाई का सेवन करें।

3. कभी भी सिरदर्द या बुखार के लिए एस्प्रीन या ब्रूफीन दवाई का सेवन न करें ।

4. डेंगू में ब्लड प्लेटलेट्स में तेजी से गिरावट आती है। इसमें वृद्धि के लिए पपीते के पतों का रस

निकाल कर सेवन करना चाहिए।

5. गिलोय की जड़ और पतों का काढ़ा बनाकर सेवन करने से भी डेंगू में आराम मिलता है।

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