Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh
Breaking

झारखंड में महागठबंधन की सरकार बनते ही किसानों का ऋण माफ किया जाएगा- राहुल गांधी

झारखंड में चुनावी सभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भाजपा पर जमकर आरोप लगाए। उन्होंने प्रदेश में महागठबंधन की सरकार बनने पर किसानों के कर्ज माफ करने की बात कही है।

Bihar Election 2020: पटना में राहुल गांधी के लगाए गए पोस्टर, उनको बताया आरक्षण खत्म होने नहीं देंगे अवतारराहुल गांधी

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को फिर केंद्र की मोदी सरकार को चंद पूंजीपतियों के लिए काम करने वाली सरकार बताते हुए वादा किया कि यदि झारखंड में कांग्रेस गठबंधन सत्ता में आती है तो सबसे पहले किसानों के दो लाख रुपये तक के ऋण माफ करेगी। गांधी ने गठबंधन सहयोगी झामुमो के प्रत्याशी केतुबुद्दीन शेख के समर्थन में आयोजित जनसभा में यह बात कही।

इन चुनावों में पहली बार उनके साथ मंच पर झामुमो के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन भी उपस्थित थे। गांधी ने भाजपा नीत केन्द्र सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि केन्द्र में नरेन्द्र मोदी की सरकार देश के सिर्फ चुनिंदा 15-20 पूंजीपतियों के लिए काम कर रही है। साथ ही उन्होंने कांग्रेस-नीत गठबंधन की सरकार बनने पर आदिवासियों के जल, जंगल जमीन की रक्षा करने की बात भी कही।

झारखंड विधानसभा चुनावों में चौथे और पांचवें चरण के लिए आयोजित चुनावी रैली में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार का लक्ष्य गरीबों का पैसा लेकर अंबानी और अडाणी की जेब में डालना है। उन्होंने आरोप लगाया कि आज केन्द्र में जो सरकार काम कर रही है वह वास्तव पूंजीपतियों के हित में काम करने वाली सरकार है। वह झारखंड के आदिवासियों से जमीन छीनकर इन उद्योगपतियों को देने का काम कर रही है। लेकिन कांग्रेस ऐसा नहीं होने देगी।

गांधी ने छत्तीसगढ़ का उदाहरण देते हुए कहा कि राय में कांग्रेस की सरकार ने टाटा से जमीन वापस लेकर आदिवासियों को लौटा दी। उन्होंने कहा कि ऐसा हमने इसलिए किया क्योंकि टाटा जैसी बड़ी कंपनी ने पांच वर्ष से अधिक समय से आदिवासियों की जमीन लेकर वहां उद्योग नहीं लगाया था। हमने कानून बनाया था कि जो भी उद्योगपति पांच वर्ष तक भी भूमि का उपयोग नहीं करेगा उससे जमीन वापस ले ली जायेगी और किसानों और आदिवासियों को लौटा दी जायेगी।

उन्होंने एक बार फिर आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने नोटबंदी कर दी और फिर जीएसटी लागू कर दी जिससे तमाम उद्योग बंद हो गये। छोटे व्यापारी और गरीब बर्बाद हो गये। लोगों के रोजगार छीन गए। गांधी ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने छत्तीसगढ़ में किसानों को धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,500 रुपया देने से मना कर दिया लेकिन उनकी सरकार ने ऐसा कर दिखाया। जबकि झारखंड में अभी भी किसानों को 1,300 रुपये प्रति क्विंटल ही धान का मूल्य मिल रहा है।

उन्होंने कहा कि जिस प्रकार उद्योग बंद हुए हैं उससे लोगों के रोजगार चले गये लेकिन इस स्थिति को बदलने के लिए गरीबों की जेब में पैसा डालना होगा। उन्होंने कहा कि जैसे ही हम किसानों का ऋण माफ करेंगे वह बाजार से सामान खरीदना प्रारंभ करेगा तो उद्योग फिर से चल निकलेंगे और रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। गांधी ने राज्य की जनता से यहां कांग्रेस-झामुमो-राजद गठबंधन को जिताकर राज्य में उनकी सरकार गठित करने की अपील की।

Next Story
Top