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मधुमेह को नियंत्रित करता है करेला, रिसर्च में आया सामने

करेला के एक्सट्रेक्ट को नीदरलैंड में हुए एक रिसर्च में मधुमेह को घटाने में उपयोगी सिद्ध पाया गया है

मधुमेह को नियंत्रित करता है करेला, रिसर्च में आया सामने
सीहोर. मधुमेह यानी शुगर के रोगियों के लिए अच्छी खबर है। करेला मधुमेह से पीड़ित लोगों का भला कर देगा। यही नहीं कुंदरू, विजयशल, गुड़मार, मैथी, नीम, आंवला व बेलपत्र का प्रयोग मधुमेह के रोगियों के लिए लाभदायक पाया गया है।करेला के एक्सट्रेक्ट को नीदरलैंड में हुए एक रिसर्च में मधुमेह को घटाने में उपयोगी सिद्ध पाया गया है। यह बात डॉ. नरेन्द्र सिंह लोधी ने आयुष विंग अस्पताल में शुक्रवार को मधुमेह रोग पर आयोजित कार्यशाला में कही।
र्श्री लोधी ने कार्यशाला में रोगियों के आहार विहार के संबंध में चर्चा करते हुए बताया कि कुंदरू को सब्जी के रूप में इस्तेमाल करते हैं। इससे रक्त में शुगर के स्तर कम होता है। विजयझार एक पौधा है, जिससे इन्सुलिन र्शावित ज्यादा मात्रा में होती है। गुड़मार नष्ट हुई वीटा कोशिकाओं को पुनर्जीवित कर देती है। इसके निरंतर प्रयोग करने से इन्सुलिन अच्छी तरह बनने लगता है।
आयुष विंग अस्पताल में हुआ आयोजन
जिला आयुष अधिकारी डॉ. सिंह ने बताया कि मधुमेह के रोगियों को अधिक समय तक बैठे रहना अथवा आराम करना, भोजन के बाद दिन में सोना, नया अनाज चावल, दही,मौसम्बी, केला, अनार, अंजीर, चीकू, सेव, चीनी, गुड, मिर्शी, आलू से परहेज रखना नितांत आवश्यक है। धूम्रपान-मद्यपान रोग को बढ़ाते हैं। मल एवं मूत्र के वेग को रोकना नहीं चाहिए। नियमित रूप से प्राणायाम व मण्डूक जैसे कुछ आसन करना चाहिए, जिससे पेट में अग्नाशय पर दबाब पड़ता है। कपालभाती प्राणायाम करने से विशेष लाभ होता है। आसन एवं प्राणायाम के पश्चात शवासन करना आवश्यक होता है। तनावरहित जीवनशैली व्याधियों से बचने के लिए आवश्यक है ।
नीचे की स्लाइड्स में पढ़िए, कैसे करेला है काम का-

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