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लश्कर नहीं अल-कायदा का कमांडर था अबु दुजाना, सामने आया ऑडियो

अबु दुजाना पैसों के लिए लश्कर छोड़कर अल-कायदा में शामिल हुआ था और अपनी पत्नी को पाकिस्तान भेजना चाहता था।

लश्कर नहीं अल-कायदा का कमांडर था अबु दुजाना, सामने आया ऑडियो
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कश्मीर के पुलवामा के हकारीपोरा में मारे गए लश्कर के टॉप कमांडर अबु दुजाना के मारे जाने के बाद सुरक्षा एजेंसियों के हाथ एक नई जानकारी मिली है। घाटी में पहले से मौजूद हिजबुल मुजाहिदीन, जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा के बाद अब यहां पर अंतर्राष्ट्रीय आतंकी संगठन अल-कायदा भी अपने पैर पसारने लगा है। इस बात की जानकारी एनकाउंटर के दौरान अबु दुजाना और आरिफ लहरी के भाई अंसार के बीच हुई आखिरी फोन कॉल के जरिए हुई है।

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लश्कर कमांडर अबु दुजाना ने अल-कायदा का कश्मीर सेल गजवत-उल-हिंद ज्वाइन कर लिया था। घाटी में गजवत-उल-हिंद की कमान जाकिर मूसा संभाल रहा है। बीते शुक्रवार को मूसा ने एक वीडियो जारी किया है। इस वीडियो में वो दुजाना और लहरी की तारीफ कर रहा है। उसने बताया कि दुजाना और लहरी अल कायदा के पहले 'शहीद' हैं। इस वीडियो को मूसा के समर्थक ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने के लिए व्हाट्सएप पर शेयर कर रहे हैं।

इस फोन कॉल में आरिफ लहरी घायल लग रहा है क्योंकि बात करते हुए बहुत तेज-तेज हाफता हुआ सुनाई दे रहा है। वो इस ऑडियो में कहता हुआ सुनाई दे रहा है कि मरने के बाद उसके शव को पाकिस्तानी झंडे में न लपेटा जाए। मेरे अंतिम संस्कार के दौरान मेरे शव को तौहीद झंडे (अल-कायदा द्वारा इस्तेमाल किया जाने वाला झंडा) में लपेटा जाए। कृपया मेरे खून और बलिदान का सम्मान करना साथ ही मेरे लिए दुआ करना। हमारी सफलता की दुआ करना, तुम भी सफल होगे।

ऑडियो में आरिफ यह भी कहता हुआ सुनाई दे रहा है कि मेरे दोस्त और परिवार वाले मुझे दुजाना भाई से दूर मत करना। मेरा अंतिम संस्कार कश्मीर में करना न कि मेरे गांव गिलगित बलिस्तान (पाक अधिकृत कश्मीर) में। इतना बोलकर वो फोन दुजाना को पकड़ा देता है। दुजाना उर्दू में कहता है कि उसे शहीद होने के लिए अल्लाह ने चुना है और अपने साथियों से कहता है कि मेरे मौत पर मायूस मत होना। मेरे शहीद होने पर बहुत खुश हूं।

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इसके बाद आरिफ कहता है कि जिस घर में हम छिपे हुए हैं उस माकन मालिक को कोई नुकसान न पहुंचाया जाए। आरिफ अंत में कहता है कि हम जाकिर भाई के साथ हैं, हम अल-कायदा के साथ हैं।

एक सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि दुजाना ने लश्कर से पैसों को लेकर नाता जोड़ लिया था। वो अपनी पत्नी को पाकिस्तान भेजना चाहता था। इसके लिए उसने मूसा का साथ चुना था। दुजाना गजवत-उल-हिंद में दूसरा सबसे बड़ा मेंबर था। दुजाना और आरिफ का मारा जाना मूसा के लिए बहुत बड़ा नुकसान है।

दुजाना और आरिफ लश्कर के मोस्ट वॉन्टेड आतंकी थे, इस बात की जानकारी सुरक्षा एजंसियों ने मंगवार को मीडिया को दी। इस फोन कॉल के जरिए सुरक्षा एजेंसियों को पता लगा है कि दो महीने पुराने मूसा के इस संगठन में दुजाना और आरिफ शामिल हुए थे। मूसा ने उन्हें वीडियो में 'मर्द-ए-हूर' बताया है जो अल्लाह और तौहीद के लिए लड़ रहे थे।

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