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वर्किंग महिलाएं इन योगासन को करके रह सकती हैं फिट एंड स्लिम

महिला वर्किंग हो तो उसकी जिम्मेदारी दोगुनी हो जाती है।

वर्किंग महिलाएं इन योगासन को करके रह सकती हैं फिट एंड स्लिम

हर महिला की चाहत होती है की वो हमेशा फिट एंड फाइन दिखे। लेकिन हर महिलाओं के पास घर के काम की बहुत जिम्मेदारी होती है। घर के काम में वो इतना इन्वोल्व हो जाती है की खुद के स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही बरतने लगती हैं। और यदि महिला वर्किंग हो तो उसकी जिम्मेदारी दोगुनी हो जाती है।

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रोजाना आठ घंटा ऑफिस का काम, उसके बाद शाम को अपने परिवार के काम। ऐसे में अपने लिए वक्त निकाल पाना बड़ा ही मुश्किल है। इस तरह की लापरवाही से महिलाओ का वजन भी बढ़ जाता है। साथ ही शरीर का आकार भी खराब हो जाता है।

योगा के फायदे अनगिनत हैं, इसीलिए हर किसी को योग को अपनी लाइफस्टाइल में जरूर शामिल करना चाहिए। अगर वर्किंग वूमन 24 घंटे में मात्र 24 मिनट भी योगाभ्यास के लिए देती हैं तो वह शारीरिक और मानसिक दोनों रूपों से पूरी तरह से फिट रह सकेंगी।

वर्किंग वूमन की होने वाली फिटनेस प्रॉब्लम्स-

वर्किंग वूमन को मुख्य रूप से चार तरह की समस्या ज्यादा होती है जिसमें तनाव, बैक पेन सर्वाइकल की समस्या, पेट बाहर निकलना और गैस और एसिडिटी की समस्या।

ये चारों समस्याओं से उन्हें ज्यादातर सामना करना पड़ता है।

1. तनाव के लिए- ऑफिस में काम करने के वाली महिलाओं को स्ट्रेस की सबसे ज्यादा समस्या होती है। ऐसे में उन्हें भा्रमरी और अनुलोम-विलोम प्रणायाम का अभ्यास नियमित कम से कम पांच- पांच मिनट जरूर करना चाहिए। जिसके फलस्वरूप तनाव पूरी तरह कुछ ही दिनों में गायब हो जाएगा।

2. बैक पेन के लिए- लगातार लंबे समय तक कंप्यूटर पर काम करने की वजह से बैक पेन की समस्या आम हो गई है। वो भी खास कर महिलाओं में लॉन्ग और रॉन्ग सिटिंग हैबिट की वजह से यह समस्या ज्यादा होती है। इसके लिए भुजंगासन,सवासन, धनुषासन मुख्य रूप से योगाभ्यास करना चाहिए। इससे बैक पेन की समस्या धीरे-धीरे खत्म हो जाती है।

3. पेट बाहर निकलने पर- यह समस्या आजकल सबसे आम हो गई है। वर्किंग या हाऊसवाइफ सभी इसे झेल रही हैं। पेट बाहर निकलने से शरीर बड़ौल हो जाती है। इसमें सबसे ज्यादा कारगर कपालभाती योगाभ्यास है। यह योग प्रतिदिन पांच मिनट से लेकर 15 मिनट तक करना चाहिए। इसके लिए खाना खाने से आधा घंटा पहले या फिर खाना खाने के चार घंटे बाद कभी भी अभ्यास किया जा सकता है।

4. गैस एसिडिटी होने पर- इस समस्या के लिए सबसे अच्छा योगाभ्यास पवनमुक्तासन और मंडुकासन होता है। इसके साथ ही कुछ खास पहलुओं पर भी ध्यान देने की जरूरत है।

5. खाना खाने के तुरंत बाद पानी ना पीएं।

6. कम से कम एक घंटे बाद ही पानी पीएं।

7. हल्का भोजन करें।

8. तला भुना और समालेदार भोजन से बचें।

9. रात्रि को अरबी, आलू, गोभी, राजमा, उरद, अरहर की दाल, रायता, चावल बिल्कुल भी ना खाएं।

10. खाना खाने के पांच मिनट पहले आधा गिलास पानी अवश्य पीएं।

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सावधानियां-

-योगाभ्यास नियमित करें।

-दिए गए दिशा-निर्देश को पूरी तरह से ध्यान में रखकर ही योगाभ्यास करें।

-पानी भरपूर मात्रा में पीएं।

-योगाभ्यास योगाचार्य की देखरेख में ही प्रारंभ करें, सीखने के बाद फिर अपने से शुरू करें। वीडियो का भी सहारा ले सकते हैं।

-24 घंटे में 24 मिनट स्वयं के लिए जरूर दें।

-मेडीटेशन जरूर करें, करीब पांच से शुरू करें और जिसे ४५ मिनट तक बढ़ा सकते हैं, सांसों पर ध्यान केंद्रित करें। बंद कमरे या जहां शोर-गुल ना हो रहे हो वहां इसका अभ्यास करना चाहिए।

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