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दुमका कोषागार केसः सजा से बचने के लिए लालू यादव के पास है सिर्फ ये एक रास्ता

लालू प्रसाद यादव के पास बचाव के लिए एक रास्ता और है। लालू यादव सजा से बचने के लिए सीबीआई कोर्ट के फैसले को हाईकोर्ट में चूनौती देंगे। फिलहाल उन्हें सीबीआई कोर्ट द्वारा मिली सजा की ऑर्डर कॉपी लालू यादव को नहीं मिली है।

दुमका कोषागार केसः सजा से बचने के लिए लालू यादव के पास है सिर्फ ये एक रास्ता

चारा घोटाला से संबंधित दुमका कोषागार मामले में आज सीबीआई की स्पेशल कोर्ट ने लालू प्रसाद यादव को सात साल की सजा सुनाई है। इसके अलावा सीबीआई ने लालू यादव पर 30 लाख का जुर्माना भी लगाया है।

सुप्रीम कोर्ट जाएंगे लालू यादव

हालांकि लालू प्रसाद यादव के पास बचाव के लिए एक रास्ता और है। लालू यादव सजा से बचने के लिए सीबीआई कोर्ट के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती देंगे। फिलहाल उन्हें सीबीआई कोर्ट द्वारा मिली सजा की ऑर्डर कॉपी लालू यादव को नहीं मिली है।

जुर्माना न भरने पर एक साल की अतिरिक्त जेल

लालू यादव अगर जुर्माना नहीं भरते हैं तो एक साल सजा और बढ़ा दी जाएगी। कहा जा रहा है कि लालू यादव को आईपीसी की दो अलग-अलग धाराओं में सात साल की सजा सुनाई गई। इसके साथ ही प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट के तहत भी सात साल की सजा सुनाई गई है।

14 साल की सजा, 60 लाख का जुर्माना

सूत्रों की माने तो लालू यादव की दोनों सजाएं अलग-अलग चलेंगी। इसके साथ ही दोनों धाराओं में तीस-तीस लाख का जुर्माना लगाया गया है। इस हिसाब से लालू यादव को 14 साल जेल में काटने होंगे और 60 लाख रुपए जुर्माना देना होगा।
हालांकि सजा की कॉपी आने के बाद पूरी तरह से पता चल पाएगा कि लालू यादव को सीबीआई कोर्ट द्वार दी गई सजा अलग-अलग होगी या फिर एक साथ ही।

न्यायधीश शिवपाल सिंह ने सुनाया फैसला

न्यायाधीश शिवपाल सिंह ने दिसंबर 1995 से जनवरी 1996 तक दुमका कोषागार से फर्जी तरीके से 3.13 करोड़ रुपये निकालने के मामले में यह फैसला सुनाया है।
दुमका कोषागार में करोड़ों रुपए के गबन के मामले में सोमवार (19 मार्च) को दोषियों की सजा के बिंदु पर कोर्ट ने सुनवाई पूरी कर ली थी। CBI के विशेष न्यायाधीश शिवपाल सिंह की अदालत में वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए मामले की सुनवाई हुई थी।

चौथे मामले में सुनाई सजा

आखिरी दिन 5 दोषियों का मामला कोर्ट में था। आखिर में कोर्ट ने बचाव पक्ष और सीबीआई की दलील सुनकर तय किया कि बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री व राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव समेत 19 दोषियों को शनिवार को सजा सुनाई जाएगी। ये चारा घोटाला में चौथा मामला है, जब लालू को सजा सुनाई गई है।

3 मामलों में पहले ही हो चुकी है सजा

लालू यादव को चारा घोटाले के तीन मामलों में पहले ही सजा हो चुकी है। लालू को देवघर कोषागार एवं चाईबासा कोषागार के गबन के दो मामलों में क्रमशः 23 दिसंबर एवं 24 जनवरी को दोषी ठहराया जा चुका है। देवघर मामले में लालू की जमानत याचिका उच्च न्यायालय खारिज कर चुका है।

इन 19 अभियुक्तों को ठहराया गया दोषी

राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव समेत फूलचंद सिंह, सचिव, ओपी दिवाकर, क्षेत्रीय निदेशक, विमल कांत दास, वेटनरी ऑफिसर, केके प्रसाद, वेटनरी ऑफिसर, मनोरंजन प्रसाद, वेटनरी ऑफिसर, नंद किशोर प्रसाद, वेटनरी ऑफिसर, पंकज मोहन भुई, एकाउंटेंट, पितांबर झा, वेटनरी ऑफिसर, रघुनाथ प्रसाद, वेटनरी ऑफिसर, राधा मोहन मंडल, वेटनरी ऑफिसर, एसके दास, असिस्टेंट, गोपी नाथ दास, प्रोपराइटर, राधा फार्मेसी, एमएस बेदी, प्रोपराइटर सेमेक्स क्रायोजेनिक्स, अरुण कुमार सिंह, पार्टनर विश्र्वकर्मा एजेंसी, अजित कुमार शर्मा, प्रोपराइटर लिटिल ओक, राजकुमार शर्मा, ट्रांसपोर्टर, आरके बगेरिया, ट्रांसपोर्टर, नरेश प्रसाद और प्रोपराइटर वायपर कुटीर को सजा सुनाई जाएगी।
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