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झारखंड : अंधविश्वास की आड़ में दो मासूमों का सिर कलम, आरोपी गिरफ्तार

झारखंड के लातेहार में मानवीयता गला घोटते हुए अंधविश्वास के नाम पर दो मासूम बच्चों की बली दे दी गई। मामला मनिका थानाक्षेत्र का बताया जा रहा है जहां दो स्कूली बच्चों का बेरहमी से सिर काट कर हत्या कर दी गई।

झारखंड : अंधविश्वास की आड़ में दो मासूमों का सिर कलम, आरोपी गिरफ्तारTwo Children murdered in Latehar Jharkhand over blind faith

झारखंड के लातेहार में मानवीयता गला घोटते हुए अंधविश्वास के नाम पर दो मासूम बच्चों की बली दे दी गई। मामला मनिका थानाक्षेत्र का बताया जा रहा है जहां दो स्कूली बच्चों का बेरहमी से सिर काट कर हत्या कर दी गई। वहीं बताया जा रहा है कि शरीर का नीचला हिस्सा बालू से ढक कर छिपा दिया गया। वे निर्वस्त्र थे।

मृत बच्चों की पहचान शीला कुमारी (7) और निर्मल उरांव (14) के तौर पर की गई है। ग्रामीणों ने जब मासूम बच्चों का शव देखा तो गांव में हड़कंप मच गया। मामले की जानकारी पुलिस तक पहुंची, पुलिस ने शव को बरामद करके पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। ग्रामीणों का कहना है कि यह नरबली के प्रथा के तहत किया गया है।

गांव वालों का कहना है कि गांव में अंधविश्वास बहुत चरम स्थिति पर है। इसी के चलते दोनों बच्चों की हत्या की गई है। घटना की खबर लगते ही आलाअधिकारी गांव में पहुंचे। इस मामले का मुख्य आरोपी सुनील उरांव को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस मामले के संबंध में पूछताछ कर रही है।

फॉरेंसिक टीम की चल रही है जांच

घटना की सूचना मिलते ही रांची से फॉरेंसिक दल पहुंच चुका है। फॉरेंसिक दल के अधिकारियों ने सुनील उरांव के घर का ताला तोड़कर घर की तलाशी ली। पुलिस ने खून से लथपथ कपड़ा बरामद की है। इसके साथ ही कई जगह खून के दाग व धब्बे मिले हैं। पुलिस के अनुसार दो दिन पहले घर में खाना भी बनाया गया था। टीम ने घर की गहनता से जांच की।

हत्या के कारणों का जल्द मालूम होंगे- एसपी

एसपी प्रशांत आनंद ने कहा कि बच्चों की गला काटकर बेहद अमानवीय तरिके से हत्या कर दी गई है। फॉरेंसिक टीम को कई साक्ष्य मिलें हैं जिसके दम पर जल्दी ही हत्या का खुलासा हो जाएगा। जांच चल रही है। उन्होंने कहा कि हम हत्या के सही कारणों का पता लगा रहे हैं क्योंकि जहां बच्चों की लाशें बरामद हुईं थीं वहां किसी भी प्रकार का पूजन सामग्री नहीं मिला था। आरोपी सुनील पहले भी कई अपराध कर चुका है इसलिए अंधविश्वास के मामले पर अटल हो जाना सही नहीं है।

आरोपी के घर फोन लाने गया था मासूम

मृतक के पिता वीरेंद्र उरांव का कहना है कि मेरा बेटा दो दिनों से गायब था, कई जगह ढूंढ़ा लेकिन कोई अता-पता नहीं चला। पिता का कहना है कि मंगलवार के दिन सुनील के ससुराल से फोन आया था, मैनें उससे बात कराने के लिए अपने बेटे से उसके घर फोन भेंजवाया लेकिन वह लौटा नहीं। घबराकर मैं कई जगह ढूंढ़ा पर कामयाबी नहीं मिल सकी। पिता ने कहा कि सुनील से जब पूछा तो उसने कहा कि वह तो फोन लेकर कब का चला गया।

इसके बाद अगले दिन जब मृतक के पिता सुबह सात बजे पहुंचे तो उसके दरवाजे पर ताला लटका दिखा। घर के इर्द गिर्द वह बच्चे को खोजने लगा, घर के पिछे अचानक वह जो देखा तो सन्न रह गया। दरअसल उसका बेटा वहां बालू में दबा दिखा, उसका पैर ऊपर की ओर दिख रहा था। अपने बच्चे की शव देखकर वह जोर जोर से चिल्लाने लगा, उसकी चीख सुनकर ग्रामीण इकट्ठा हो गए।

इसके बाद शव निकाला गया और पुलिस को सूचना दी गई। मामले में एक और खबर आई की एक और बच्ची इसी तरह से गायब हुई है जिसका अभी तक कोई अता पता नहीं चल पाया है। उसके पिता व गांव वालों को यह शक है कि सुनील ने ही कुछ किया है।

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