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जम्मू-कश्मीरः सैन्य प्रतिष्ठानों पर हमलें की तैयारी में जैश के आतंकी, हुआ बड़ा खुलासा

एलओसी लांघकर अनंतनाग, कुलगाम, शोपियां को बनाया शरणस्थली।

जम्मू-कश्मीरः सैन्य प्रतिष्ठानों पर हमलें की तैयारी में जैश के आतंकी, हुआ बड़ा खुलासा

जम्मू-कश्मीर में पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों की हिट लिस्ट में अब सूबे के मुख्य सैन्य-सुरक्षा प्रतिष्ठान आ चुके हैं। इसके लिए भारत-पाक नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पार पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) में सक्रिय जैश-ए-मोहम्मद आतंकी संगठन के कुल 15 आतंकियों ने घाटी में घुसपैठ कर ली है जिनमें से तीन मारे गए।

इनकी अगली तैयारी आने वाले दिनों में राज्य में अलग-अलग जगहों पर सशस्त्र बलों के कैंप कार्यालयों, मुख्यालयों और सैन्य काफिलों पर हमला करने की है। इसे देखते हुए सुरक्षाबल पूरी सतर्कता बरत रहे हैं और उन्होंने सैन्य के अलावा सूबे के सरकारी प्रतिष्ठानों की सुरक्षा को चाक-चौबंद बनाए रखने का निर्णय लिया है।

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इन जगहों पर छिपे हैं आतंकी

सरकार के खुफिया ब्यूरो के सूत्रों ने हरिभूमि को बताया कि जैश के इन 15 आतंकियों में से सुरक्षाबलों ने 3 आतंकवादियों को बीते 26 अगस्त को उस वक्त मार गिराया था। इसके अलावा बाकी बचे 12 आतंकी इस वक्त दक्षिण-कश्मीर के अनंतनाग, कुलगाम और शोपियां में छिपे हुए हैं।

यह सभी पूर्ण रूप से सैन्य प्रशिक्षण लिए हुए हैं और जैश के खूंखार लड़ाकों में से एक बताए जा रहे हैं। आने वाले दिनों में इनकी योजना फिदायीन हमले से लेकर, आईईडी धमाका करने व आर-पार की लड़ाई के जरिए राज्य का माहौल खराब कर सुरक्षाबलों के सामने नई चुनौती पेश करने की होगी।

अल्फा-3 पर पैनी नजर

जैश के अलावा इन दिनों सुरक्षाबलों की पैनी नजर पीओके में चल रहे लश्कर के ‘अल्फा-3’ नामक विशेष कंट्रोल रूम पर बनी हुई है। क्योंकि इसमें जिहादियों को घुसपैठ के बाद सूबे की शांति भंग करने के लिए पाकिस्तान की सेना के अधिकारी सैन्य प्रशिक्षण दे रहे हैं।

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यहां आतंकियों को पेट्रोल बम से लेकर एसिड बम बनाने का तरीका सिखाया जा रहा है। साथ ही आईईडी तैयार करने के गुर भी सिखाए जा रहे हैं। इसके अलावा आतंकियों व पीओके में मौजूद उनके आकाओं के बीच बातचीत के लिए आईकॉम सेट से वाई-एसएमएस भेजने का तरीका भी सिखाया जा रहा है।

यहां भारत में इस एसएमएस को अभी तक डिकोड नहीं किया जा सका है। पाक सेना आतंकियों को 18 से 20 हजार रुपए मेहनताने के रूप में भी दे रही है। अगर एलओसी से घुसपैठ के बाद कोई आतंकी मारा जाता है। तब उसके परिवार के सदस्यों को यह पैसा दिया जाता है।

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