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त्राल एनकाउंटर: ये है पूरा सच, आतंकी सबजार था कायर

सुरक्षा बलों को सबजार के ठिकाने का पता जम्मू-कश्मीर पुलिस की टेक्निकल इंटेलिजेंस यूनिट ने दिया।

त्राल एनकाउंटर: ये है पूरा सच, आतंकी सबजार था कायर

बुरहान वानी के बाद हिजबुल का कमांडर बना सबजार के बारे में भारतीय सेना ने खुलासा किया है। दक्षिणी कश्मीर के त्राल में सबजार के एनकाउंटर के चश्मदीद गवाह रहे सेना सूत्रों ने बताया कि सबजार हथियार के तौर पर कलाश्निकोव राइफल के बजाए सिर्फ सोशल मीडिया का ही इस्तेमाल जानता था।

शनिवार को हुई मुठभेड़ के बारे में बताते हुए भारतीय सेना के जवानों ने बताया कि सबजार पूरे 10 घंटे तक खामोश था। इन 10 घंटों में वो एक भी गोली नहीं चला पाया। हालांकि उसने बच निकलने का बहुत प्रयास किया इसके लिए सबजार ने अपने मोबाइल से कई मैसेज भेजे ताकि पत्थरबाजों को बुला सके और अपने अंजाम को टाल सके।
त्राल के जंगल इतने घने हैं कि वहां किसी को भी खोज पाना आसान नहीं है। सुरक्षा बलों को सबजार के ठिकाने का पता जम्मू-कश्मीर पुलिस की टेक्निकल इंटेलिजेंस यूनिट ने दिया। ऐसी यूनिट्स गत वर्षों में आतंकियों के कई ठिकानों का पता लगा चुकी है।
सेना के सूत्रों ने बताया कि पुलिस से मिली खुफिया जानकारी से इस बात की पुष्टि हुई कि सबजार और उसका साथी फैजान साइमोह गांव के घरों में छिपे हैं. इसके बाद शुक्रवार की शाम इन घरों की घेराबंदी की गई। इस ऑपरेशन में सेना के अलावा स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप और राज्य पुलिस के जवान शामिल थे।
सबजार और फैजान की घेराबंदी करने के बाद सुरक्षाबलों ने उससे संपर्क साधने की कोशिश की लेकिन कोई जवाब न मिला। सबजार और फैजान अपनी लोकेशन को बताना नहीं चाहते थे। सबजार और फैजान दोनों ही के पास एके-47 और इंसास राइफल्स समेत बड़ी तादाद में हथियार और रसद मौजूद थे।
दोनों आतंकियों से संपर्क न हो पाने पर सुरक्षाबलों ने मौके पर दमकल की गाड़ियां मंगवाईं जिनमें पानी की जगह पेट्रोल मौजूद था।
एक सूत्र के मुताबिक, "दमकल गाड़ियों से पहले घर में पेट्रोल छिड़ककर आग लगाई गई. लेकिन दोनों आतंकियों ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी. दूसरे घर को आग के हवाले करने के बाद भी नतीजा यही रहा। लेकिन शनिवार सुबह करीब सवा आठ बजे जब तीसरे घर को फूंका गया तो सबजार और फैजान घर से बाहर भागे. उनकी कोशिश सुरक्षाबलों की घेराबंदी तोड़ने की थी।ठ
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