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पाकिस्तान गोलाबारी पर बोले उमर अब्‍दुल्‍ला- सीजफायर सिर्फ कागजों तक सीमित

जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम उमर अब्दुल्ला ने भारत- पाकिस्तान से नियंत्रण रेखा पर संघर्ष विराम का पालन करने की अपील की है।

पाकिस्तान गोलाबारी पर बोले उमर अब्‍दुल्‍ला- सीजफायर सिर्फ कागजों तक सीमित
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जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भारत और पाकिस्तान से नियंत्रण रेखा पर संघर्ष विराम का पालन करने की अपील की और कहा कि सीमा पर झड़पों की वजह से मासूम लोगों की जानें जा रही हैं। अब्दुल्ला ने कहा कि सरहद और नियंत्रण रेखा के पास के लोगों को संघर्ष विराम भारत और पाकिस्तान का बेहतरीन तोहफा था, लेकिन पिछले कुछ सालों से हम लगातार देख रहे हैं कि यह सिर्फ कागजों पर सिमट गया है।

यह लागू नहीं किया जा रहा है। मैं नई दिल्ली के साथ ही इस्लामाबाद से आग्रह करता हूं कि विश्वास बहाली के उपाय के तौर पर संघर्ष विराम का अनुसरण करें। पाकिस्तान की ओर से गोलाबारी में एक ही परिवार के पांच सदस्यों की मौत के संदर्भ में उन्होंने कहा कि बेगुनाह लोगों की जानें जा रही हैं। जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि दो लड़कियां अस्पताल में हैं।

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अब्दुल्ला ने कहा कि यह बहुत ज्यादा है। हम चाहते हैं कि सरहद और नियंत्रण रेखा पर अमन होना चाहिए। नेशनल कांफ्रेंस के नेता और पूर्व स्पीकर वली मोहम्मद इटू की 23वीं बरसी के मौके पर दक्षिण कश्मीर में कुलगाम जिले के दमहल हांजीपुरा में पार्टी के सम्मेलन के बाद नेशनल कांफ्रेंस के कार्यकारी अध्यक्ष संवाददाताओं से बात कर रहे थे।

मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती पर तंज कसते हुए अब्दुल्ला ने पूछा कि खादी ग्राम और उद्योग बोर्ड में भर्ती में भाई-भतीजावाद के आरोपों की जांच के उनके ऐलान का क्या हुआ। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री अपने सहयोगियों द्वारा खारिज की जा चुकी हैं क्योंकि मुख्यमंत्री और राज्य सरकार के पूर्व के विशिष्ट क्षेत्राधिकारों को प्रभावी तरीके से केंद्र सरकार और केंद्रीय गृह मंत्रालय को स्थानांतरित कर दिया गया है।

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उन्होंने आरोप लगाया कि महबूबा ने फैसला लेने की अपनी शक्तियों का समर्पण कर दिया है और उनके पास फोटो खिंचाने और प्रेस बयानों के अलावा लोगों को देने के लिएकुछ नहीं बचा है। उन्होंने कहा कि कल ही केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने मुख्यमंत्री और उनकी पार्टी की कपटी कार्यप्रणाली को उजागर किया है।

जब सिंह ने कहा था कि पथराव करने वालों को माफी देने का विचार केंद्र सरकार का था न कि राज्य सरकार का। अब्दुल्ला ने कहा कि अब तक पीडीपी ने बताया है कि यह पहल महबूबा की है लेकिन अब यह निकलकर आया कि उनका फैसला से कुछ लेने देना नहीं है। इसी तरह हाल में मुख्यमंत्री ने यह हमें यह बताने की कोशिश की थी कि वह हिरासत में लिए गए फोटो पत्रकार को राहत दिलाने के लिए कितनी उदार हैं।

इस फोटो पत्रकार को एनआईए ने गिरफ्तार कर लिया है। उन्होंने कहा कि एनआईए ने ऐसे दावों को खारिज किया और कहा कि वे व्यक्ति की जमानत याचिका का विरोध करेंगे और सरकार से या केंद्रीय गृह मंत्रालय से ऐसे कोई निर्देश नहीं मिले हैं। अभियोजन के विरोध के बावजूद अदालत ने उसे जमानत दी। अब्दुल्ला ने कहा कि जम्मू कश्मीर को नए सिरे से आतंकवाद, उथल- पुथल और विभाजन की स्थिति में ढकेला जा रहा है।

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