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कश्मीर में एकजुट हो रहे हैं कई आतंकी संगठन

हिजबुल मुजाहिदीन के कमांडर बुरहान वानी की मौत के बाद आतंकवादी संगठनों में युवकों की संख्या में बढ़ोत्तरी आई है।

कश्मीर में एकजुट हो रहे हैं कई आतंकी संगठन

जम्मू कश्मीर के कुलगाम में रविवार को पुलिस कार्रवाई में मारे गए आतंकवादी के जनाजे में चार आतंकवादी शामिल हुए। जनाजे में उन्होंने 'गन सल्यूट' दिया और हवा में कई राउंड फायर किए। श्रद्धांजलि देने का ये चलन दक्षिण कश्मीर में पिछले दिनों काफी बढ़ा है, माना जाता है कि इसके जरिए आतंकवादी अपनी मौजूदगी का एहसास कराते हैं।

इन दिनों आतंकवाद सरकार के सामने कड़ी चुनौती है। आतंकियों ने न सिर्फ अपनी रणनीति में बदलाव किया है बल्कि सामाजिक स्वीकार्यता को भी बढ़ावा मिला है। पुलिस के अनुसार आतंकवादियों में स्थानीय युवकों की संख्या पिछले दो दशकों में सबसे ज्यादा हुई है।
जम्मू-कश्मीर पुलिस के मुखिया एसपी वैद के अनुसार हिजबुल मुजाहिदीन और लश्कर-ए-तैयबा ने हाथ मिला लिया है और वो साथ मिलकर काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया, "हमें इन आतंकी संगठनों के बीच कोई अंतर नजर नहीं आता। ये सभी हमारे के लिए आतंकवादी हैं। हालांकि, हमें ऐसे इनपुट्स मिले हैं कि आजकल वे साथ मिलकर काम कर रहे हैं।"
पुलिस, आर्मी, सीआरपीएफ और अन्य एजेंसियों ने बताया, "आतंकवादियों की कुल संख्या 230 से 250 के बीच है और इनमें लगभग 60-70% आतंकी स्थानीय हैं। दक्षिण कश्मीर के पुलवामा, शोपियां, कुलगाम, अंनतनाग में 90% आतंकवादी स्थानीय हैं, जबकि लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) के नजदीक उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा, बांदीपुरा और बारामुला में 90% आतंकवादी विदेशी हैं क्योंकि सीमा पार से घुसपैठ सबसे ज्यादा यहीं होती है।"
उल्लेखनीय है कि हिजुबल मुजाहिदीन के कमांडर बुरहान वानी की मौत के बाद आतंकवादी संगठनों में युवकों की संख्या में बढ़ोत्तरी आई है। तब से लेकर अभी तक देखा जाए तो 100 से ज्यादा स्थानीय लोग आतंकवाद की राह पकड़ चुके हैं।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि "यह सीमा पार से बनाई गई रणनीति मालूम होती है कि अब वे ज्यादा लोगों को घुसपैठ के जरिए यहां नहीं भेजना चाहते। अब सबकुछ स्थानीय लोगों के सहारे ही किया जा रहा है।"
दक्षिण कश्मीर मे पीडीपी नेता ने कहा, "मुद्दा यह है कि ये आतंकवादी स्थानीय हैं। मेरे पड़ोस में कम से कम सात आतंकवादी रहते हैं। उन्हें सब पता है और उनमें कभी भी हमला कर देने की क्षमता है।"
पुलिस ने कहा कि आतंकवादी अब अपनी रणनीति में बदलाव कर रहे हैं और हथियारों की कमी को पूरा करने के लिए वो हथियार छीनने और बैंक लूटने का काम कर रहे हैं।
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