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सावधान! अगर बनवाया है शरीर पर टैटू, तो इन जगहों पर नहीं मिलेगी नौकरी

अगर आपने शरीर के किसी भी हिस्से में टैटू बनवा लिया है, तो कुछ नौकरियों से हाथ धोना पड़ सकता है। कुछ नौकरियां ऐसी होती हैं, जिनमें टैटू वाले व्यक्तियों की भर्ती नहीं होती।

सावधान! अगर बनवाया है शरीर पर टैटू, तो इन जगहों पर नहीं मिलेगी नौकरी

अगर आपने शरीर के किसी भी हिस्से में टैटू बनवा लिया है, तो कुछ नौकरियों से हाथ धोना पड़ सकता है। कुछ नौकरियां ऐसी होती हैं, जिनमें टैटू वाले व्यक्तियों की भर्ती नहीं होती।

ऐसा ही एक प्रोफेशन है भारतीय वायुसेना, जहां टैटू बनवाने पर नौकरी मिलने में मुश्किल आ सकती है। यह बात इसलिए सामने आई है क्योंकि दिल्ली हाई कोर्ट ने वायुसेना के उस फैसले को बरकरार रखा, जिसमें एयरमैन के पद पर नियुक्त एक शख्स की नियुक्ति टैटू बनवाने के कारण रद्द कर दी गई थी।

हालांकि वायुसेना कुछ खास तरह के टैटू बनवाने की इजाजत देता है। इनमें वह आदिवासियों को उनके रीति-रिवाजों और परंपराओं के मुताबिक भी टैटू बनवाने की भी परमिशन देता है।

ये है आरोप

जस्टिस हिमा कोहली और जस्टिस रेखा पाटिल की बेंच ने कहा आरोपी एयरमैन ने बदन पर जो टैटू बनवाया था, वह वायुसेना की गाइडलाइंस के दायरे में नहीं आता। इसके अलावा अभ्यर्थी ने आवेदन जमा करते समय भी अपने टैटू की तस्वीर नहीं सौंपी थी। जबकि वायुसेना की तरफ से जारी विज्ञापन में इसके लिए निर्देश दिए गए थे।

वायुसेना का पक्ष

वायुसेना के वकील ने यह स्पष्ट किया कि शरीर के कुछ हिस्सों जैसे बांहों के अंदरूनी हिस्से, हाथ के पिछले हिस्से या हथेली के निचले हिस्से में ही स्थायी टैटू की इजाजत है। साथ ही टैटू बनवा चुके आदिवासी अभ्यर्थियों की अगर बात की जाए तो इस मामले में सिर्फ ऐसे टैटू की इजाजत है, जो उनके रीति-रिवाज और परंपराओं से जुड़े हुए हों।

अभ्यर्थी की प्रतिक्रिया

वकील ने बताया कि फिलहाल अभ्यर्थी की स्वीकार्यता या अस्वीकार्यता का फैसला चयन समिति करेगी। वहीं याचिकाकर्ता ने एयरमैन पद पर अपनी नियुक्ति रद्द करने के वायुसेना के फैसले को चुनौती देते हुए कहा था कि उसकी तरफ से जमा किए प्रमाण-पत्र में उसने टैटू होने की जानकारी दी थी।

खारिज हुई अर्जी

लिहाजा अदालत ने उसकी दलीलों को स्वीकार न करते हुए अर्जी खारिज कर दी और कहा कि याचिकाकर्ता के बदन पर बना टैटू वायुसेना की गाइडलाइंस में नहीं आता। इसलिए नियुक्ति रद्द करने वाले आदेश में कोई खामी नहीं है।

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