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बदलते मौसम में एलर्जी और इंफेक्शन से अपनों को है बचाना, तो अपनाएं ये टिप्स

इन दिनों मौसम में तेजी से बदलाव हो रहा है। ऐसे मौसम में बीमार होने की संभावना सबसे ज्यादा रहती है। खासकर बच्चे, वृद्ध और पहले से बीमार व्यक्ति को और अधिक सावधानी बरतने की जरूरत होती इस मौसम में किसी प्रकार के इंफेक्शन और एलर्जी से बचने के लिए किस तरह की सावधानी रखें, इस बारे में जानिए।

बदलते मौसम में एलर्जी और इंफेक्शन से अपनों को है बचाना, तो अपनाएं ये टिप्स

Allergies and infections Avioding Tips : सर्दी का मौसम अब जा चुका है लेकिन गर्मी पूरी तरह नहीं आई है। इसी के साथ वातावरण में भी बदलाव आना शुरू हो गया है। जहां दिन का तापमान बढ़ जाता है तो रात में हल्की ठंड रहती है। अधिकतम और न्यूनतम तापमान में ज्यादा अंतर ना होने के कारण हमारा शरीर खुद को मौसम के अनुसार आसानी से नहीं ढाल पाता। ऐसा मौसम किसी भी व्यक्ति को बीमार कर सकता है। ऐसे में खान-पान या गर्म कपड़े पहनने को लेकर की गई लापरवाही का असर सीधा स्वास्थ्य पर पड़ता है, जिसकी वजह से वायरल फीवर, गले में दर्द, खांसी, जुकाम, बदन दर्द, सिर दर्द, थकान जैसी कई परेशानियां शुरू हो जाती हैं।

हो सकता है इंफेक्शन

धर्मशिला नारायणा सुपर स्पेशिएलिटी हॉस्पिटल, दिल्ली के सीनियर कंसल्टेंट इंटरनल मेडिसिन डॉ. गौरव जैन कहते हैं, ‘मौसम में बदलाव के कारण कई बीमारियां हमारे शरीर में प्रवेश करने लगती हैं, जिनमें वायरल फीवर, एलर्जी, सर्दी-जुकाम, गले में दर्द, खराश, जोड़ों में दर्द जैसी बीमारियां मुख्य हैं। बड़ो की तुलना में बच्चों और वृद्धों पर इन बीमारियों का ज्यादा असर पड़ता है, क्योंकि उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है। बाहर से घर आने पर पंखा चलाना, गर्म कपड़े ना पहनना, प्रदूषण, धूल-मिट्टी और तेज धूप बच्चों के शरीर के संवेदनशील अंगो जैसे आंख, गला, नाक, कान और त्वचा को प्रभावित करती है, जिससे इंफेक्शन होने का खतरा अधिक रहता है। ऐसे में बच्चों के प्रति माता-पिता को लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए, बच्चों को गर्म कपड़े पहनाएं। यदि बच्चों को बुखार आदि की समस्या हो तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें, जिससे वो बीमारी से बच सके।’

पेशेंट्स रहें एलर्ट

इस मौसम में पेशेंट्स को सावधानी बरतने को लेकर नारायणा सुपर स्पेशिएलिटी अस्पताल, गुरुग्राम में इंटरनल मेडिसिन के सीनियर कंसल्टेंट डॉ. सतीश कौल कहते हैं, ‘किसी पुरानी या लंबे समय से चली आ रही बीमारी से पीड़ित मरीज़ इस मौसम के प्रभाव में जल्दी आ जाते है, क्योंकि उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता एक स्वस्थ व्यक्ति की तुलना में कमज़ोर होती है। इस मौसम में बुखार आने पर लापरवाही नहीं करनी चाहिए और तुरंत डॉक्टर के पास जाना चाहिए। अगर बुखार लगातार जारी रहे तो निमोनिया या फेफड़े में संक्रमण की समस्या हो सकती है। डायबिटीज से पीड़ित रोगियों को इस मौसम में खास सावधानी बरतने की जरूरत होती है। इन मरीजों को शुगर के इस्तेमाल से बचना चाहिए और दवाओं का नियमित रूप से सेवन करें, नहीं तो उनमें अटैक का खतरा बढ़ जाता है। यह अटैक ब्रेन और हार्ट दोनों का हो सकता है। इसलिए खान-पान का ख्याल रखें और नियमित रूप से व्यायाम करें। इस मौसम में ड्रिंक का इस्तेमाल बिल्कुल छोड़ दें।’

बरतें सावधानी

श्री बालाजी एक्शन मेडिकल इंस्टिट्यूट, दिल्ली में इंटरनल मेडिसिन के सीनियर कंसल्टेंट डॉ. अरविंद अग्रवाल, इस मौसम में सावधानी बरतने की कुछ सलाह देते हैं-
-इस मौसम में दिन में बाहर से घर आने पर या रात के समय पंखा, कूलर और एसी का प्रयोग ना करें। अचानक से शरीर का तापमान बदलने से एलर्जी
या इंफेक्शन की समस्या हो सकती है।
-सर्दी का मौसम हो या गर्मी, शरीर को हाइड्रेट रखना बहुत जरूरी है। इसलिए भरपूर मात्रा में पानी पीएं, लेकिन फ्रिज का पानी पीने से बचें। ठंडा पानी पीने से गले में इंफेक्शन या एलर्जी हो सकती है, जिससे गले में खराश और खांसी की समस्या हो सकती है।
-अपने आस-पास सफाई रखें। धूल-मिट्टी और गंदगी के कारण एलर्जी होने की संभावना रहती है, जिससे कारण आप बीमारी की चपेट में आ सकते है।
-घर से बाहर निकलते समय मुंह और नाक को रूमाल से कवर कर लें, आंखो पर धूप का चश्मा लगाएं। यह आंखो में होने वाली एलर्जी से आपको बचाता है।
-इस मौसम में आइसक्रीम, सॉफ्ट ड्रिंक और तले-भुने फूड आइटम्स के सेवन से बचें, हेल्दी डाइट लें।
-इस मौसम में छोटे बच्चों का विशेष ध्यान रखना चाहिए क्योंकि बच्चे मौसम में बदलाव के कारण बीमारी की चपेट में जल्दी आ जाते हैं। ऐसे में उन्हें
अच्छी डाइट दें और बाजार की बनी चीजें न खिलाएं।
-अगर घर में पालतू जानवर है तो उन्हें किचन से दूर रखें।
-बासी भोजन का सेवन ना करें।
-कुछ भी खाने से पहले हाथ अच्छी तरह से धो लें। फल को अच्छी तरह से धोकर ही खाएं।
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