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सावधान! अगर आपको भी है दही खाने की आदत, तो हो सकती है ये लाइलाज बीमारी, बच्चों से रखें दूर

एक नए शोध में बेहद चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है कि दही से बने उत्पाद, खासतौर पर बच्चों के लिए बनाए गए उत्पादों में सॉफ्ट डिंक्स की तुलना में ज्यादा शर्करा हो सकती है।

सावधान! अगर आपको भी है दही खाने की आदत, तो हो सकती है ये लाइलाज बीमारी, बच्चों से रखें दूर

एक नए शोध में बेहद चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है कि दही से बने उत्पाद, खासतौर पर बच्चों के लिए बनाए गए उत्पादों में सॉफ्ट डिंक्स की तुलना में ज्यादा शर्करा हो सकती है।

टेन के लीड्स विश्वविद्यालय और सरी विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने एक शोध में पाया कि दही से बने उत्पाद में सॉफ्ट डिंक्स की तुलना में ज्यादा शर्करा होती है जिसके कारण शुगर जैसी लाइलाज बीमारी का खतरा बढ़ जाता है।

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एक नए शोध में बेहद चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है कि दही से बने उत्पाद, खासतौर पर बच्चों के लिए बनाए गए उत्पादों में सॉफ्ट ड्रिंक्स की तुलना में ज्यादा शर्करा हो सकती है।

अगर ज्यादा मात्रा में दही खाया जाता है तो इससे शुगर लेवल बढ़ने की सम्भावना बढ़ जाती है। बता दें कि शुगर एक लाइलाज बीमारी है, जिसका कोई परमानेंट इलाज नहीं है।

इससे बच्चों में मोटापा और दांत खराब होने का खतरा है। दही तथा अन्य दुग्धोत्पादों को स्वास्थ्य वर्धक माना जाता है। इन्हें ‘अच्छे बैक्टीरिया' का बेहतरीन स्रोत तो माना ही जाता है। साथ ही, इनमें प्रोटीन, कैल्शियम, आयोडीन और विटामिन बी भी होते हैं।

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ब्रिटेन के लीड्स विश्वविद्यालय और सरी विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं नें 2016 अक्टूबर और नवंबर में ब्रिटेन के पांच प्रमुख ऑनलाइन सुपरमार्केट श्रृंखला में मिलने वाले दही और दही से बने कम से कम 900 उत्पादों के पौष्टिक तत्वों का आकलन किया।

इन उप्तादों को आठ श्रेणियों में बांटा गया। कम वसा और कम शर्करा को यूरोपीय संघ नियामकों के मुताबिक वर्गीकृत किया गया। आकलन में पता चला कि नेचुरल और ग्रीक योगर्ट को छोड़ सभी श्रेणी के उत्पादों में शर्करा की औसत मात्रा काफी ज्यादा थी। शोधकर्ताओं का कहना है कि दही से बने सभी उत्पाद उतने स्वास्थ्यवर्धक नहीं होते जितना उपभोक्ता उन्हें समझते हैं।

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