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13 से 19 साल तक के बच्चों के लिए खास खबर, माता-पिता गांठ बांध लें ये 5 बात

हर किसी की लाइफ में टीनएज यानि 13 से 19 साल की उम्र सबसे अहम होती है, क्योंकि इस एज में उनमें अनगिनत शारीरिक और मानसिक बदलाव होते हैं। जिसकी वजह से बच्चे गुस्सैल, चिड़चिड़े और जिद्दी हो जाते हैं। यही नहीं, टीनएज ही बच्चों के करियर को सेट करने के लिए सबसे अहम उम्र होती है, तो वहीं इस 13 से 19 की ही उम्र में बच्चों में भटकाव की स्थिति भी सबसे ज्यादा देखी जाती है। ऐसे में अगर पेरेंट्स कुछ बातों का ख्याल रखें तो इन बच्चे के साथ रिश्ते को मजबूत बनाया जा सकता है। आज हम आपको टीनएज बच्चे और पेरेंट्स के रिश्ते को मजबूत करने वाले टिप्स (Tips to Strong relation between Parents and Teenager) बता रहे हैं। जिससे बच्चे हमेशा आपसे जुड़े रहेगें और अपनी हर प्रॉब्लम को आपसे शेयर कर पायेगें।

13 से 19 साल तक के बच्चों के लिए खास खबर, माता-पिता गांठ बांध लें ये 5 बात
हर किसी की लाइफ में टीनएज यानि 13 से 19 साल की उम्र सबसे अहम होती है, क्योंकि इस एज में उनमें अनगिनत शारीरिक और मानसिक बदलाव होते हैं। जिसकी वजह से बच्चे गुस्सैल, चिड़चिड़े और जिद्दी हो जाते हैं। यही नहीं, टीनएज ही बच्चों के करियर को सेट करने के लिए सबसे अहम उम्र होती है, तो वहीं इस 13 से 19 की ही उम्र में बच्चों में भटकाव की स्थिति भी सबसे ज्यादा देखी जाती है। ऐसे में अगर पेरेंट्स कुछ बातों का ख्याल रखें तो इन बच्चे के साथ रिश्ते को मजबूत बनाया जा सकता है। आज हम आपको टीनएज बच्चे और पेरेंट्स के रिश्ते को मजबूत करने वाले टिप्स (Tips to Strong relation between Parents and Teenager) बता रहे हैं। जिससे बच्चा हमेशा आपसे जुड़ा रहेें और अपनी हर प्रॉब्लम को आपसे आसानी से शेयर कर पाए।

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टीनएज बच्चे और पेरेंट्स के रिश्ते को मजबूत करने वाले टिप्स :

1.अगर आप पेरेंट्स अपने टीनएज (13 से 19 साल) बच्चों के साथ रिश्ते को मजबूत बनाना चाहते हैं, तो सबसे पहले उन पर विश्वास और भरोसा करने सीखें और उनके साथ दोस्ताना व्यवहार करें। जिससे वो अपनी हर छोटी-बड़ी बात को बिना किसी झिझक और डर के आपसे कह पाएं। क्योंकि आमतौर पर सभी बच्चों की शिकायत होती है कि उनके पेरेंट्स को उन पर भरोसा नही है। इससे बच्चे भटकाव, कंफ्यूजन की स्थिति के साथ ही गलत रास्ते पर जाने से बच जायेगें।
2. टीनएज (13 से 19 साल) में अधिकांश बच्चे अपने करियर के बारे में सोचने लगते हैं। कुछ बच्चे पढ़ाई में अच्छे होते हैं, तो कुछ अपनी हॉबीज (म्यूजिक,खेल, डांसिग) आदि को अपना प्रोफेशन बनाना पसंद करते हैं, लेकिन अभी भी हमारे समाज में पेरेंट्स हॉबीज को करियर के रूप में स्वीकार नहीं कर पाते हैं। जिससे बच्चे और पेरेंट्स के रिश्ते में दरार आने लगती है। ऐसे में अगर आप बच्चे की हॉबीज को समझे और उसमें दिलचस्पी लें और अगर वो अपनी हॉबी में बेस्ट है, तो उसे निखारने और आगे बढ़ने में मदद करें।

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3.टीनएज में अधिकांश बच्चे अपने में होने वाले शारीरिक और मानसिक बदलावों को समझ नहीं पाते हैं। जिन्हें समझने के लिए वो अक्सर गूगल और दोस्तों का सहारा लेते हैं। जिससे कई बार गलत इंफॉर्मेंशन मिलने की वजह से वो भटक जाते हैं। ऐसे में पेरेंट्स का अपने टीनएज के बच्चों से उनमें आने वाले शारीरिक और मानसिक बदलावों के बारे में बात करना बेहद फायदेमंद रहेगा। क्योंकि इससे बच्चे खुद को बदलावों के निए मानसिक रूप से तैयार कर पायेगें।
4.टीनएज पढ़ाई और करियर के दृष्टिकोण से भी बेहद महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में अगर बच्चा पढ़ाई या करियर पर ध्यान नहीं देता है, तो पेरेंट्स समझाने के बाद उससे सख्ती करने लगते है। जो कि एक गलत तरीका है। टीनएज में बच्चे पर बार-बार गु्स्सा करने, डांटने से, बच्चे पर नकारात्मक असर का खतरा बढ़ जाता है। जिससे बच्चा परिवार से दूर होने लगता है या डिप्रेशन जैसे मानसिक रोग का शिकार हो जाता है। इस सिचुएशन से बचने के लिए पेरेंट्स को बच्चों पर सख्ती करने से बचना चाहिए और हमेशा अपनी बातों को प्यार के साथ, कारण बताते हुए समझाएं।
5. अगर आप अपने टीनएज (13 से 19 साल) बच्चों को हमेशा फोकस्ड और अनुशासित रखना चाहते या साथ ही गलत रास्ते पर जाने से रोकना चाहते हैं, तो सबसे पहले उसके दोस्तों यानि मित्र मंडली के बारे में जरूर जानें। यही नही, समय-समय पर दोस्तों से मिलते भी रहें या कभी-कभी घर पर बुलाएं। इससे आप उनकी गतिविधियों पर भी नजर रख पायगें। क्योंकि टीनएज (13 से 19 साल) में संगति का सबसे ज्यादा असर पड़ता है।
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