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हर 68 सेकेंड में एक व्‍यक्ति बनता है अल्‍जाइमर का मरीज, जानिए क्‍या है यह बीमारी

उन्हें बात बात पर ‘‘ये न करें या ये करें की हिदायतें न देकर उन्हें उनकी बॉडी लैंग्वेज के आधार पर समझें और उन्हें अपनी बॉडी लैंग्वेज से समझायें। हमारा स्पर्श उन्हें राहत देने में मददगार होता है। इला बताती हैं कि एक बार अल्जाइमर हो जाने पर इसका इलाज संभव नहीं है लेकिन हम अपनी दिनचर्या में थोड़े थोड़े बदलाव लाकर इससे बच सकते हैं।

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