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ऐसे करें घर पर चिकगुनिया का इलाज

इनके सेवन से इस बीमारी से आसानी से छुटकारा पाया जा सकता है।

ऐसे करें घर पर चिकगुनिया का इलाज
नई दिल्ली. आमतौर पर हर बिमारियों का कोई न कोई इलाज जरूर होता है चाहे वो एलोपेथिक हो या होमियोपेथिक। आदिकाल से लेकर अब तक लोग घरेलू उपायों को ज्यादा महत्व दिया जाता हैं क्योंकि घरेलू उपचार से आपको कोई इंफेक्शन नहीं होता है, किसी तरह की कोई भी साइड-इफेक्ट नहीं होता है। जब भी आपको बीमारी होती है तो आप कोशिश करते हैं कि डॉक्टर से पहले घर पर ही कुछ उपचार कर लिया जाए। लेकिन घरेलू उपचार करने से पहले आपको ये बात जान लेनी चाहिए कि आखिर इसका इस्तेमाल क्यों जरूरी है। हाल ही में चिकनगुनिया जैसी जानलेवा बीमारी लगातार फैल रही है ऐसे में आपको पपीते के पत्ते, तुलसी की पत्ती, अजवायन, लहसुन खाने की सलाह दी जाती है, लेकिन क्या आप ये बात जानते हैं कि आखिर इन्हे खाने की सलाह क्यों दी जाती है? इसके फायदे क्या हैं? नहीं- आइए जानते हैं आखिर क्यों दी जाती है इन्हे खाने की सलाह....
1. पपीता
दरअसल, डेंगू और चिकनगुनिया जैसी बीमारी में इंसान के शरीर से प्लेटलेट्स काउंट कम हो जाते हैं। इस खतरनाक बीमारी में पपीते के पत्ते का रस पीने की सलाह इसलिए दी जाती है क्योकि इसमें चयमोपापिन और पपाइन नाम के दो ऐसे एंजाइम पाए जाते हैं, जो प्लेटलेट काउंट्स बढ़ाने में मदद करते हैं। इसलिए इनके सेवन से इस बीमारी से आसानी से छुटकारा पाया जा सकता है।

2. अजवायन

आपने अक्सर सुना होगा कि डेंगू और चिकनगुनिया में अजवायन लेने की भी सलाह दी जाती है, लेकिन कभी सोचा है आखिर ऐसा क्यों? अजवायन में थीमोल नाम का तेल पाया जाता है जो लोकल एनेस्थिसिया की तरह काम करता है, जो दर्द को कम करने में बेहद मददगार है। इतना ही नहीं इसमें एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-फंगल गुण भी पाया जाता है जो इम्यून सिस्टम को बूस्ट करने का काम करते हैं।

3. तुलसी की पत्त‍ियां
तुलसी के गुण से तो आप परिचित होंगे ही, ये इतने गुणकारी होते हैं कि इन्हे औषधि के रुप में प्रयोग किया जाता है। तुलसी हर किसी के घर में आसानी से उपलब्ध हो जाता है इसमें यूगेनोल , सिट्रोनेलालोल, लिनालूल, सित्रल, लिमोनेने और टेरपीनेयोल जैसे इसेंशियल ऑयल पाए जाते हैं। इसके अलावा इसमें एंजाइम्स मौजूद होते हैं जो कमजोरी में राहत देने का काम करते हैं। इसके सेवन से इसमें मौजूद एंटी-ऑक्सीडेंट और बीटा-कैरोटीन इम्यूनिटी को बूस्ट करने का भी काम करते हैं।

4. लहसुन
अक्सर लहसुन का इस्तेमाल सब्जियों में मसाले के तौर पर किया जाता है लेकिन इसके साथ ही इसे घरेलू औषधि के तौर पर भी इस्तेमाल किया जाता है। लहसुन में फीट-न्यूट्रिएंट्स, मिनरल्स, विटामिन और एंटी-ऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, जो इस खतरनाक बीमारी के लिए वाकई फायदेमंद है। बता दें कि लहसुन की कली में पाया जाने वाला एल्लीसिन एंटी-वायरल की तरह काम करता है इसलिए डेंगू और चिकनगुनिया जैसी भयानक बीमारी में इसे खाने की सलाह दी जाती है।

5. सहजन (सब्जी)
क्या आपको भी किसी ने सहजन खाने की सलाह दी है यदि नहीं- तो बता दें कि डेंगू और चिकनगुनिया की बीमारी में सहजन की फलियों का सूप पीने की सलाह इसलिए दी जाती है क्योकि इसमें विटामिन A और B6 पाया जाता है जो शरीर में हिम्मत और ताकत लाता है। चूंकि इस बीमारी की वजह से शरीर पूरी तरह से कमजोर हो जाता है, इसलिए सहजन का सेवन सेहत के लिए अच्छा फायदेमंद है। इसके सेवन से न सिर्फ ताकत मिलती है बल्कि मांस-पेशियां भी मजबूत होती है।

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