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जम्मू कश्मीर विधानसभा भंग / बोले राज्यपाल, लोगों के हित में लिया फैसला, डराकर बनाना चाहते थे सरकार

जम्मू-कश्मीर में बुधवार को विभिन्न पार्टियों द्वारा सरकार बनाने का दावा पेश करने के बाद राज्यपाल सत्यपाल मलिक की ओर से विधानसभा भंग करने के 14 घंटे बाद ही अपने फैसले पर सफाई भी दे दी है।

जम्मू कश्मीर विधानसभा भंग / बोले राज्यपाल, लोगों के हित में लिया फैसला, डराकर बनाना चाहते थे सरकार
जम्मू-कश्मीर में बुधवार को विभिन्न पार्टियों द्वारा सरकार बनाने का दावा पेश करने और इसके तत्काल बाद राज्यपाल सत्यपाल मलिक की ओर से विधानसभा भंग करने के 14 घंटे बाद ही अपने फैसले पर सफाई भी दे दी है।
एएनआई के मुताबिक, राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने अपने बयान में इस फैसले के कारणों के बारे में बताया कि मैं राज्य में अस्थिरता नहीं चाहता था। आगे कहा कि मैंने पक्षपात नहीं किया बल्कि जनता के पक्ष में काम किया।
सबसे अंत में कहा कि ये गठबंधन अपवित्र था, मुझे खरीद-फरोख्त की शिकायत मिली थी। जिसके बाद मैं यह फैसला लिया और विधानसभा भंग करना का फैसला किया। कहा कि उन्हें महबूबा मुफ्ती या सज्जाद लोन की ओर से कोई खत नहीं मिला।
गवर्नर सत्यपाल मलिक ने विधानसभा भंग करने के अपने फैसले को सही ठहराते हुए कहा कि पीडीपी ने उनसे पहले कभी भी सरकार बनाने के लिए सम्पर्क नहीं किया। उन्होंने आगे कहा कि कभी कभी फैक्स मशीन काम नहीं करती है। फैसला लेने पर कहा कि कल ईद के दिन छुट्टी होने से कोई भी कर्मचारी फैक्स मशीन के पास नहीं था।
गवर्नर ने महबूबा की चिट्ठी पर कहा कि वो एक दिन पहले चिट्ठी भेज सकती थीं लेकिन यह फैसला खुद से लिया है। राज्य में अब नए सिरे से चुनाव कराए जाएंगे। अब आगे का फैसला चुनाव आयोग करेगा और इसके लिए पार्टी कोर्ट या चुनाव आयोग भी जा सकती हैं।
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