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इन तरीकों के सुपर फूड्स से आंखों को बनाएं हेल्दी

उम्र बढ़ने के साथ ही नहीं लापरवाही बरतने पर, कम उम्र में भी बहुत से लोग आंखों की समस्या से ग्रसित हो जाते हैं। ऐसा आपके साथ न हो और आपकी आंखें हमेशा स्वस्थ रहें, इसके लिए उनकी प्रॉपर केयर करने के साथ ही अपनी डाइट में भी कुछ सुपर फूड्स को शामिल करना होगा। जानिए, कुछ ऐसे सुपर फूड्स के बारे में जो आपकी आंखों के लिए बहुत लाभकारी हैं।

इन तरीकों के सुपर फूड्स से आंखों को बनाएं हेल्दी

उम्र बढ़ने के साथ ही नहीं लापरवाही बरतने पर, कम उम्र में भी बहुत से लोग आंखों की समस्या से ग्रसित हो जाते हैं। ऐसा आपके साथ न हो और आपकी आंखें हमेशा स्वस्थ रहें, इसके लिए उनकी प्रॉपर केयर करने के साथ ही अपनी डाइट में भी कुछ सुपर फूड्स को शामिल करना होगा। जानिए, कुछ ऐसे सुपर फूड्स के बारे में जो आपकी आंखों के लिए बहुत लाभकारी हैं।

हमारे शरीर के सबसे महत्वपूर्ण और नाजुक अंगों में शामिल होती हैं आंखें। अगर इनका ख्याल न रखा जाए तो जिंदगी भर के लिए तकलीफ की वजह बन सकती है। लेकिन आमतौर पर लोग आंखों की सेहत पर उतना ध्यान नहीं देते, जितना उन्हें देना चाहिए।

रिसर्च में यह बात सामने आई है कि हमारी डाइट भी हमारी आंखों को स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। विटामिन ए, सी, ई, बीटा कैरोटिन, जिंक और ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर भोजन, आंखों को हेल्दी रखने के लिए जरूरी है। प्रॉपर न्यूट्रीशन है जरूरी

संतुलित और पोषक भोजन का सेवन करना न केवल हमारे शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए जरूरी है बल्कि यह आंखों की रोशनी बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

उचित पोषण से आंखों की समस्याओं जैसे-मोतियाबिंद, ग्लुकोमा, ड्राय आइज, एज-रिलेटेड मैक्युलर डिजनरेशन, रात में देखने में समस्या आना, धुंधला दिखाई देने में राहत मिलती है।

इनका करें सेवन

कुछ खाद्य पदार्थ ऐसे हैं, जो आंखों के स्वास्थ्य और नजर को अच्छा बनाए रखने के लिए बहुत जरूरी हैं। नियमित रूप से इनके सेवन से आंखों से संबंधित गंभीर समस्याएं नहीं होती हैं और ये सुनिश्चित करते हैं कि आंखे बेहतर ढंग से अपना काम कर सकें।

1.अंडे

अंडे को आंखों के लिए स्पेशल फूड माना जाता है। अगर आप नॉनवेजीटेरियन हैं तो आंखों की रोशनी बेहतर बनाए रखने के लिए रोज एक अंडा जरूर खाएं। अंडे के पीले भाग में विटामिन ए, ल्युटिन, जियाझेंथिन और जिंक होता है, ये सभी आंखों के स्वास्थ्य के लिए बहुत जरूरी हैं।

विटामिन ए, कॉर्निया के लिए सुरक्षाकवच का काम करता है। ल्युटिन और जियाझेंथिन, आंखों की गंभीर समस्याओं जैसे एज-रिलेटेड मैक्युलर डिजनरेशन और मोतियाबिंद के खतरे को कम करते हैं। जिंक रेटिना के स्वस्थ रखने में योगदान देता है। जिंक आंखों को रात में देखने की क्षमता को बढ़ाता है।

2.गाजर

गाजर को आंखों के लिए लाभदायक भोजन माना जाता है, ऐसे में आंखों की रोशनी बेहतर बनाए रखने के लिए गाजर का सेवन बहुत फायदेमेंद होता है। गाजर में विटामिन ए और बीटा कैरोटिन होता है। ये न केवल आंखों की सुरक्षा करते हैं बल्कि उन्हें संक्रमण और दूसरी समस्याओं से भी बचाते हैं।

गाजर में ल्युटिन नामक एंटी-ऑक्सीडेंट भी भरपूर होता है, जो रेटिना को सुरक्षा प्रदान करता है और एज रिलेटेड मैक्युलर डिजनरेशन का खतरा कम करता है।

3.डेयरी प्रोडक्ट्स

जो लोग नियमित रूप से 300 मिलिलीटर दूध या इतनी ही मात्रा में दही या अन्य डेयरी प्रोडक्ट्स लेते हैं, उनमें उम्र बढ़ने के साथ आंखों की बीमारियां होने का खतरा कम हो जाता है। डेयरी प्रोडक्ट्स में विटामिन ए भरपूर मात्रा में होता है, जो आंखों को स्वस्थ रखने के लिए जरूरी है।

विटामिन ए, रेटिना और आंखों के उन ऊतकों को हेल्दी रखता है, जो प्रकाश और रंगों की पहचान करते हैं। दही में जिंक काफी मात्रा में होता है, जो एज रिलेटेड मैक्युलर डिजनरेशन (एएमडी) के खतरे को कम करता है और रेटिना की कोशिकाओं को पोषण प्रदान करता है।

4.पालक

अगर आप नियमित रूप से कंप्यूटर पर काम करते हैं और आपकी नजर कमजोर और धुंधली हो गई है, तो आप 6 महीने तक नियमित रूप से पालक खाएं तो आपकी दृष्टि में काफी सुधार आ जाएगा। पालक में फायटोकेमिकल ल्युटिन पाया जाता है, यह आंखों को अल्ट्रावॉयलेट किरणों से क्षतिग्रस्त होने से बचाता है।

इसमें जियाझेंथिन भी काफी मात्रा में पाया जाता है। ल्युटिन और जियाझेंथिन से भरपूर भोजन मोतियाबिंद और एज रिलेटेड मैक्युलर डिजनरेशन की आशंका भी 35 प्रतिशत कम कर देता है।

5.बादाम

विटामिन ई, आंखों को स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। बादाम विटामिन ई का एक बहुत अच्छा स्रोत है। नियमित रूप से विटामिन ई का सेवन एज रिलेटेड मैक्युलर डिजनरेशन और मोतियाबिंद को रोकने में सहायता करता है। इनमें कैलोरी की मात्रा अधिक होती है, इसलिए कम मात्रा में खाएं। एक दिन में 3-4 बादाम से अधिक न खाएं।

6.मछली

मछली का सेवन ड्राय आइज की समस्या को रोकने में भी सहायता करता है। अगर आपकी नजर कमजोर है और आप कंप्यूटर पर अधिक देर काम करते हैं, तो सप्ताह में दो बार मछली का सेवन जरूर करें। मछली का सेवन करने से एज रिलेटेड मैक्युलर डिजनरेशन का खतरा भी कम हो जाता है।

सार्डिनेस, मैकेरल, सालमन, टूना जैसी मछलियां ओमेगा 3 फैटी एसिड का अच्छा स्रोत हैं। जो आंखों की पतली-पतली रक्त नलिकाओं को मजबूत और स्वस्थ रखने में सहायता करता है।

यह अत्यावश्यक फैटी एसिड आंखों में इंट्रा-ऑक्युलर फ्ल्यूड के उचित प्रवाह को बनाए रखने में सहायता करता है और ड्राई आई सिंड्रोम और ग्लुकोमा की आशंका को कम करता है। जिंक एज रिलेटेड मैक्युलर डिजनरेशन के खतरे को कम करता है और रेटिना की कोशिकाओं को पोषण प्रदान करता है।

7.संतरा

संतरों में विटामिन सी काफी मात्रा में पाया जाता है, जो आंखों को हेल्दी रखने में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसके सेवन से आंखों के ऊतकों को फायदा होता है। विटामिन सी आंखों की रक्त नलिकाओं को स्वस्थ बनाए रखने में योगदान देता है। यह मोतियाबिंद और एज-रिलेटेड मैक्युलर डिजनरेशन से लड़ने में भी सहायता करता है।

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