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कोरोनरी आर्टरी डिजीज: हो सकता है हार्टअटैक

कोरोनरी आर्टरी डिजीज से हृदय की धमनियों में ब्लॉकेज हो जाता है।

कोरोनरी आर्टरी डिजीज: हो सकता है हार्टअटैक
नई दिल्ली. कोरोनरी आर्टरी डिजीज एक ऐसी बीमारी है, जिसमें हृदय की धमनियों में ब्लॉकेज हो जाता है। ऐसा होने से हृदय का रक्त प्रवाह बाधित होता है। इससे हार्ट अटैक होने का खतरा बढ़ जाता है। लेकिन हेल्दी डाइट, रेग्युलर एक्सरसाइज और वेट कंट्रोल करके इससे बचा जा सकता है।
अव्यवस्थित दिनचर्या और व्यस्त जीवनशैली के कारण हमारा खान-पान और रहन-सहन बिल्कुल बदल चुका है। नतीजा, आज बड़ी उम्र ही नहीं मध्यम आयु वर्ग और युवा वर्ग में भी हृदय रोग एक आम समस्या बन गई है। इतना ही नहीं, आजकल पुरुषों के साथ महिलाएं भी हृदय रोगों का शिकार हो रही हैं। इनके होने का प्रमुख कारण है आर्टरी में ब्लॉकेज यानी कोरोनरी आर्टरी डिजीज। जानते हैं, इसके कारण, लक्षण और उपचार के बारे में।
कारण
जब हृदय की धमनी यानी आर्टरी में सत्तर फीसदी से ज्यादा रुकावट आ जाती है तो इस स्थिति को कोरोनरी आर्टरी डिजीज (सीएडी) कहते हैं। यह रुकावट इन धमनियों में कोलेस्ट्रॉल जम जाने के कारण होती है। इस धमनी में ब्लॉकेज हो जाने पर रक्त के थक्के जम जाते हैं। जिससे रक्तका प्रवाह पूरी तरह अवरुद्ध हो जाता है। ऐसे में हृदय को ऑक्सीजन और पोषक तत्वों से युक्त रक्त पहुंचाने वाली धमनियां क्षतिग्रस्त या रोगग्रस्त हो जाती हैं, इनमें ब्लॉकेज बन जाते हैं। ऐसी स्थिति में मरीज को हार्ट अटैक होने की संभावना बढ़ जाती है। हाई बीपी के मरीजों में इसके होने का सबसे अधिक खतरा रहता है।
लक्षण
इस बीमारी के सामान्य लक्षण हैं एंजाइना या छाती में दर्द। छाती में भारीपन, असामान्यता, दबाव, जलन, ऐंठन। कई बार इन लक्षणों को हम इनडाइजेशन यानी अपच या हार्टबर्न समझने की भूल कर बैठते हैं। यह एंजाइना कंधे, बांह, गर्दन, गला, जबड़े या पीठ में भी महसूस किया जा सकता है। इस बीमारी के दूसरे लक्षणों में प्रमुख है सांस उखड़ना, धड़कनों का तेज होना, कमजोरी या चक्कर आना, बहुत अधिक पसीना आना।
उपचार
इस स्थिति में बाइपास सर्जरी द्वारा इलाज किया जाता है। ऐसे में ऑपरेशन द्वारा रोगी के छाती की यानी मैमरी आर्टरी, हाथ की रेडियल आर्टरी या पैर की सफेनस वेन निकालकर हृदय की ब्लॉकेज वाली धमनी के आगे जोड़ दी जाती है। इस प्रक्रिया से रक्त प्रवाह फिर से पहले की तरह हो जाता है। एंजियोप्लास्टी और कोरोनरी स्टंट के द्वारा भी इस बीमारी का उपचार किया जाता है।
नीचे की स्लाइड्स में जानिए, क्या है इससे बचाव के उपाय -
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