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दिमागी बीमारियों के इलाज की बंधी उम्मीद

यह दुनिया का पहला ऐसा मस्तिष्क है, जिसके 99 फीसदी जीन और कोशिकाएं एक इंसान के दिमाग की तरह ही हैं।

दिमागी बीमारियों के इलाज की बंधी उम्मीद

नई दिल्ली. दिमागी बीमारियों का प्रभावी इलाज ढूंढने के मामले में वैज्ञानिकों को बड़ी सफलता मिली है। वैज्ञानिकों ने प्रयोगशाला में पहला ऐसा मस्तिष्क तैयार किया है, जो एक संपूर्ण मानव मस्तिष्क जैसा ही है। यह दुनिया का पहला ऐसा मस्तिष्क है, जिसके 99 फीसदी जीन और कोशिकाएं एक इंसान के दिमाग की तरह ही हैं।

शोधकर्ताओं के मुताबिक यह मस्तिष्क चार हफ्ते के भ्रूण के मस्तिष्क जितना विकसित हो चुका है। अमेरिका की ओहायो स्टेट यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने यह कमाल कर दिखाया है। यह मस्तिष्क वयस्क त्वचा की कोशिकाओं से तैयार किया है।

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शोधकर्ता रेने आनंद बताते हैं कि इस पर कई जटिल दिमागी बीमारियों के लिए विकसित की जा रही दवाओं का परीक्षण किया जा सकेगा। जिससे लाइलाज बीमारियों का इलाज ढूंढने में आसानी होगी।

वैज्ञानिकों द्वारा विकसित किया गया पहला मानव मस्तिष्क पेंसिल रबड़ के जितना बड़ा है। आकार में भले ही यह छोटा हो, लेकिन इसकी कोशिकाएं और जीन लगभग एक इंसान के दिमाग की तरह ही हैं।
प्रयोगशाला में तैयार किया गया यह मस्तिष्क कई गंभीर दिमागी बीमारी जैसे अल्जाइमर, ऑटिज्म और पर्किंसन का इलाज ढूंढने में मदद करेगा। शोधकर्ता बताते हैं कि तंत्रिका तंत्र की बीमारियों का इलाज खोजने में यह महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
मस्तिष्क शरीर का एक आवश्यक अंग होने के साथ-साथ प्रकृति की एक उत्कृष्ट रचना भी है। देखने में यह एक जैविक रचना से अधिक नहीं प्रतीत होता। परन्तु यह हमारी इच्छाओं, संवेगों, मन, बुद्धि, चित्त, अहंकार, चेतना, ज्ञान, अनुभव, व्यक्तित्व इत्यादि का केन्द्र भी होता है।
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