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देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू का घर हो सकता है कुर्क, ये है बड़ा कारण

देश के पहले प्रधानमंत्री रहे जवाहर लाल नेहरू का घर कुर्क हो सकता है। नगर निगम की ओर से कुर्क करने से पहले नोटिस दिया गया है।

देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू का घर हो सकता है कुर्क, ये है बड़ा कारणदेश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू (फाइल)

देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू का पैतृक घर नीलाम हो सकता है। इलाहबाद नगर निगम की तरफ से संपत्तिकर जमा नहीं कराने पर नोटिस दिया है। गृहकर यदि जमा नहीं कराया गया तो उसे नगर निगम नीलाम कर देगा।

जवाहर लाल नेहरू का पैतृक घर इलाहबाद (वर्तमान प्रयागराज) में है। आनंद भवन का संपत्ति कर लंबे समय से जमा नहीं हुआ है। जिसके कारण इसके ऊपर 4.35 करोड़ रुपये का संपत्तिकर बकाया हो गया है। ऐसे में नगर निगम प्रयागराज की तरफ से नोटिस जारी किया गया है। जिसमें तत्काल संपत्ति कर जमा कराने के निर्देश दिए हैं। संपत्तिकर जमा नहीं होने पर इसे कुर्क कर दिया जाएगा। इसके संबंध में महापौर अभिलाषा गुप्ता नंदी ने कहा कि लंबे समय से संपत्तिकर जमा नहीं होने पर नोटिस भेजा गया है। दूसरी तरफ आनंद भवन से जुड़े लोगों ने इसे पुरातत्व विभाग को सौंपने का दावा किया है।

कांग्रेस पर साधा निशाना

नगर निगम प्रयागराज की महापौर ने कांग्रेस पर निशाना साधा है। महापौर का कहना है कि कांग्रेस का अभी तक संपत्ति पर कब्जा है। लेकिन 1990 के बाद से संपत्तिकर जमा नहीं दिया गया है। जबकि उससे पहले 600 रुपये के करीब संपत्तिकर दिया जाता था। महापौर ने बताया कि संपत्तिकर को लेकर नोटिस करीब 10 पहले दिया गया है।

कर जमा करने के लिए मांगी छूट

आनंद भवन प्रबंधन ने कर जमा करने से पहले छूट मांगी है। संपत्ति कर को ज्यादा बताते हुए छूट मांगी गई है। लेकिन छूट किस आधार पर संपत्तिकर से दी जाए इसको लेकर कुछ भी स्पष्ट नहीं किया है। ऐसे में अभी तक नगर निगम प्रयागराज ने कोई छूट भी नहीं दी है।

व्यावासायिक कर लगाया गया

पूर्व प्रधानमंत्री के पैतृक घर के ऊपर व्यावसायिक कर लगाया गया है। क्योंकि इंदिरा गांधी जयंती का जब आयोजन होता है तो लोगों को टिकट खरीदना पड़ता है। लोग 50 रुपये का टिकट खरीदने के बाद ही अंदर जा पाते हैं। ऐसे में अधिकारियों का कहना है कि यदि यह संपत्ति व्यावसायिक नहीं है तो टिकट क्यों बेचा जाता है। इसके अलावा यदि पुरातत्व विभाग के पास है ये घर तो सरकार का नियंत्रण इसके ऊपर क्यों नहीं है।

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