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पीएम मोदी के खिलाफ फिर चुनाव आयोग पहुंची कांग्रेस, जानें क्या है मामला

कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने संवाददाताओं से कहा कि हम तीन मुद्दे चुनाव आयोग के पास ले गए।

पीएम मोदी के खिलाफ फिर चुनाव आयोग पहुंची कांग्रेस, जानें क्या है मामला

कांग्रेस ने प्रधानमंत्री पर 'सेना एवं जवानों को राजनीति में घसीटने' का आरोप लगाते हुए सोमवार को एक बार फिर से चुनाव आयोग का रुख किया और आग्रह किया कि मोदी को चुनाव प्रचार से कुछ दिनों के लिए रोका जाए। पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल ने प्रधानमंत्री के वाराणसी में दिए गए भाषण तथा एक चैनल को दिए साक्षात्कार में बालाकोट एयरस्ट्राइक एवं पुलवामा हमले का उल्लेख करने के लिए चुनाव आयोग दो अलग अलग ज्ञापन सौंपे।

इसके अलावा कांग्रेस ने त्रिपुरा में एक सीट पर 11 अप्रैल को हुए मतदान को 'प्रदूषित' करार दिया और इसे निरस्त करने की मांग की। कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने संवाददाताओं से कहा कि हम तीन मुद्दे चुनाव आयोग के पास ले गए। पहला मुद्दा प्रधानमंत्री की ओर से सेना के जवानों के राजनीति में घसीटने का है। यह चुनाव आयोग की ओर से तय नियम का उल्लंघन है।

इसके अलावा एक चैनल को दिए उनके साक्षात्कार का मुद्दा भी उठाया है। उन्होंने कहा कि हमने करीब एक महीने पहले मोदी और अमित शाह के खिलाफ शिकायत की थी। अब तक चुनाव आयोग ने हमारी 10 याचिकाओं पर कोई निर्णय नहीं किया है। अब हमने उच्चतम न्यायालय में अर्जी भी दी है। सिंघवी ने कहा कि प्रधानमंत्री और अमित शाह चुनाव आयोग एवं आचार संहिता से ऊपर नहीं है।

यह संदेश दिए जाने की जरूरत है। प्रधानमंत्री को कुछ दिनों के लिए प्रतिबंधित किया जाए। उन्होंने कहा कि त्रिपुरा की एक सीट के चुनाव में मतदान को प्रभावित करने की कोशिश की गई। यह चुनाव दूषित है। हमने कई उदाहरण दिए है। हमारी मांग है कि यह चुनाव निरस्त किया जाना चाहिए। कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि जब पुलवामा का हमला हुआ तो प्रधानमंत्री फिल्म की शूटिंग कर रहे थे।

जब पूरा देश शोक में था तो वह अदाकारी का शौक पूरा कर रहे थे। दुर्भाग्य है कि प्रधानमंत्री अदाकारी के लिए जिम्मेदारी छोड़कर भाग गए थे। वह सेना के शौर्य का श्रेय लेने की होड़ कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि कभी वह हेमंत करकरे की शहादत को अपमानित करते हैं और तो कभी जिम्मेदारी छोड़कर अदाकारी करते हैं। कोई दूसरा प्रधानमंत्री होता तो इस आचरण के लिए पुलवामा हमले के बाद इस्तीफा देता है।

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