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मानसून सीजन में ट्रैवलिंग के लिए ये 5 जगह हैं सबसे बेस्ट

युवा घूमने-फिरने के लिए शहर के नजदीक पर्यटन स्थलों की तलाश में रहते है।

मानसून सीजन में ट्रैवलिंग के लिए ये 5 जगह हैं सबसे बेस्ट
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बरसात के सीजन में अपने शहर से आसपास घूमना लोग ज्यादा पसंद करते है। इस मौसम में सुबह जाएं और शाम तक वापस घर पहुंच जाएं।

ज्यादातर युवा घूमने-फिरने के लिए शहर के नजदीक पर्यटन स्थलों की तलाश में रहते हैं।

बरसात में राजधानी के आस-पास पड़ोसी जिलों में कई तरह के घूमने-फिरने की जगह है।

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1. रविशंकर जलाशय

  • आप पयर्टन के शौकीन हैं, तो इस मौसम में गंगरेल का नजारा आपको जरूर आकर्षित करेगा। रविशंकर जलाशय निर्माण जर्मनी की एलेस्टेम कंपनी द्वारा सन 1978 में कराया था। गंगरेल का एक मनोरम दृश्य।
  • आप यहां बोटिंग एवं उद्यान का आनंद उठा सकते हैं। गंगरेल में रुकने की उत्तम व्यवस्था है। जहां छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल द्वारा निर्मित किया गया है।
  • गंगरेल बांध में आप प्राकृतिक नजारे का लुफ्त उठा सकते हैं। गंगरेल में मां अंगार मोती का मंदिर स्थित है।
  • भक्तजन यहां प्रतिदिन दर्शनार्थ आते हैं। गंगरेल में सफर के आप रोमांच से भर जाएंगे।
  • अंगार मोती मंदिर के कुछ ही दूरी पर स्थित है। अंगार ईको एडवेंचर कैम्प।
  • यहां पर प्रत्येक कदम में आपको नए-नए एडवेंचर से गुजरना पड़ेगा।
  • जिसमें ब्रोन फायर कैट वॉक, मंकी क्रो, कमांडो नेट, टायर शोइंग, रूफ क्रॉसिंग जैसे एडवेंचर आपको रोमांचिक कर देंगे।

पहुंचे कैसे

  1. राजधानी रायपुर से मात्र 82 किलोमीटर दूर है। रायपुर से धमतरी के लिए सीधी बस की सेवा है।
  2. धमतरी शहर से 13 किमी की दूर पर है। यहां बस-टैक्सी की सुविधा है।

2. भोरमदेव

  • छत्तीसगढ़ के कला तीर्थ के रूप में विख्यात भोरमदेव मंदिर मैकल पर्वत श्रृंखला के गोद में बसा है। इसे छत्तीसगढ़ के खजुराहों के नाम से जाना जाता है।
  • यहां इस सीजन में पहाड़ियों पर सुहावने मौसम को आप नजदीक से निहार सकते हैं।
  • भोरमदेव मंदिर की खास बात यह है कि यहां 11वीं शताब्दी के अंत (लगभग 1089 ई) निर्मित इस मंदिर की स्थापत्य परंपरा में भारतीय संस्कृति एवं कला का सम्मोहक छवि व्याप्त है।
  • भोरमदेव में धर्म और आध्यात्म आधारित कला प्रतीकों के साथ-साथ लौकिक जीवन के विविध पक्ष मुखरित है।

कैसे पहुंचे

  1. भोरमदेव जाने के लिए रायपुर से 116 किमी एवं कवर्धा से 18 किमी से दैनिक बस सेवा एवं टैक्सी उपलब्ध है।

3. डोंगरगढ़

  • इस सीजन में पहाड़ी चढ़ाने के आप शौक रखते हैं, तो छत्तीसगढ़ की धार्मिक नगरी डोंगरगढ़ जाएं।
  • डोंगरगढ़ की पहाड़ी पर स्थित शक्तिरूपा मां बम्लेश्वरी देवी का विख्यात मंदिर आस्था का केन्द्र है।
  • यहां मां बम्लेश्वरी देवी के दो विख्यात मंदिर है। डोंगरगढ़ की पहाड़ी पर पहला मंदिर स्थित है, जो बड़ी बम्लेश्वरी के नाम से जाना जाता है।
  • इस मंदिर तक पहुंचने के लिए पहाड़ी पर बनी लगभग 1000 सीढ़िया चढ़नी होती है। बड़ी बम्लेश्वरी के समतल पर स्थित मंदिर छोटी बम्लेश्वरी के नाम से प्रसिध्द है।

कैसे पहुंचे

  1. राजधानी रायपुर से 100 किमी और राजनांदगांव से 36 किमी से नियमित बस सेवा एवं टैक्सी की सेवा उपलब्ध हैं।

4. राजिम

  • अगर आप नदियों के पानी और मंदिरों के दर्शन करना चाहते हैं, तो छत्तीसगढ़ के प्रयाग राज राजिम आपके एक सुन्दर जगह हो सकती है।
  • सोंढूर-पैरी और महानदी के संगम के पूर्व में बसा राजिम अत्यन्त प्राचीन समय से एक प्रमुख सांस्कृतिक केन्द्र रहा है।
  • दक्षिण कोस के नाम से प्रख्यात क्षेत्र प्राचीन सभ्यता, संस्कृति एवं कला की अमूल्य निधि संजोए इतिहासकारों, पुरातत्वविदों और कलानुरागियों के लिए आकर्षण का केन्द्र बना हुआ है।
  • राजिम में आप राजीव लोचन मंदिर, महामण्डप, अन्तराल, गर्भगृह, दानेश्वर, राजेश्वर मंदिर, कुलेश्वर महादेव मंदिर, रामचन्द्र मंदिर, पंचेश्वर महादेव मंदिर, राजिम तेलिन मंदिर, भूतेश्वर महादेव मंदिर, जगन्नाथ मंदिर, सोमेश्वर महादेव मंदिर सहित अन्य देवालयों के यहां दर्शन कर सकते हैं।

कैंसे पहुंचे

  1. राजधानी रायपुर से नियमित बस तथा टैक्सी सेवा है। यह महासमुंद, धमतरी, गरियाबंद से सुविधा है।

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5. जतमई और घटारानी

  • प्राकृतिक सौंन्दर्य और खूबसूरती के मशहूर घने जंगल और पहाड़ी में बसे जतमई और घटारानी में बारिश के मौसम में देखने का मजा कुछ भी और ही है।
  • जतमाई और घटारानी में पहाड़ी से गिरते घरना और यहां मनमोहक रूप से हर कोई को आकर्षित कर लेता है।
  • वैसे तो यहां हर मौसम में लोगों का आना-जाना रहता है। लेकिन इस सीजन में इन जगहों की खूबसूरती पानी की लहरें टूरिज्म को काफी आकर्षित करती है।

कैंसे पहुंचे

  1. जतमर्ई और घटारानी के पहुंचने के यह बस और टैक्सी की सुविधा है। रायपुर से करीब 90 किमी की दूरी है।
  2. यहां बस से सीधे पर राजिम जा सकते हैं, उसके बाद यहां से टैक्सी की सुविधा से इन जगहों पर अासानी से पहुंच सकते है।

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