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2025 तक 8 करोड़ होंगे डायबिटीज के मरीज, अनियंत्रित दिनचर्या का परिणाम

मेटाबोलिक संतुलन के लिए सुझाए गए स्वास्थ्यवर्धक पोषक आहार शरीर में इंसुलिन को स्थिर रखने में मदद करते हैं।

2025 तक 8 करोड़ होंगे डायबिटीज के मरीज, अनियंत्रित दिनचर्या का परिणाम

नई दिल्ली. भागदौड़ भरी जीवनशैली में कई युवा अनियंत्रित दिनचर्या का शिकार होते हैं और धूम्रपान जैसी गलत आदतों को अपनाने के कारण उनके शरीर में मोटापे जैसी समस्याएं आती हैं जो आगे चलकर मधुमेह का रूप ले लेती हैं। डॉक्टर इसके लिए वजन में कमी लाने और अत्यधिक वजन होने पर डॉक्टर की सलाह के साथ मेटाबोलिक सर्जरी के विकल्प पर भी विचार करने की सलाह देते हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि 2025 तक मधुमेह रोगियों की संख्या 8 करोड़ तक पहुंचने की आशंका है। जिसके कारण यह महामारी बन जाएगी। इससे निपटने के लिए विशेषज्ञ नियंत्रित व व्यवस्थित जीवनशैली, अच्छे खानपान और व्यायाम के साथ शरीर के मेटाबोलिक संतुलन पर विशेष ध्यान देने की सलाह देते हैं। आहार सलाहकार और मेटाबोलिक विशेषज्ञ तरनजीत कौर ने कहा कि मधुमेह के लक्षण होने पर या इस समस्या का पता चलने पर बिना घबराए शरीर के मेटाबोलिक संतुलन को बनाया जाए तो इस बीमारी से निजात मिल सकती है।
एक्टिव ऑर्थो संस्थान से जुड़ीं कौर के अनुसार शरीर में ग्लूकोज की मात्रा बढ़ना या इंसुलिन संबंधी समस्या सामने आना या डायबिटीज के लक्षण दिखाई देना खतरे की घंटी जरूर है, लेकिन इससे घबराना नहीं चाहिए। इससे बचने के उपाय करने के लिए लोगों के पास पर्याप्त समय होता है। मेटाबोलिक संतुलन के लिए सुझाए गए स्वास्थ्यवर्धक पोषक आहार शरीर में इंसुलिन को स्थिर रखने में मदद करते हैं। मधुमेह रोगियों को शारीरिक व्यायाम का भी ध्यान रखने की सलाह दी जाती है।
नीचे की स्लाइड्स में पढ़िए, डॉक्टरों का क्या कहना है -
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