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जम्मू-कश्मीर में आतंकी हमले के फिराक में पाकिस्तानी आतंकवादी

पिछले साल 18 सितंबर को बारामुला जिले के उड़ी स्थित आर्मी कैंप पर चार आतंकवादियों ने हमला किया था जिसमें 19 सैनिक शहीद हो गए थे।

जम्मू-कश्मीर में आतंकी हमले के फिराक में पाकिस्तानी आतंकवादी

पाकिस्तानी आतंकवादी जम्मू-कश्मीर में उड़ी जैसे बड़े अटैक को अंजाम देने की फिराक में हैं।

इस तरह की खुफिया सूचनाओं के मद्देनजर सुरक्षा एजेंसियों को ज्यादा अलर्ट कर दिया गया है।

पिछले साल 18 सितंबर को बारामुला जिले के उड़ी स्थित आर्मी कैंप पर चार आतंकवादियों ने हमला किया था जिसमें 19 सैनिक शहीद हो गए थे।

इसी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव काफी ज्यादा बढ़ गया था और जवाब में भारतीय सेना ने सीमा पार जाकर सर्जिकल स्ट्राइक करते हुए आतंकियों के कई लॉन्च पैड तबाह कर दिए थे।

सुरक्षा एजेंसियों को सूचना मिली है कि उड़ी अटैक के एक साल पूरा होने से पहले 15 आतंकवादी मिलकर किसी बड़े आतंकवादी हमले की तैयारी में हैं।

हालांकि इन आतंकवादियों की पहचान नहीं हो सकी है। इनके निशाने पर पुलवामा का इलाका बताया गया है।

घाटी में 200 आतंकी सक्रिय

सूत्रों का कहना है कि घाटी में करीब 200 आतंकवादी सक्रिय हैं। अब सेब तोड़े जाने का सीजन शुरू होगा और मध्य अक्टूबर के बाद पतझड़ में दृश्यता बढ़ने से उनका छिपना मुश्किल हो जाएगा।

यह भी सूचना है कि करीब 450 आतंकवादी एलओसी पर घुसपैठ के लिए तैयार बैठे हैं। सर्दियां आने से पहले पाकिस्तान की ओर से यह कोशिश की जा रही है कि भारी संख्या में आतंकवादियों की घुसपैठ कराई जाए।

वे उत्तरी कश्मीर के दुर्गम इलाकों से भी इसकी कोशिश कर सकते हैं। यहां तक कि द्रास क्षेत्र से भी घुसपैठ की आशंका है। नए आतंकवादियों में बड़ी घटना को अंजाम देने का ज्यादा माद्दा देखा गया है।

इस साल घुसपैठ की कोशिश नाकाम

इस साल घुसपैठ की कोशिशों को काफी हद तक नाकामी मिली है और एलओसी के साथ घाटी के अंदर आतंकवादियों का सफाया करने में सुरक्षा बलों को बड़ी कामयाबी मिली है।

सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इस साल करीब 130 आतंकवादियों के मारे जाने से उनके खेमे में निराशा का माहौल है।

सीमा पार से यह कोशिश की जा रही है कि आतंकवादियों के खेमे में उत्साह भरने के लिए कोई बड़ा हमला जरूरी है।

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