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रिलेशनशिप में पर्सनल स्पेस के 5 फायदे

रिश्ता हमेशा दो लोगों के मिलने से बनता है और उसमें ''मैं'' और ''हम'' दोनों की बराबर अहमियत होती है। जितना जरूरी रिश्ते में एक-दूसरे से जुड़ना होता है,उतना ही जरूरी महत्व अपनी निजता या पर्सनल स्पेस का भी होता है ।

रिलेशनशिप में पर्सनल स्पेस के 5 फायदे
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रिश्ता हमेशा दो लोगों के मिलने से बनता है और उसमें 'मैं' और 'हम' दोनों की बराबर अहमियत होती है। जितना जरूरी रिश्ते में एक-दूसरे से जुड़ना होता है,उतना ही जरूरी महत्व अपनी निजता या पर्सनल स्पेस का भी होता है ।
क्योंकि इस पर्सनल स्पेस में ही हर व्यक्ति अपनी पर्सनेलिटी को समझता ही नहीं है बल्कि उसे और उसमें सुधार भी लाने का काम भी करता है। पर्सनल स्पेस के महत्व को समझते हुए, अब धीरे-धीरे कपल्स इसको अपनी लाइफ में अपनाने लगे हैं।
नए कपल्स एक-दूसरे के पर्सनल स्पेस के महत्व को समझ रहे हैं और पार्टनर को स्पेस देने को तैयार भी हैं। इसके साथ ही वो 'वी स्पेस' को भी उतना ही महत्व देते हैं। उन्हें मालूम है कि कब उन्हें अपना एकांत चाहिए और कब पार्टनर के साथ होना चाहिए।
अपने शौक भी वे पूरे करते हैं। इस बारे में नई पीढ़ी की सोच बिलकुल स्पष्ट है। ऐसे में आज हम आपको किसी भी रिलेशनशिप में पर्सनल स्पेस होने के फायदे बता रहे हैं...

रिलेशनशिप में पर्सनल स्पेस के फायदे :

1.रिलेशनशिप में पर्सनल स्पेस के फायदे- पर्सनल ग्रोथ - जब हम खुद के साथ वक्त बिताते हैं, तो हम करीब से अपनी कमियों को देख पाते हैं साथ ही उन कमियों को दूर करने के लिए नए-नए तरीकों को अच्छे से अपनाकर अपने में सुधार लाकर सफलता की सीढ़िया चढ़ते पाते हैं। साथ ही अपने पुराने शौकों को भी पूरा करके एक हैप्पी लाइफ जी सकते हैं।

2.रिलेशनशिप में पर्सनल स्पेस के फायदे- अपने करीबियों को टाईम दे पाते हैं - आज के दौर में लोग जब अपनी जिंदगी का सबसे ज्यादा टाईम ऑफिस में बिता देते हैं।
ऐसे में अगर उन्हें अपनी लिए पर्सनल स्पेस मिलता है तो वो सबसे पहले अपने करीबी दोस्तों और रिश्तेदारों के साथ क्वॉलिटी टाईम बिताना पसंद करते हैं, क्योंकि इससे उन्हें हमेशा पॉजिटिव एनर्जी मिलती है।
3.रिलेशनशिप में पर्सनल स्पेस के फायदे- बॉडिंग का मजबूत होना - रिलेशनशिप में सबसे जरूरी है कि दोनो ही पार्टनर्स एक-दूसरे को समझें। जब भी आपस में लड़ाई या झगड़ा हो तो एक -दूसरे से लड़ने की जगह कुछ समय अकेले में उस समस्या के बारे में सोचें और फिर अपनी बात को तर्क के साथ पार्टनर को समझाएं। इससे आपस की बॉडिंग मजबूत होने के साथ ही एक-दूसरे पर भरोसा भी बढ़ेगा।
4.रिलेशनशिप में पर्सनल स्पेस के फायदे - परेशानियों का समाना करना
- पहले जहां घर के झगड़ों को घर में ही सुलझाने की सलाह दी जाती थी, तो वहीं अब पार्टनर्स अपने घर की परेशानियों को पहले खुद आपस में सुलझाने की कोशिश करते हैं,
लेकिन असफल होने पर वो बाहर किसी करीबी रिश्तेदार, दोस्त या काउंसलर से भी शेयर करने से नहीं डरते हैं। जिससे समय रहते ही प्रॉब्लम को सॉल्व किया जा सके और रिश्ते को टूटने से बचाया जा सके।
5.रिलेशनशिप में पर्सनल स्पेस के फायदे- तलाक जैसे बड़े फैसले करने की हिम्मत आना - कई बार रिश्ते ऐसे मोड़ पर आ जाते हैं जहां दोनों ही लोग घर के बड़ो के सामने तो साथ रहने का दिखाव करते हैं,
जबकि अकेले में एक-दूसरे से कोसों दूर होते हैं। ऐसे में पर्सनल स्पेस के जरिए तलाक जैसे पैसले लेने में आसानी होती है और बोझिल रिश्ते से बाहर आने में मदद मिलती है।

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