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Christmas Tree History : ऐसा है क्रिसमस ट्री का इतिहास, जानें 10 रोचक बातें

क्रिसमस ट्री (Christmas Tree) के बिना क्रिसमस (Christmas 2018) का त्यौहार अधूरा माना जाता है। आपने घरों और चर्च यानि गिरिजाघरों में सजे हुए क्रिसमस ट्री को लगे जरूर देखा होगा, लेकिन क्या आपने कभी ये सोचा कि क्रिसमस ट्री (Christmas Tree) आखिर क्रिसमस (Christmas 2018) पर ही क्यों लगाया जाता है। आखिर क्यों क्रिसमस ट्री को क्रिश्चयन(ईसाई) लोग लकी मानते हैं। क्रिसमस ट्री (Christmas Tree) को लगाने की परंपरा और कहां से शुरू हुई।

Christmas Tree History : ऐसा है क्रिसमस ट्री का इतिहास, जानें 10 रोचक बातें
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क्रिसमस ट्री के इतिहास की बात करें तो क्रिसमस ट्री (Christmas Tree) के बिना क्रिसमस (Christmas 2018) का त्यौहार अधूरा माना जाता है। आपने घरों और चर्च यानि गिरिजाघरों में सजे हुए क्रिसमस ट्री को लगे जरूर देखा होगा, लेकिन क्या आपने कभी ये सोचा कि क्रिसमस ट्री (Christmas Tree) आखिर क्रिसमस (Christmas 2018) पर ही क्यों लगाया जाता है। आखिर क्यों क्रिसमस ट्री (Christmas Tree) को क्रिश्चयन(ईसाई) लोग लकी मानते हैं। क्रिसमस ट्री (Christmas Tree) को लगाने की परंपरा और कहां से शुरू हुई। इसलिए आज हम आपको क्रिसमस ट्री (Christmas Tree) के इतिहास और उससे जुड़ी अन्य रोचक और दिलचस्प बातें बता रहे हैं, जिससे आप क्रिसमस ट्री (Christmas Tree) को लगाने की परंपरा और उससे जुड़ी जानकारी को जान सकें।

क्रिसमस ट्री के इतिहास (Christmas Tree History )

क्रिसमस ट्री का इतिहास (Christmas Tree History )

सदाबहार के पेड़ों का इस्तेमाल ईसा मसीह के जन्म से पहले ही दुनिया के देशों या सभ्यताओं में पूजनीय माना जाता था। सबसे पहले चौथी सदी में रोमन साम्राज्य के समय में ग्रामीण लोग घर सजाने के लिए किया करते थे। सदाबहार के पेड़ों की शाखाओं और डालियों को सजाने के पीछे लोगों का मानना था कि इससे किसी भी तरह के जादू-टोने का असर नहीं होता है, बुरी आत्माएं, भूत-प्रेत और बीमारियां दूर रहती हैं। आपको बता दें भारत की ही तरह, प्राचीन मिस्र और रोम के लोग भी सदाबहार के पेड़ की ताकत और खूबसूरती पर यकीन करते थे।

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क्रिसमस ट्री की रोचक बातें (Christmas Tree Interesting Facts)

1.दुनिया में क्रिसमस ट्री (Christmas Tree) को लगाने की पंरपरा सबसे पहले जर्मनी में शुरू हुई थी। एक मान्यता के मुताबिक 16वीं सदी के महान ईसाई धर्म सुधारक मार्टिन लूथर, 1500 ईस्वी में क्रिसमस से पहले की शाम यानि 24 दिसंबर को एक बर्फीले जंगल से गुजर रहे थे। तभी वहां एक पेड़ की डालियां चांद की रोशनी में चमक रही थी। उन्हें वो बर्फीली डालियां चमकती हुई इतनी पसंद आई कि उन्होंने घर आकर सनोबर (सदाबहार) का पेड़ लगाया और छोटे-छोटे कैंडल से सजा दिया। इसके बाद उन्होंने जीसस क्राइस्ट के जन्मदिन के सम्मान में भी सनोबर (सदाबहार) पेड़ को कैंडल्स की रोशनी से प्रकाशित किया था। तभी से
क्रिसमस ट्री (Christmas Tree)
को सजाने की परंपरा शुरू हो गई।
2.19 वीं सदी में सबसे पहले जर्मनी में कृत्रिम क्रिसमस ट्री (Christmas Tree) बनाया गया था। इन पेड़ों को हंसों के पंख से बनाया जाता था। जो हरे रंग में रंगे होते थे जिसे एक छड़ और तारों के जरिए आपस में जोड़कर खड़ा किया जाता था।
3. सदाबहार के पेड़ या क्रिसमस ट्री (Christmas Tree) का उपयोग खाद्य सजावट में भी किया जाता था। जर्मनी में सबसे पहले क्रिसमस ट्री को सेब जिंजरब्रेड, मिठाई और वैफर्स से सजाया गया था।
4. आपको बता दें कि हमेशा क्रिसमस ट्री (Christmas Tree)
में देवदार या सनोबर (सदाबहार) पेड़ का इस्तेमाल नहीं किया जाता। क्रिसमस ट्री का स्वरूप देश के मुताबिक बदल जाता है। जैसे न्यूजीलैंड में - लाल फूलों के साथ 'पोहुताकावा' पेड़ का उपयोग किया जाता है।
5. वर्तमान में कृत्रिम क्रिसमस ट्री (Christmas Tree) पीवीसी प्लास्टिक से बने होते हैं। और उनमें से लगभग 80 प्रतिशत चीन में बनाए जाते हैं।
6. क्रिसमस ट्री (Christmas Tree) को प्यासा पेड़ भी कहा जाता है। अगर आप उसे लिविंग रूम में रखते हैं, तो क्रिसमस ट्री (Christmas Tree) को कट फ्लावर माना जाता है, जो कटता, लेकिन मरता नहीं हैं। ऐसा हम इसलिए कह रहे हैं, क्योंकि ये घर में रखने पर रोजाना लगभग 1 लीटर पानी अवशोषित कर लेता है।
7. आमतौर पर माना जाता है कि क्रिसमस ट्री (Christmas Tree) अपने तिकोने आकार की वजह से केवल सजाने में ही उपयोग में आता है, लेकिन आपको बता दें, कि बढ़े आकार के क्रिसमस ट्री (Christmas Tree) जंगली जानवरों को रहने की जगह भी देनें में सक्षम होते हैं।
8. क्रिसमस ट्री (Christmas Tree)की पत्तियां हवा से धूल और पराग के कणों को भी हटाने में भी मदद करती हैं।
9. क्रिसमस ट्री (Christmas Tree) को सबसे पहले अमेरिका के एक व्यापारी ने साल 1851 बेचना या मार्केटिंग शुरू किया था।
10. अमेरिका में हर साल लगभग 25 से 30 मिलियन असली क्रिसमस ट्री बेचे जाते हैं। इनमें से अधिकांश
क्रिसमस ट्री (Christmas Tree)
खेतों में बनाएं जाते हैं।

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