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तबरेज मॉब लिंचिंग केस में आरोपियों पर लगाई गई हत्या की धारा, कुछ दिन पहले हटा ली गई थी

पुलिस ने बहुचर्चित तबरेज अंसारी के साथ भीड़ की हिंसा मामले में बुधवार को दायर पूरक आरोपपत्र में उसके पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर वरिष्ठ चिकित्सकों की राय के आधार पर सभी 11 आरोपियों पर एक बार फिर से हत्या की धारा लगा दी है।

तबरेज मॉब लिंचिंग केस में आरोपियों पर लगाई गई हत्या की धारा, कुछ दिन पहले हटा ली गई थीTabrez mob lynching case Section of murder imposed on accused

झारखंड पुलिस ने सभी 11 आरोपियों पर एकबार फिर से हत्या की धारा बढ़ा दी है। इसके साथ ही पुलिस ने आज दो अन्य आरोपियों के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र दाखिल किये और उनके खिलाफ भी हत्या की धारा कायम रखी गयी है। राज्य के पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि आज सरायकेला-खरसांवा की अदालत में पुलिस ने इन 11 आरोपियों के खिलाफ पूरक आरोप पत्र दाखिल किये। इसके अलावा आज ही इस मामले के दो अन्य आरोपियों विक्रम मंडल और अतुल

महली के खिलाफ पुलिस ने आरोप पत्र दाखिल किये और उनके खिलाफ भी भारतीय दंड संहिता की अन्य धाराओं के साथ हत्या की धारा 302 के तहत मामला बनाया गया है। पुलिस ने बताया कि महात्मा गांधी मेमोरियल मेडिकल कालेज, जमशेदपुर एमजीएम अस्पताल के विशेषज्ञों की राय मिलने के बाद सभी आरोपियों के खिलाफ फिर से आरोप पत्र में 302 लगाने का निर्णय लिया गया क्योंकि उनकी रिपोर्ट में कहा गया था कि तबरेज को दिल का दौरा उसे हड्डियों में लगी चोट और हृदय में खून एकत्रित होने के कारण पड़ा।

इससे पहले अपराध विज्ञान प्रयोगशाला की रिपोर्ट में तबरेज की मौत का कारण सिर्फ दिल का दौरा पड़ना बताया गया था जिसके आधार पर पुलिस ने इस मामले में पहले 11 आरोपियों के खिलाफ दाखिल आरोप पत्र में हत्या की धारा 302 के स्थान पर भारतीय दंड संहिता की धारा 304 लगाई थी जिसका आशय था कि हत्या गैर इरादतन थी। गौरतलब है कि इस वर्ष 18 जून को झारखंड के सरायकेला-खरसावां में बाइक चोरी के आरोप में भीड़ की पिटाई के एक सप्ताह बाद 22 वर्षीय तबरेज अंसारी की मौत हो गई थी।

पुलिस ने उसकी पत्नी शाइस्ता की शिकायत पर भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत 13 नामजद लोगों में से 11 आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। दो अन्य आरोपियों के खिलाफ अभी भी जांच जारी है। तबरेज पूना में वेल्डर का काम करता था और घटना के समय अपने गांव आया हुआ था। सरायकेला खरसांवा के पुलिस अधीक्षक कार्तिक एस ने उस समय बताया था कि इस मामले की जांच में पुलिस ने जब पोस्टमार्टम रिपोर्ट देखी तो उसमें तबरेज की मौत हृदय गति रुकने के कारण हुई बतायी गयी थी।

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