Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

टेरर फंडिंग मामला: NIA की बड़ी कार्रवाई, गिलानी का करीबी धरा गया

एनआईए के एक अधिकारी ने बताया कि गिलानी के नजदीकी वकील के बीच घर और ऑफिस में राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने छापेमारी की।

टेरर फंडिंग मामला: NIA की बड़ी कार्रवाई, गिलानी का करीबी धरा गया

पाकिस्तान आतंक से जुड़े मामले की जांच कर रही एजेंसी एनआईए ने रविवार को हुर्रियत कॉन्फ्रेंस से जुड़े अहम ठिकानों पर छापे मारे। इस दौरान उसने जम्मू-कश्मीर पीस फोरम के चेयरमैन देविंदर सिंह बहल से पूछताछ की और देर शाम उसे गिरफ्तार कर लिया।

बताते हैं, बहल पर एनआईए की नजरें थीं। वह हुर्रियत के टॉप नेताओं का बेहद करीबी है और अक्सर आतंकियों के जनाजे में शामिल होता आया है। बहल के कुछ ठिकानों से एनआईए ने कुछ दस्तावेज जब्त किए गए।

इसे भी पढ़ें : अनुच्छेद 370 संविधान का अहम अंग, कोई पवित्र गाय नहीं जिसे छू नहीं सकते: भाजपा

इसके अलावा वहां चार मोबाइल फोन, 1 टैबलेट और कुछ दूसरी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस भी जब्त की हैं। कुछ दस्तावेजों को अहम फाइनेंशियल पेपर्स बताया गया है। पूछताछ के बाद बहल को अरेस्ट कर लिया गया। उसे कल कोर्ट में पेश किया जाएगा।

एनआईए को क्या शक?- न्यूज एजेंसी के मुताबिक, जांच एजेंसी को शक है कि बहल हुर्रियत नेताओं के लिए कूरियर का काम करता है। उसके पाकिस्तान में बैठे हुर्रियत के दूसरे आकाओं से भी रिश्ते हो सकते हैं।

ये पहले से गिरफ्तार

इससे पहले बुधवार को, अलगाववादी नेता और डेमोक्रेटिक फ्रीडम पार्टी के चेयरमैन शब्बीर शाह को एनआईए ने गिरफ्तार किया था। बाद में कोर्ट ने उसे सात दिन के लिए ईडी की कस्टडी में भेज दिया था। शब्बीर पर भी टेरर फंडिंग में शामिल होने का आरोप है। वो काफी समय से हाउस अरेस्ट में था। बाद में उसे अरेस्ट किया गया।

7 लोग शिकंजे में

एनआईए ने 24 जुलाई को टेरर फंडिंग केस में कश्मीर के 7 अलगाववादी नेताओं को अरेस्ट किया था। इनमें बिट्टा कराटे, नईम खान, अल्ताफ अहमद शाह (अल्ताफ फंटूश), अयाज अकबर, टी. सैफुल्लाह, मेराज कलवल और शहीद-उल-इस्लाम शामिल हैं। अल्ताफ हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के प्रमुख सैयद अली शाह गिलानी का दामाद है।

ये हैं आरोप?- अलगाववादी नेताओं पर आरोप है कि इन्हें कश्मीर में सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, स्कूलों और अन्य सरकारी संस्थानों को जलाने जैसे विध्वंसक गतिविधियों के लिए लश्कर चीफ हाफिज सईद से पैसा मिलता है। घाटी में सिक्युरिटी फोर्सेस पर पत्थर बरसाने के लिए हुर्रियत नेताओं को पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठनों और पाक खुफिया एजेंसी आईएसआई दोनों से फंडिंग होती है।

छापे में ये मिला था- एनआईए ने 3 जून को देश में 24 जगहों पर छापे मारे थे। कश्मीर में 14, दिल्ली में 8 और हरियाणा के सोनीपत में 2 जगहों पर छापे मारे गए थे। इस दौरान अलगाववादी नेताओं के घरों, ऑफिस और उनके कमर्शियल ठिकानों पर कार्रवाई की गई।

दिल्ली में 8 हवाला डीलर्स और ट्रेडर्स के खिलाफ भी कार्रवाई की गई थी। कश्मीर में कार्रवाई के दौरान 2 करोड़ रुपए और प्रॉपर्टी से जुड़े कागजात जब्त किए गए। लश्करे-तैयबा और हिजबुल मुजाहिदीन के लेटरहेड्स, लैपटॉप, पेन-ड्राइव्स भी मिले थे।

Next Story
Top