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बच्चों में दांत किटकिटाने के उपाय : अगर आपका बच्चा भी सोते समय दांत किटकिटाता है, तो ऐसे पाएं छुटकारा

आपने अक्सर बच्चों को रात में सोते समय दांत पीसते या किटकिटाते हुए देखा होगा। इसके साथ ही कई बच्चों में अंगूठा चूसने की आदत होती है। अगर आपके बच्चे में भी ऐसी कोई आदत है, तो आज हम आपको एक्सपर्ट से पूछे गए आपके सवालों के जवाब बता रहे हैं।

बच्चों में दांत किटकिटाने के उपाय : अगर आपका बच्चा भी सोते समय दांत किटकिटाता है, तो ऐसे पाएं छुटकारा

Daant kitkitane ke upay : आपने अक्सर बच्चों को रात में सोते समय दांत पीसते या किटकिटाते हुए देखा होगा। इसके साथ ही कई बच्चों में अंगूठा चूसने की आदत होती है। अगर आपके बच्चे में भी ऐसी कोई आदत है, तो आज हम आपको एक्सपर्ट से पूछे गए आपके सवालों के जवाब बता रहे हैं।

मेरे बच्चे की उम्र 6 साल है। वो सोते समय दांत बहुत पीसता है। उसे 2-3 बार कीड़े की दवाई भी दे चुकी हूं लेकिन कोई आराम नहीं है। कृपया उचित सलाह दें। - अंतरा, रोहतक

आपने कीड़े की दवा कितने महीने पहले दी थी, यह नहीं बताया। बच्चों को 6 महीने के अंतराल में डी वार्मिंग की दवा देते रहना चाहिए। असल में दांत पीसने का सीधा कारण पेट में कीड़े होना ही होता है। आप एक बार फिर बच्चे को डी वार्मिंग की दवा दें।

मेरी बेटी दो साल की है। वह हर समय अंगूठा चूसती रहती है। उसकी आदत कैसे छुड़ाऊं? - सरगम, रायपुर

छोटे बच्चे अंगूठा चूसते हैं, कई बार दांत निकलने के दौरान भी अंगूठा चूसते हैं, इसलिए आप बच्चे को टीथर पकड़ा दें, जिसे वो मुंह में डाले और अंगूठा बार-बार न चूसें।

मेरा बेटा पांच साल का है। अभी तक उसका एक भी दूध का दांत नहीं टूटा है। नीचे की तरफ कुछ दांतों के पीछे और दांत निकल रहे है। ऐसा क्यों हो रहा है? - मनीषा, चांपा

बच्चे के दूध के दांत खुद ही टूटते हैं, जब जड़ कमजोर हो जाती है और नया दांत निकलने लगता है। हालांकि कई बार नया दांत निकलने लगता है लेकिन पुराना टूट नहीं पाता है, इसमें घबराने की बात नहीं है धीरे-धीरे दांत गिर जाएंगे।

मेरा बेटा दस महीने का है। अभी-भी वो बैठता नहीं है। उसे कोई प्रॉब्लम तो नहीं है? - शशि, बिलासपुर

कुछ बच्चे जल्दी बैठना शुरू करते हैं, कुछ देर से शुरू करते हैं। आपके बेटे की उम्र अभी दस माह है, आप कुछ दिन और वेट करें। अगर इसके बाद भी बच्चा बैठना न शुरू करे तो डॉक्टर से संपर्क करें।

मेरा बेटा पांच साल का है। वो सिंगल चाइल्ड है। मैं वर्किंग वूमेन हूं, बेटा घर में अपने दादा-दादी के साथ रहता है। वैसे तो एक्टिव है, सारा दिन खुश रहता है लेकिन कभी-कभी मेरे घर पहुंचते ही गुस्सा हो जाता है, समझ नहीं आ रहा है कि ऐसा क्यों हो रहा है? - कल्याणी, भोपाल

बच्चे को क्वांटिटी टाइम के बजाय क्वालिटी टाइम देना जरूरी है। आप यह देख लें कि अभी क़्वालिटी टाइम आप दे पा रही हैं या नहीं। अगर जॉब के साथ-साथ क्वालिटी टाइम दे पाएं तो बेहतर है। आपको अपनी प्रायोरिटीज तय करनी चाहिए।
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