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जुकाम का इलाज : ये है जुकाम का रामबाण इलाज

Cold Treatment In Hindi: सर्दी के मौसम में जुकाम बहुत आसानी से लोगों को अपनी चपेट में ले लेता है। लेकिन इसे मामूली बीमारी समझकर ध्यान न देने पर यह शारीरिक कार्यक्षमताओं को भी प्रभावित करता है। ऐसे में जुकाम होने पर कुछ बातों पर ध्यान देने की जरूरत होती है।

जुकाम का इलाज : ये है जुकाम का रामबाण इलाज

Cold Treatment In Hindi: सर्दी के मौसम में हर कोई गूगल पर जुकाम का इलाज (Cold Treatment) खोजने लगता है क्योंकि इन दिनों हर दूसरा शख्स खांसता, छींकता या सिरदर्द से परेशान दिखता है। आम धारणा है कि जुकाम का कोई इलाज न भी कराएं तो यह चार-पांच दिनों में ठीक हो जाती है, लेकिन यह तो हुई सुनी सुनाई बात। अब जानिए हेल्थ एक्सपर्ट्स (मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. विकास अग्रवाल) जुकाम के बारे में क्या कहते हैं। जानिए सर्दियों में जुकाम का रामबाण इलाज...

जुकाम के लक्षण (Cold Symptoms)

  1. कॉमन कोल्ड यानी जुकाम (नाक से पानी बहना, खांसी, हल्का बुखार) के लिए कोई एक-दो नहीं बल्कि 200 से ज्यादा वायरस जिम्मेदार होते हैं।
  2. ये आपकी बॉडी के इम्यून सिस्टम से बचने में माहिर होते हैं। आमतौर पर सर्दियों में कॉमन कोल्ड की समस्या ज्यादा होती है।
  3. कुछ स्वास्थ्य विज्ञानी इसकी वजह सर्दियों में घर के अंदर रहने, इंफेक्टेड सरफेस और लोगों के संपर्क में रहना मानते हैं।
  4. वयस्कों को साल में दो-तीन बार और बच्चों को आठ बार से ज्यादा बार कॉमन कोल्ड की शिकायत हो सकती है।
  5. जुकाम से व्यक्ति की उत्पादक क्षमता में 26 फीसदी तक गिरावट आ सकती है।

जुकाम क्यों होता है ?

सर्दियों की सूखी हवा में जब हम सांस लेते हैं तो हवा से म्यूकोसल लाइनिंग सूख जाती है, जो नैसल कैविटी को प्रोटेक्ट करती है। ऐसा होने पर हमारा शरीर हानिकारक जीवाणुओं को बाहर नहीं रोक पाता और ये श्वसन प्रणाली में आसानी से प्रवेश कर जाते हैं। ड्यूक इंटीग्रेटिव मेडिसिन, नॉर्थ कैरोलीना की विशेषज्ञ डॉ. इवांजैलीन लॉसियर बताती हैं, 'ऐसे में हमारा शरीर वायरस को बाहर निकालने के लिए अतिरिक्त म्यूकस प्रोड्यूस करती है। यह वायरस से लड़ने का हमारे शरीर का तरीका है। ऐसे में ज्यादा से ज्यादा तरल पदार्थों का सेवन फायदेमंद होता है।'

जुकाम का देसी इलाज (Cold Treatment In Hindi)

-जुकाम के दौरान जब आराम करें तो पीठ के बल फ्लैट न लेटें। इससे कंजेशन नाक से गले की ओर चला जाता है, जिससे गले में खराश और खांसी होने लगती है। लेटे हुए खांसी आना काफी असुविधाजनक होता है। ऐसे में आपको तकिए के सहारे सिर ऊंचा कर लेना चाहिए। इससे म्यूकस आसानी से निकल जाता है।

-यूनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन द्वारा किए अध्ययन की मानें तो हल्की एक्सरसाइज करते रहने वालों में जुकाम की समस्या कम होती है। यूएस नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन के अनुसार एक्सरसाइज से फेंफड़ों और श्वसन प्रणाली में मौजूद जर्म्स फ्लश आउट हो जाते हैं।

-जुकाम के दौरान गर्म सूप, और रसम, जैसे नमकीन पेय का सेवन फायदेमंद होता है।

-जुकाम में विटामिन सी लाभकारी होता है लेकिन इसे दवा के रूप में न लेकर प्राकृतिक स्रोत यानी फल-सब्जियों के माध्यम से लेना चाहिए।

-जिंक हमारी म्यूकोसल लाइनिंग को स्ट्रॉन्ग करता है। जिंक रिच फूड का नियमित सेवन करने की आदत फायदेमंद होती है।

-जब भी जुकाम हो हाइजीन का ज्यादा से ज्यादा ध्यान रखें। भोजन करने से पहले साबुन से हाथ धोएं। रिमोट कंट्रोल, डोर नॉब और अन्य सरफेस कम से कम छुएं या उनकी सफाई का पूरा ध्यान रखें।

-नमक मिले, गुनगुने पानी से गरारे करना एक अच्छा उपाय है। इससे गले से तमाम नुकसानदायक बैक्टीरिया निकल जाते हैं।

रेस्ट करना बेस्ट

जुकाम की सबसे अच्छी दवा आराम करना है। जब शरीर वायरस से लड़ रहा होता है, तो दूसरा कोई काम करने के मूड में नहीं होता। अगर आप आराम नहीं करते हैं तो जुकाम आपकी सेहत को कहीं ज्यादा नुकसान पहुंचा सकता है। इसका असर ब्रेन तक पर हो सकता है।

'ब्रेन, बिहेवियर एंड इम्यूनिटी' में प्रकाशित अध्ययन के मुताबिक जुकाम से पीड़ित लोगों में एकाग्रता की कमी, नेगेटिव मूड साइकोमोटर स्लोइंग (विचार करने की क्षमता में गड़बड़ी) और प्रतिक्रिया देने में देरी जैसी मानसिक समस्याएं हो सकती हैं।

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