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पीएम केयर फंड के नाम पर बनायी फर्जी वेबसाइट, इतने लाख रुपये हड़पे

कोरोना वायरस के देशव्यापी संक्रमण से लड़ने के लिए प्रधानमंत्री केयर फंड बनाया गया है। इसमें लोगों से सहायता करने की अपील की गई है। बड़े-बड़े संस्थान के साथ आम लोग भी इस फंड में सहायता राशि भेज रहे हैं। झारखंड के हजारीबाग में शातिर युवकों ने इस मौके का फायदा उठाते हुए 51 लाख रुपए उड़ा डाले। पुलिस ने 2 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है जो कि सगे भाई हैं। इस मामले का मास्टरमाइंड तीसरा शख्स है, जिसकी तलाश की जा रही है।

पीएम केयर फंड के नाम पर बनायी फर्जी वेबसाइट, इतने लाख रुपये हड़पे
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Delhi NGO worker arrested for cheating case

कोरोना वायरस के देशव्यापी संक्रमण से लड़ने के लिए प्रधानमंत्री केयर फंड बनाया गया है। इसमें लोगों से सहायता करने की अपील की गई है। बड़े-बड़े संस्थान के साथ आम लोग भी इस फंड में सहायता राशि भेज रहे हैं। झारखंड के हजारीबाग में शातिर युवकों ने इस मौके का फायदा उठाते हुए 51 लाख रुपए उड़ा डाले। पुलिस ने 2 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है जो कि सगे भाई हैं। इस मामले का मास्टरमाइंड तीसरा शख्स है, जिसकी तलाश की जा रही है।

झांसे में आ गए लोग

पुलिस के मुताबिक शातिरों ने पीएम केयर फंड के नाम से फर्जी वेबसाइट बनाई, जिसमें दो बैंकों के अकाउंट नंबर दिए गए थे। लोगों से इन खातों में पैसे डालने की अपील की गई। कई लोगों ने पीएम केयर फंड समझकर इसमें लाखों रुपए की राशि डाली। बाद में शातिर अपराधियों ने दोनों खातों से 51 लाख रुपए निकाल लिए।

पीएनबी और यूनियन बैंक ने दर्ज कराई रिपोर्ट

पीएम केयर फंड के नाम पर फर्जीवाड़े का मामला हजारीबाग के दो बैंकों- पंजाब नेशनल बैंक और यूनियन बैंक से जुड़ा हुआ है। दोनों बैंकों के मैनेजर ने जब इस बाबत लिखित सदर थाने में शिकायत दर्ज कराई तब पुलिस को इसका पता चला। पुलिस ने मामले की पड़ताल शुरू की जिससे मामले का भंडाफोड़ हुआ।

दो सगे भाईयों को किया गिरफ्तार

बैंकों की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने उनकी तलाश की जिनके नाम से अकाउंट नंबर थे। ये अकाउंट नंबर दो सगे भाइयों के निकले। पुलिस ने बताया कि दोनों हजारीबाग के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं जिन्हें पुलिस ने गिरफ्तार किया है। मामले में शामिल ओरिया निवासी एक और युवक की तलाश की जा रही है।

कमीशन पर खुलवाए गए थे अकाउंट

मामले को लेकर जिले के सदर डीएसपी कमल किशोर ने बताया कि फर्जी वेबसाइट बनाकर पैसे हड़पने वाले केस में मुख्य सरगना ओरिया निवासी परमेश्वर साव है। परमेश्वर ने पकड़े गए दोनों आरोपियों के दो अलग-अलग बैंकों में अकाउंट खुलवाए थे। इन बैंक खातों में पैसे आने के बाद हर ट्रांजेक्शन पर कुछ राशि देने का वादा किया था।

कई चेकबुक व पासबुक बरामद

डीएसपी ने बताया कि दोनों आरोपियों के पास से कई चेकबुक, पासबुक और एटीएम बरामद किए गए हैं। ओरिया निवासी परमेश्वर साव की गाड़ी पुलिस ने जब्त कर ली है, उसमें से भी कई बैंकों के पासबुक और एटीएम बरामद किए गए हैं। पुलिस ने दोनों बैंकों के अकाउंट को फ्रीज करवा दिया है और तफ्तीश में जुटी है।


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