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पुलवामा में IED ब्लास्ट, CRPF के 44 जवान शहीद, जैश-ए-मोहम्मद ने ली जिम्मेदारी- उरी के बाद सबसे बड़ा हमला

श्रीनगर-जम्मू राजमार्ग पर पुलवामा के अवंतीपोरा इलाके में सुरक्षा बलों को निशाना बनाकर एक आईईडी धमाका (IED Blast) किया गया, जिसमें सीआरपीएफ (CRPF) के 44 जवान शहीद हो गए, जबकि 45 जवान घायल बताए जा रहे हैं।

पुलवामा में IED ब्लास्ट, CRPF के 44 जवान शहीद, जैश-ए-मोहम्मद ने ली जिम्मेदारी- उरी के बाद सबसे बड़ा हमला
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श्रीनगर-जम्मू राजमार्ग पर पुलवामा के अवंतीपोरा इलाके में सुरक्षा बलों को निशाना बनाकर एक आईईडी धमाका (IED Blast) किया गया, जिसमें सीआरपीएफ (CRPF) के 44 जवान शहीद हो गए, जबकि 45 जवान घायल बताए जा रहे हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पहले आतंकियों ने CRPF के काफिले पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसना शुरू किया उसके बाद सीआरपीएफ की गाड़ी को निशाना बनाया।

उरी हमले के बाद सबसे भीषण आतंकवादी हमला

बता दें कि यह 2016 में हुए उरी हमले के बाद सबसे भीषण आतंकवादी हमला है। केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल के 2500 से अधिक कर्मी 78 वाहनों के काफिले में जा रहे थे। इनमें से अधिकतर अपनी छुट्टियां बिताने के बाद अपने काम पर वापस लौट रहे थे। जम्मू कश्मीर राजमार्ग पर अवंतिपोरा इलाके में लाटूमोड पर इस काफिले पर घात लगाकर हमला किया गया।

जैश-ए-मोहम्मद ने ली जिम्मेदारी

पुलिस ने आत्मघाती हमला करने वाले वाहन को चलाने वाले आतंकवादी की पहचान पुलवामा के काकापोरा के रहने वाले आदिल अहमद के तौर पर की है। उन्होंने बताया कि अहमद 2018 में जैश-ए-मोहम्मद में शामिल हुआ था। हताहतों की संख्या बढ़ने की आशंका है। उन्होंने बताया कि आतंकवादी संगठन ने इस घटना की जिम्मेदारी ली है। यह हमला श्रीनगर से करीब 30 किलोमीटर दूर हुआ है।

2500 सुरक्षाकर्मियों के काफिले पर हमला

विस्फोट में 20 से अधिक लोग घायल हो गये। धमाका इतना जबरदस्त था कि बस के परखच्चे उड़ गए और आस पास बिखरे क्षत-विक्षत शवों को देखा जा सकता है। सीआरपीएफ के महानिदेशक आर आर भटनागर ने बताया कि यह एक विशाल काफिला था तथा करीब 2500 सुरक्षाकर्मी विभिन्न वाहनों में जा रहे थे। काफिले पर कुछ गोलियां भी चलाई गई।

राजमार्ग बंद

यह काफिला जम्मू से तड़के साढ़े तीन बजे चला था और माना जा रहा था कि इसे सूर्यास्त तक श्रीनगर पहुंचना था। अधिकारियों ने बताया कि घाटी लौट रहे कर्मियों की संख्या अधिक थी क्योंकि राजमार्ग पर पिछले दो-तीन दिन से खराब मौसम और अन्य प्रशासनिक कारणों से कोई आवाजाही नहीं हो रही थी। आम तौर पर काफिले में करीब 1000 कर्मी चलते हैं किंतु इस बार कर्मियों की कुल संख्या 2547 थी।

फारेंसिक एवं बम विश्लेषक दल मौके पर पहुंच गये

अधिकारियों ने बताया कि सड़क पर मार्ग को परखने के लिए एक दल को तैनात किया गया था और काफिले में आतंक निरोधक बख्तरबंद वाहन मौजूद थे। फारेंसिक एवं बम विश्लेषक दल मौके पर पहुंच गये हैं। अधिकारियों ने बताया कि हमले के केन्द्र में रही बस बल की 76वीं बटालियन की थी और उसमें 39 कर्मी सवार थे।

पीएम मोदी ने कहा व्यर्थ नहीं जाएगी शाहदत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर लिखा, 'पुलवामा में सीआरपीएफ कर्मियों पर हमला नीच है। मैं इस नृशंस हमले की कड़ी निंदा करता हूं। हमारे बहादुर सुरक्षाकर्मियों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। पूरा देश बहादुर शहीदों के परिवारों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है। घायल जल्दी ठीक हो सकते हैं।'

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