5,000 से ज्यादा उड़ानों के रद्द होने के बाद इंडिगो ने अपनी परिचालन क्षमता बढ़ाने के लिए 1000 पायलटों की भर्ती का बड़ा ऐलान किया है।

नई दिल्ली : हाल के दिनों में 5,000 से अधिक उड़ानें रद्द होने के कारण परिचालन संबंधी दिक्कतों का सामना कर रही देश की सबसे बड़ी एयरलाइन कंपनी इंडिगो अब एक बड़े विस्तार की योजना पर काम कर रही है।

अपनी सेवाओं को सुचारू बनाने और भविष्य की जरूरतों को पूरा करने के लिए कंपनी ने 1000 नए पायलटों की भर्ती करने का फैसला लिया है। खास बात यह है कि इस भर्ती प्रक्रिया में अनुभवी पायलटों के साथ-साथ फ्रेशर्स को भी अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका दिया जा रहा है।

​5000 फ्लाइट्स कैंसिल होने के बाद लिया गया सबक

​पिछले कुछ समय में तकनीकी कारणों, पायलटों की कमी और परिचालन संबंधी बाधाओं की वजह से इंडिगो को अपनी हजारों उड़ानें रद्द करनी पड़ी थीं।

इससे न केवल यात्रियों को भारी असुविधा हुई, बल्कि कंपनी की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठे थे। इस संकट से उबरने और उड़ानों के संचालन को पटरी पर लाने के लिए इंडिगो अब अपने पायलटों के बेड़े को मजबूत करने में जुट गई है।

​अनुभवी और फ्रेशर्स दोनों के लिए सुनहरा मौका

​इंडिगो की इस भर्ती योजना में दो श्रेणियों में पद निकाले गए हैं:-

कैप्टन और कमांडर्स: अनुभवी पायलटों के लिए जो विमान के संचालन में विशेषज्ञता रखते हैं।

जूनियर फर्स्ट ऑफिसर्स (फ्रेशर्स): जिन युवाओं ने हाल ही में अपना फ्लाइंग लाइसेंस प्राप्त किया है, उनके लिए इंडिगो एक बड़ा मंच तैयार कर रही है। फ्रेशर्स को उचित ट्रेनिंग के बाद बेड़े में शामिल किया जाएगा।

​विस्तार योजना और नए विमानों का आगमन

​इंडिगो ने हाल ही में बड़ी संख्या में नए विमानों (Airbus A320neo और A321neo) का ऑर्डर दिया है। जैसे-जैसे नए विमान बेड़े में शामिल हो रहे हैं, उन्हें उड़ाने के लिए अधिक क्रू मेंबर्स की आवश्यकता है। कंपनी का लक्ष्य अगले कुछ वर्षों में अपनी अंतरराष्ट्रीय और घरेलू उड़ानों की संख्या को दोगुना करना है, जिसके लिए यह भर्ती अभियान बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

​इंडिगो की नई रणनीति और ट्रेनिंग प्रोग्राम

​भर्ती के साथ-साथ इंडिगो अपने 'कैडेट पायलट प्रोग्राम' को भी तेज कर रही है। कंपनी का मानना है कि घर के भीतर से पायलटों को तैयार करना लंबे समय में अधिक टिकाऊ होगा। भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने वाले पायलटों को विश्व स्तरीय ट्रेनिंग दी जाएगी ताकि सुरक्षा और गुणवत्ता के मानकों के साथ कोई समझौता न हो।