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बच्चों की खरीद फरोख्त मामलाः मदर टेरेसा की मिशनरी की सिस्टर को पुलिस ने रिमांड पर लिया

रांची पुलिस ने बच्चों की बिक्री के मामले में मदर टेरेसा की संस्था मिशनरी आफ चैरिटीज की सिस्टर कंसोलिया एवं कर्मचारी अनीमा इंदवार को आज पूछताछ के लिए चार दिनों की रिमांड पर लिया जिससे पूरे रैकेट का पर्दाफाश किया जा सके।

बच्चों की खरीद फरोख्त मामलाः मदर टेरेसा की मिशनरी की सिस्टर को पुलिस ने रिमांड पर लिया

रांची पुलिस ने बच्चों की बिक्री के मामले में मदर टेरेसा की संस्था मिशनरी आफ चैरिटीज की सिस्टर कंसोलिया एवं कर्मचारी अनीमा इंदवार को आज पूछताछ के लिए चार दिनों की रिमांड पर लिया जिससे पूरे रैकेट का पर्दाफाश किया जा सके।

रांची के नगर पुलिस अधीक्षक अमन कुमार ने बताया कि मिशनरी से बेचे गये चौथे बच्चे का अब तक पता नहीं चल सका है लिहाजा उसका पता लगाने और इस कांड में शामिल रैकेट का पर्दाफाश करने के लिए पुलिस ने सिस्टर कंसोलिया और इंदवार को रिमांड पर लेकर पूछताछ करने का आवेदन मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट स्वयंभू की अदालत में दिया था जो उन्होंने स्वीकार कर लिया। पुलिस इस मामले में बेचे गये तीन बच्चों को पहले ही बरामद कर चुकी है।
इससे पूर्व कल इंडियन बिशप्स कांफ्रेंस के महासचिव बिशप थियोडोर मैस्करेनहास ने यहां दावा किया था कि मदर टेरेसा की ‘मिशनरीज आफ चैरिटी' बच्चों की खरीद-फरोख्त से जुड़े हाल में उजागर हुए रैकेट में शामिल नहीं है और यदि कोई एक सिस्टर इस मामले में दोषी भी है तो उसकी गलती के लिए पूरी मिशनरी को बदनाम नहीं किया जाना चाहिए।
इस मामले में गिरफ्तार सिस्टर कंसोलिया ने भी अपने वकील को कल बताया कि वह बच्चों को बेचने में कहीं से भी शामिल नहीं है।
उन्होंने दावा किया कि पुलिस ने दबाव में यह बयान लिया है कि उन्होंने बच्चों को बेचा था। बिशप ने दावा किया कि ऐसे में इस मामले में मिशनरीज की कहीं कोई भूमिका नहीं है। लेकिन यदि कोई सिस्टर इस पूरे प्रकरण में दोषी भी पायी जाती है तो मामले की निष्पक्ष जांच कर उसे सजा दी जानी चाहिए।
परन्तु मामले को इस तरह पेश किया जा रहा है जिससे लगता है कि पूरी मिशनरी आफ चैरिटीज ही बच्चों को बेचे जाने के लिए दोषी है। झारखंड सरकार की ओर अंगुली उठाते हुए बिशप ने आरोप लगाया कि पुलिस की कार्रवाई एकतरफा है।
बिशप के दावों का खंडन करते हुए रांची के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनीश गुप्ता ने कहा, ‘‘इंडियन बिशप्स कांफ्रेंस के महासचिव बिशप थियोडोर मैस्करेनहास द्वारा दिया गया बयान पूरी तरह गलत और बेबुनियाद है।
पुलिस ने बच्चों को बेचे जाने के मामले में मिशनरी आफ चैरिटीज की सिस्टर कंसोलिया को गिरफ्तार करने के बाद उसके बयान और उससे मिली सूचनाओं के आधार पर ही चार बच्चों में से तीन को विभिन्न स्थानों से बचाया है।'
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