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POCSO एक्ट के तहत जल्द बनाए जाएंगे 22 फास्ट ट्रैक कोर्ट, जानें क्या है नियम

झारखंड के नए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बलात्कार से जुड़े संघीन मामलों में पीड़िता को जल्द से जल्द न्याय दिलाने के लिए 22 फास्ट ट्रैक अदालतें बनाने का आदेश दिया है। जिस पर 176 पदों की मंजूरी भी मिल गई है।

POCSO एक्ट के तहत जल्द बनाए जाएंगे 22 फास्ट ट्रैक कोर्ट, जानें क्या है नियमPOCSO Act

झारखंड में नई सरकार बनने के बाद एक पहल की जल्द ही शुरुआत होगी। बलात्कार से जुड़े संघीन मामलों में पीड़िता को जल्द से जल्द न्याय दिलाया जाएगा। इस पहल पर जेएमएम की सरकार ने इन अपराधों में जल्द सुनवाई के लिए 22 फास्ट ट्रैक अदालतें बनाने का आदेश दिया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के प्रस्ताव पर 176 पदों की मंजूरी मिल गई है।

इस एक्ट के जरिए 22 विशेष अदालत बनाया जाएगा, जिसमें प्रत्येक अदालत में एक अपर जिला और सत्र न्यायाधीश मौजूद रहेंगे। वहीं प्रत्येक न्यायालय के संचालन के लिए तृतीय और चतुर्थ वर्ग के 7- 7 पदों पर भर्ती के लिए भी मंजूरी दे दी गई है।

आपकों बता दें कि 29 दिसंबर हेमंत सोरेन ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। शपथ समारोह के बाद कैबिनेट बैठक की गई। जिसमें पोक्सो एक्ट के तहत 22 फास्ट ट्रैक अदालतें बनाने का प्रस्ताव रखा था। जिसे उसी दिन मंजूरी मिल गई। जिसके तहत प्रत्येक जिले में फास्ट ट्रैक अदलत का गठन करते हुए न्यायिक पदाधिकारियों के आवश्यक पदों के सृजन करने का निर्णय लिया गया था।

जानें पोक्सो एक्ट के नियम

महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध को देखते हुए सरकार ने पोक्सो एक्ट बनाया गया है। जब कोई पीड़ित 18 साल से कम उम्र का होता है, तो अपराधी पर पोक्सो एक्ट लगाया जाता है। यौन अपराधों में अगर कोई आरोपी, 12 साल से कम उम्र की बच्ची का शोषण करता है तो कम से कम 20 साल की सजा के साथ आजीवन कारावास या मृत्युदंड की सजा दी जाती है। साथ ही दो महीनों के भीतर मामलों की जांच करनी होती है।



Priyanka Kumari

Priyanka Kumari

Jr. Sub Editor


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