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बढ़ती उम्र की बीमारियों को चुटकियों में देनी है मात, तो आजमाएं न्यूट्रीशस डाइट

हमारी डाइट तब तक कंप्लीट नहीं मानी जाती है, जब तक उसमें सभी जरूरी न्यूट्रीएंट्स संतुलित मात्रा में शामिल न हों। इनकी सही मात्रा बॉडी को हेल्दी रखती है और बीमारियों से भी बचाव करती है। जानिए, किन फूड आइटम्स में कौन से न्यूट्रीएंट्स मौजूद होते हैं।

बढ़ती उम्र की बीमारियों को चुटकियों में देनी है मात, तो आजमाएं न्यूट्रीशस डाइट

महिलाएं चाहे काम-काजी हों या वर्किंग, उन पर घर के हर सदस्य की जिम्मेदारी होती है। लेकिन जब बात अपनी सेहत की आती है तो वे अकसर लापरवाह बनी रहती हैं। जबकि ऐसा करना सही नहीं है।

इस वजह से मिडिल एज तक आते-आते हेल्थ से जुड़ी कई तरह की प्रॉब्लम होने लगती हैं। बढ़ती उम्र में आप इन समस्याओं से दो-चार न हों इसके लिए डाइट को लेकर कॉन्शस रहना होगा। इसमें सभी तरह के न्यूट्रीएंट्स को शामिल करें।

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फैट

फैट यानी वसा महिलाओं के लिए जरूरी पोषक तत्व है। यह रोजाना के कामों के लिए शरीर को आवश्यक ऊर्जा प्रदान करता है। इसके अलावा यह दिमाग के विकास और शरीर को सुरक्षित रखने में भी मदद करता है। फैट के लिए अपनी डाइट में दूध और दूध से बने प्रोडक्ट जैसे पनीर, मक्खन, क्रीम और घी शामिल करें।

प्रोटीन

प्रोटीन कोशिकाओं की मरम्मत, एंजाइम और हार्मोन के निर्माण में सहायक है। यह मांसपेशियों, उपास्थि (कार्टिलेज), त्वचा, रक्त, नाखून और बालों का एक प्रमुख कंपोनेंट है। प्रोटीन युक्त भोजन के लिए डाइट में मीट, मछली, अंडा, दूध, पनीर, बींस और मटर शामिल करें।

कार्बोहाइड्रेट

कार्बोहाइड्रेट शरीर को ऊर्जा प्रदान करता है। कार्बोहाइड्रेट में शुगर, स्टार्च और सेलुलोज को शामिल किया जाता है। अगर कार्बोहाइड्रेट को उचित मात्रा में और सही तरीके से खाया जाए तो यह महिलाओं को कई खतरनाक बीमारियों से बचाता है।

इससे वजन भी नियंत्रित रहता है। कार्बोहाइड्रेट साबुत अनाज, फलियों, कम वसा वाले दूध के प्रोडक्ट, गेहूं, ज्वार, बाजरा, आलू, केला और फाइबर युक्त फल, सब्जियों में पाया जाता है।

विटामिन

विटामिन केमिकल्स का एक ग्रुप है, जो शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करता है। विटामिन ए, डी, के, ई सी के अलावा विटामिन बी कॉम्पलेक्स भी होता है। इन विटामिन की जरूरत को पूरा करने के लिए मीट, दूध और अंडा खाना चाहिए।

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मिनरल

हेल्दी रहने के लिए कुछ मिनरल्स जैसे आयरन, आयोडिन, कैल्शियम, सोडियम और पोटैशियम बहुत जरूरी हैं। कैल्शियम दांतों के अलावा हड्डियों को बनाने में भी सहायक होता है। जबकि आयरन शरीर के हर भाग में ऑक्सीजन पहुंचाता है।

तो वहीं, मैग्नीशियम शरीर की तंत्रिकाओं, मांसपेशियों को मजबूत बनाता है। रक्त और कोशिकाओं में तरल पदार्थों को पोटैशियम बेहतर रखता है। आयोडिन थॉयराइड ग्रंथि को सही तरीके से काम करने के लिए जरूरी होता है। जबकि सोडियम की जरूरत तंत्रिका आवेगों (नर्व इंपल्सेस) के लिए होती है।

फाइबर

फाइबर संतुलित आहार का एक अहम हिस्सा है। यह पाचन तंत्र के सुचारु ढंग से काम करने के लिए जरूरी है। सलाद, सब्जियों, फलों में फाइबर्स पाए जाते हैं।

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