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घाटी में सेना ने ढूंढ निकाली पत्थरबाजी रोकने की काट, उठाना पड़ा बस छोटा-सा कदम

पुलिस ने बताया की जम्मू में इंटरनेट बैन होने के बाद कश्मीरी युवाओं को भड़काने वाले 90% वॉट्सएप ग्रुप बंद हो गए।

घाटी में सेना ने ढूंढ निकाली पत्थरबाजी रोकने की काट, उठाना पड़ा बस छोटा-सा कदम

जम्मू कश्मीर में चल रही हिंसा और आतंकवाद के चलते सरकार ने 26 अप्रैल को सोशल मीडिया साइटों पर लगाए प्रतिबंध को शुक्रवार को खत्म कर दिया है। सरकार ने कुल 22 सोशल मीडिया साइट्स और एप्लीकेशन्स पर बैन लगाया था।

पुलिस ने बताया की जम्मू में इंटरनेट बैन होने के बाद कश्मीरी युवाओं को भड़काने वाले 90% वॉट्सएप ग्रुप बंद हो गए और पत्थरबाजी में भी कमी आई। पुलिस के मुताबिक घाटी में करीब 300 वाट्सएप ग्रुप थे, जिनके जरिए पत्थरबाजों तक जानकारी पहुंचती थी। हर ग्रुप में करीब 250 सदस्य थे। पुलिस ने ऐसे ग्रुप्स पहचान कर एडमिन की काउंसलिंग भी की।
एक अधिकारी के मुताबिक सभी प्रतिबंधित साइटों से बैन शुक्रवार करीब 8:30 बजे हटाया। उल्लेखनीय है कि सहारनपुर में भी जातीय हिंसा जारी है जिसके कारण वहीं इंटरनेट पर बैन लगाया गया है ताकी भड़काऊ सामग्री न भेजी जा सके। पिछले हफ्ते दो पक्षों में हुए तनाव के कारण राजस्थान के बंसवाड़ा में भी इंटरनेट पर रोल लगा दी गई थी।
गौरतलब है कि देश में गत 5 सालों में 75 बार इंटरनेट पर बैन लग चुका है जिसमें से 32 बार बैन केवल जम्मू कश्मीर में ही लगा है। 5 सालों में हुए इंटरनेट बैन के कारण भारत की इकोनॉमी को करीब 6200 करोड़ का नुकसान हो चुका है।
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