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जलियांवाला बाग हत्याकांड के 100 साल, राहुल गांधी ने शहीदों को दी श्रद्धांजलि

पंजबा में अमृतसर के जलियांवाला बाग के नरसंहार कांड को आज 100 साल पूरे हो रहे हैं। इस मौके पर यहां एक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम में उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडू और पंजाब के राज्यपाल शहीदों को श्रदांजलि देंगे।

जलियांवाला बाग हत्याकांड के 100 साल, राहुल गांधी ने  शहीदों को दी श्रद्धांजलि

पंजबा में अमृतसर के जलियांवाला बाग के नरसंहार कांड को आज 100 साल पूरे हो रहे हैं। इस मौके पर यहां एक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम में उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडू और पंजाब के राज्यपाल शहीदों को श्रदांजलि देंगे। तो वहीं कांग्रेस अध्यक्ष भी शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए अमृतसर पहुंच हैं। यहां पहुंचकर राहुल गांधी स्वर्ण मंदिर में माथा टेका और इसके बाद जलियांवाला बाग के शहीदों को श्रदांजलि दी। इस मौके पर उनके साथ नवजोत सिंह सिद्धू भी मौजूद रहे।




बता दें कि बीते शुक्रवार को देश शाम पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह, राज्यपाल वीपी सिंह बदनौर ने कैंडल मार्च निकालकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान इनके अलावा कई नेता भी मौजूद रहे।

गौरतलब है कि साल 1919 में बैसाखी 13 अप्रैल को थी। इसी दिन अमृतसर के नजदीक जलियांवाला बाग में अंग्रेजों द्वारा एक भीषण नरसंहार को अंजाम दिया गया, जिसमें हजारों लोगों की जान चली गई थी।

बैसाखी के दिन पंजाब के अलावा देश के अलग- अलग हिस्सों से लोग यहां पहुंचे थे। एक दिन पहले ही अंग्रेजी हुकुमत ने कर्फ्यू लगा दिया और ऐलान किया गया था कि लोग कहीं पर भी एक साथ इकट्ठा न हो।

बैसाखी की सुबह यानी 13 अप्रैल को लोग स्वर्ण मंदिर में दर्शन करने के बाद जलियांवाला बाग में जुटने लगे। लगभग हजारों लोगों की भीड़ वहां पर जुट गई। जैसे ही इसकी भनक ब्रिगेडियर जनरल डायर लगी कि जलियांवाला बाग में लोगों की भीड़ जुटी है और मीटिंग हो रही है।

गुस्से में तमतमाया उसने पुलिस बल के साथ जलियांवाला बाग को चारो ओर से घेर लिया और बिना कोई चेतावनी दिए गोली चलाने का आदेश दे दिया। आदेश के बाद हजारों लाशें बिछ गईं। ऐसा भी बताया गया है कि जान बचाने के लिए लोगों और औरतों ने कुंआ में कूदे थे और उनकी जान चली गई।

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