Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh
Breaking

लाइफस्टाइल से नहीं, किस्मत खराब होने से होता है कैंसरः रिसर्च

कैंसर को लेकर जर्नल सायेंस ने आंकड़े पब्लिश किए हैं।

लाइफस्टाइल से नहीं, किस्मत खराब होने से होता है कैंसरः रिसर्च
नई दिल्ली. हम सब के शरीर में कैंसर उत्पन्न करने वाली कोशिकाएं होती हैं लेकिन वे पूरे शरीर में बिखरी होती हैं। अगर वे एक जगह मिलकर हमला करते हैं, तब वो गंभीर बीमारी कैंसर का रूप ले लेती है।
कैंसर को लेकर शोधकर्ताओं ने नई रिपोर्ट तैयार की है, जिसके अनुसार कैंसर होना बदकिस्मती है ना कि आपके लाइफस्टाइल से। आपने कभी सोचा है कि कैंसर जैसी बीमारी कुछ ही लोगों को क्यों होती है।
टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार, डीएनए में होने वाले इत्तफाक बदलाव या गलतियां ही इंसानों में होने वाले दो तिहाई कैंसर की वजह होती है। इन बदलावों के पीछे ज़िम्मेदार न ध्रूमपान है, न हानिकारक केमिकल्स और न ही आनुवांशिक फैक्टर। ये चांस से होने वाली घटनाएं हैं जो मलेक्यूलर लेवल पर होती हैं। दूसरे शब्दों में कहें तो कैंसर किसी को भी हो सकता है।
इस नई स्टडी को यूएस के बॉल्टिमोर स्थित जॉन हॉपकिन्स किमेल कैंसर सेंटर के वैज्ञानिकों ने किया और 24 मार्च को जर्नल सायेंस में इसे पब्लिश किया गया था। इस स्टडी में 69 देशों से जिसमें भारत भी शामिल है। डेटा कलेक्ट कर स्टैटिस्टिकल अनैलेसिस किया गया। इस स्टडी में करीब 4.8 अरब लोगों को शामिल किया गया था।
शोधकर्ताओं ने सभी 32 प्रकार के कैंसर के बारे में पढ़ाई की और अनुमान लगाया कि 66 प्रतिशत कैंसर कॉपी एरर की वजह से, 29 प्रतिशत खराब लाइफस्टाइल या पर्यावरण संबंधी फैक्टर्स और बचा हुआ 5 प्रतिशत आनुवंशिक कारणों से होता है।
मेल स्पर्म के फीमेल एग से मिलने पर जब पहली कोशिका बनती है तब से लेकर आगे तक कोशिकाओं के लगातर हो रहे विभाजन से ही मनुष्य के शरीर का विकास होता है। हर बार जब कोई कोशिका 2 भाग में विभाजित होती है तो डीएनए को ढोने वाला जेनेटिक कोड कॉपी हो जाता है। वैज्ञानिक जो कह रहे हैं उसके मुताबिक, जेनेटिक कोड कॉपी होने की इस प्रक्रिया में जो गलतियां होती हैं वह धीरे-धीरे एकत्रित होने लगती हैं और आखिरकार जाकर कैंसर की वजह बनती हैं।
खबरों की अपडेट पाने के लिए लाइक करें हमारे इस फेसबुक पेज को फेसबुक हरिभूमि, हमें फॉलो करें ट्विटर और पिंटरेस्‍ट पर-
Next Story
Top