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सिर्फ झगड़े से ही नहीं, ऐसे भी हो सकता है ब्रेकअप

रिश्ते में कोई उम्मीद न बची हो तो अलग होना ही बेहतर होता है।

सिर्फ झगड़े से ही नहीं, ऐसे भी हो सकता है ब्रेकअप
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किसी भी कपल के लिए ब्रेकअप करना आसान नहीं होता है। लेकिन रिश्ते में कोई उम्मीद न बची हो, तो अलग होना ही बेहतर होता है। इसलिए जब आप पार्टनर से ब्रेकअप करें, तो कुछ जरूरी बातों का ख्याल रखें, जिससे ब्रेकअप तकलीफदेय न बने। आज की जनरेशन जानती है कि अपने रिश्तों को कैसे निभाना है, साथ ही वे प्यार की अहमियत को भी समझती है। लेकिन जब कभी उन्हें लगता है कि अपने रिलेशनशिप को वह अनचाहे निभा रहे हैं, तो उससे दूर होने में ही भलाई समझते हैं। अगर आप भी ऐसी ही सिचुएशन को फेस कर रही हैं, तो ब्रेकअप के वक्त कुछ बातों का ध्यान रखें।
व्यवहार न हो अभद्रः
अगर आपका संबंध किसी निश्चित दिशा में नहीं बढ़ पा रहा है और आप उसे जबरन निभाने की कोशिश कर रही हैं, तो बेहतर है कि उस पर आपसी सहमति से विराम लगा दें। लेकिन ऐसे समय में आपका बिहेव मैच्योर होना चाहिए। हालांकि बे्रकअप करना उतना ही कठिन है, जितना कि किस्से-कहानियों में हुआ करता है। फिर भी जितना हो ब्रेकअप को शालीनता से अंजाम दिया जाए, इससे दूसरे को कम से कम दुख होता है। इसके अलावा जहां तक संभव हो अपनी पर्सनल प्रॉब्लम्स को अपने तक रहने दें और किसी तीसरे को बीच में न लाएं। सभ्य होने का तकाजा यही है कि अपने संबंधों का तमाशा न बनाया जाए।
सही समय का करें चुनावः
इसमें शक नहीं है कि ब्रेकअप दोनों के लिए मुश्किल भरा होता है लेकिन आप जितना अधिक उसे आगे बढ़ाएंगे, उसके बारे में इधर-उधर चर्चा करती फिरेंगी, उतना ही संबंध पर बिना कड़वाहट के विराम लगाना कठिन हो जाएगा। इसका मतलब यह नहीं है कि आप विराम लगाने में जल्दबाजी करें और अपने संबंध को विकसित होने का अवसर ही न दें। लेकिन अगर आपने अलग होने का मन बना लिया है, तो संबंध को जारी न रखें। ध्यान रखें कि सामने वाले ने आपके लिए अपने सब विकल्प बंद कर दिए हैं। साथ ही जब आप ब्रेकअप करने का फैसला कर लें, तो सिर्फ अपनी सुविधा के बारे में न सोचें। ऐसे समय और ऐसी जगह का चयन करें, जिसमें दूसरे व्यक्ति की भावनाओं का भी ख्याल रखा गया हो। छुट्टियों और खुशी के अवसर ऐसे नहीं हैं, जिन पर ब्रेकअप की खबर पार्टनर को दी जाए। पब्लिक प्लेस पर कभी बे्रकअप न करें। जब भावनाएं उफान पर होती हैं, तो कोई ऐसी कंडीशन बन सकती है, जिस पर बाद में अफसोस हो। कभी भी फोन, एसएमएस या सोशल नेटवर्किंग साइट के जरिए ब्रेकअप न करें।
समझदारी से करें बातः
आपसी सहमति से ब्रेकअप मुश्किल से ही होता है। इसलिए अगर कोई बात पार्टनर को चोट पहुंचाएगी, तो उसे ऐसा लगेगा जैसे उसके साथ धोखा हुआ है। अपने अपराधबोध को कम करने के लिए व्याख्या करने से बचें और उससे फासला बना लें। सबसे अच्छा तरीका आमने-सामने बैठकर बात करना है, भले ही आपके लिए ऐसा करना सुविधाजनक न हो। ब्रेकअप करने के ठोस कारण दें, जिससे पार्टनर को ठुकराए जाने का अहसास न हो और वह अलग होने के कारणों को अच्छी तरह से समझ जाए। बिना विराम लगाए बे्रकअप से उबरना किसी भयावह सपने से कम नहीं होता और दिल के जख्म भी देर से भरते हैं।
दूरी है जरूरीः
अब अगर आपने ब्रेकअप की बातचीत कर ली है और रिलेशन खत्म कर लिया है, तो अपने साथी को भी सामान्य होने के लिए स्पेस दें। उन जगहों पर न जाएं, जहां उससे मुलाकात हो सकती है। अगर आपके जीवन में कोई नया शख्स आ गया है, तो उसे डेट पर उन रेस्टोरेंट या कॉफी शॉप्स पर न लेकर जाएं, जहां आप अपने एक्स के साथ जाती थीं। कोई भी अपने बे्रकअप को याद नहीं करना चाहता। स्पेस आप दोनों के लिए ही जरूरी है। आप ब्रेकअप के बाद जिंदगी को नए सिरे से शुरू करने की कोशिश करें। सिर्फ बातें करने के लिए अपनी एक्स को कॉल न करें, ऐसा करने से दोनों के लिए ही मुश्किल होगी। ध्यान रहे कि जब ब्रेकअप हाल में हुआ हो, तो दोस्ती का कोई अर्थ नहीं होता है। इस बात को भी स्वीकार करें कि ब्रेकअप का यह मतलब नहीं कि दूसरा शख्स खराब है, बस यह मान लें कि आप एक-दूसरे के लिए नहीं बने हैं।
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