Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

J&K में आतंकियों और पत्थरबाजों की कायराना करतूत

विक्टर फोर्स के ऑफिसर इन कमांड मेजर जरनल बीएस राजू ने कहा कि सभी यूनिट्स को पूरे एरिया की सर्चिंग में लगा दिया गया है।

J&K में आतंकियों और पत्थरबाजों की कायराना करतूत

श्रीनगर आतंकियों ने कश्मीर में सेना के एक युवा अफसर की अगवा कर हत्या कर दी। बाद में उसके जनाजे पर भी पत्थरबाजों ने पत्थर बरसाए। अपने साथी की इस प्रकार की मौत पर कश्मीर में तैनात सैनिक गुस्साए हुए हैं। गुस्सा इस कद्र है कि वे चुन-चुन कर बदला लिए जाने की बात करने लगे हैं।

सेना के सूत्रों के मुताबिक, जिस इलाके में सेना के युवा अफसर को मार डाला गया वहां चप्पे-चप्पे की तलाशी ली जा रही है और सेनाधिकारियों को पूरा यकीन है कि जल्द ही हत्यारे या तो गिरफ्त में होंगें या ढेर कर दिए जाएंगें। दक्षिण कश्मीर के शोपियां में बुधवार सुबह भारतीय सेना के एक युवा अफसर लेफ्टिनेंट की लाश मिली थी।

शव की पहचान लेफ्टिनेंट उमर फैयाज के रूप में हुई। उनके शव पर गोलियों के निशान पाए गए। वे मंगलवार रात शादी समारोह में गए थे, जहां से आतंकियों ने उन्हें अगवा कर लिया था। बाद में उमर फैयाज के शव को सुरसन में सैनिक सम्मान के साथ दफनाया गया। उनके जनाजे में भारी भीड़ जुटी।

रक्षा मंत्री अरुण जेटली और मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने सेना अफसर की हत्या की सख्त आलोचना की है। सेनाधिकारियों के मुताबिक, लेफ्टिनेंट उमर फैयाज कुलगाम के रहने वाले थे। उनका शव शोपियां जिले के हरमन चौक पर पाया गया। सेना सूत्रों के मुताबिक, उन्होंने 6 महीने पहले ही सेना ज्वाइन की थी।

पुलिस के मुताबिक, इस मामले में केस दर्ज कर लिया गया है और जांच जारी है। सेना के एक अधिकारी ने कहा कि यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि किन हालात में अफसर की मौत हुई। पुलिस अधिकारी ने बताया कि उमर फैयाज छुट्टी पर थे और अपने मामा की बेटी की शादी में शिरकत करने गए थे, जहां से उन्हें रात 10 बजे 5-6 आतंकियों ने अगवा कर लिया था।

उमर फैयाज जम्मू के अखनूर में तैनात थे। उनके पिता एक किसान थे, कुछ वक्त तक उन्होंने बिजनेस भी किया था। उमर नेशनल डिफेंस एकेडमी के कैडेट भी रहे थे। वे सितंबर में यंग ऑफिसर्स कोर्स करने वाले थे। एनडीए में वे हॉकी टीम के कप्तान भी थे। सेना में डॉक्टर रहे फयाज के शरीर में बुलेट के दो निशान मिले हैं।

जून 1994 में जन्मे फयाज जम्मू के अखनूर में दूसरी बटालियन, राजपूताना राइफल्स में तैनात थे। फयाज ने 2015 में एनडीए से पास कर इंडियन मिलिट्री एकेडमी ज्वाइन किया था जहां 10 दिसंबर 2016 को सेना में उनकी कमीशनिंग हुई थी। 8 जून को वह 23 साल के होने वाले थे।

उनकी मौत पर रक्षा मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि लेफ्टिनेंट उमर फैयाज एक खिलाड़ी भी थे, उनके बलिदान ने घाटी से आतंकवाद को खत्म करने के लिए देश के प्रण को जाहिर किया है। जेटली ने यह भी कहा कि आतंकियों द्वारा उमर फैयाज का अपहरण और उनकी हत्या करना कायरता है।

जम्मू कश्मीर का यह युवा अफसर लोगों का रोल मॉडल था। दक्षिण कश्मीर में लोगों ने पत्थर को बड़ा हथियार बना लिया है। आए दिन सेना के जवानों और पुलिसकर्मियों पर पत्थरबाजी की जा रही है। लेकिन आज यह अपनी तरह की अलग घटना है जहां एक शहीद सैनिक की शवयात्रा को भी पत्थरबाजों ने नहीं बख्शा।

ये घटना बताती है कि सेना और सरकार से जुड़े लोगों से किस कदर नफरत की जा रही है। आतंकियों का संदेश साफ है, सेना और पुलिस की नौकरी से दूर रहो। हाल ही में जम्मू कश्मीर पुलिस के डीजीपी ने भी पुलिसकर्मियों की जान को खतरा देखते हुए एडवाइजरी जारी की थी जिसे अपने घर न जाने की सलाह दी थी।

कुछ पुलिसकर्मियों के घर पर आतंकी हमले को देखते हुए पुलिस प्रमुख ने यह एडवाइजरी जारी की थी. कुछ दिन पहले ही आतंकियों ने पुलिस मुखबिरी के शक में कुछ युवकों को बेरहमी से पीटकर उनके बाल काट दिए थे। पिछले हफ्ते शोपियां में पैट्रोलिंग कर रहे आर्मी जवानों पर आतंकियों ने घात लगाकर हमला किया था।

इसमें दो जवान शहीद हो गए थे और एक सिविलियन की भी मौत हुई थी। इसके बाद पूरी घाटी में बड़े पैमाने पर एंटी टेरर ऑपरेशन चलाया गया था। बता दें कि हाल ही कुछ वीडियो भी सामने आए थे, जिनसे यह पता चला था कि घाटी में बड़ी संख्या में आतंकी एक्टिव हैं। हम बख्शेंगे नहीं: आर्मी कमांड लेफ्टिनेंट जनरल अभय कृष्णा ने कहा, दुख की इस घड़ी में पूरी आर्मी उमर के परिवार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है।

हम उनके परिवारवालों को भरोसा दिलाते हैं कि इस घिनौने जुर्म को अंजाम देने वालों को हम बख्शेंगे नहीं। विक्टर फोर्स के ऑफिसर इन कमांड मेजर जरनल बीएस राजू ने कहा कि सभी यूनिट्स को पूरे एरिया की सर्चिंग में लगा दिया गया है।

Next Story
Top