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खुलासा: घाटी में आतंक फैलाने के लिए 34 हजार करोड़ देगा पाक

कश्मीर घाटी में हिजबुल मुजाहिदीन के कमांडर बुरहान वानी के एनकाउंटर के बाद इलाके में पढ़े-लिखे युवा आतंकी बनने की राह पर चल पड़े हैं।

खुलासा: घाटी में आतंक फैलाने के लिए 34 हजार करोड़ देगा पाक

हाल ही में पाकिस्‍तान ने अपने रक्षा बजट में इजाफे का ऐलान किया है और अपना बजट 6.8 बिलियन डॉलर करने का ऐलान किया। लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि इस अरबों-खरबों वाले बजट में से कश्‍मीर के लिए भी एक अच्‍छी-खासी रकम तय की गई है।

पाकिस्‍तान आर्मी ने अपने टोटल बजट में से 340,000,000 यानी 34 हजार करोड़ रुपए की रकम कश्‍मीर के लिए रखी है। इंटेलीजेंस ब्‍यूरों (आईबी) की एक रिपोर्ट में इस बात की जानकारी दी गई है।

आईबी अधिकारियों की ओर से कहा गया है कि इस रकम का बड़ा हिस्‍सा कश्‍मीर में आतंकवाद फैलाने के लिए रखा गया है और पाकिस्‍तान की सेना की ओर से इस बात का फैसला लिया गया।

पाक सेना नहीं चाहती है कि कश्‍मीर में शांति कायम हो। सेना ने इस रकम को अलग-अलग चीजों पर खर्च करेगी। सेना कश्‍मीर में तीन बड़े आतंकियों का समर्थन करती है-लश्‍कर-ए-तैयबा, हिजबुल मुजाहिद्दीन और जैश-ए-मोहम्‍मद।

इन तीनों ही आतंकी संगठनों का पूरा खर्च पाकिस्‍तान की सेना उठाती है। साथ ही इस रकम का बड़ा हिसा घाटी के अलगाववादी नेताओं को भी दिया जाता है।

एनआईए की जांच में सामने आया सच

एनआईए को अपनी जांच में इस बात का पता लगा था कि अलगाववादी नेताओं को पाकिस्‍तान की सेना की ओर से एक बड़ी रकम कश्‍मीर में उग्रवाद फैलाने के लिए दी जाती है।

इस रकम का बड़ा हिस्‍सा बैंकों में बेनामी एकाउंट्स में जमा हुआ तो कुछ रकम हवाला के जरिए उन तक पहुंची। एनआईए की ओर से अलगाववादी नेताओं को मिलने वाले पैसे पर एक शुरुआती रिपोर्ट दायर की गई थी।

अब एनआईए इस मामले की जांच के लिए एफआईआर फाइल करने की तैयारी में है। एनआईए घाटी में पहले ही काफी लोगों से इस मामले में पूछताछ कर चुकी है और ये वे लोग हैं जिन्‍हें पाकिस्‍तान की ओर से पैसे मिलते हैं।

पीएचडी और बीटेक युवा थाम रहे हैं हिजबुल का हाथ

कश्मीर घाटी में हिजबुल मुजाहिदीन के कमांडर बुरहान वानी के एनकाउंटर के बाद इलाके में पढ़े-लिखे युवा आतंकी बनने की राह पर चल पड़े हैं। 15 साल के स्कूल स्टूडेंट्स से लेकर ग्रेजुएट, पोस्ट-ग्रेजुएट, बीटेक, एमए, एमफिल और पीएचडी कर चुके युवा भी आतंकी गुटों में शामिल हो रहे हैं।

भारतीय सुरक्षा एजेंसियों द्वारा जुटाई गई जानकारी के मुताबिक, पिछले साल जुलाई में बुरहान की हत्या के बाद से अब तक 67 स्थानीय लोग आतंकी गुटों में शामिल हो चुके हैं। इनमें से 50 दक्षिण कश्मीर से हैं, जहां वानी रहता था। वहीं, 63 लोग ऐसे हैं जो 30 वर्ष की आयु से कम हैं, उनमें 16 साल के दो बच्चे और एक 15 वर्ष के बच्चे तक शामिल हैं।

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