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जम्‍मू-कश्‍मीर: सीजफायर बढ़ाने के प्रस्‍ताव पर सेना ने सरकार को दी चेतावनी, बताए 3 कारण

सेना के कोर कमांडरों ने गृहमंत्री राजनाथ सिंह के साथ बैठक के दौरान उन्‍हें अपनी सुरक्षा चिंताओं से अवगत कराया। सेना ने कहा कि सीजफायर को बढ़ाना तीन वजहों से उचित नहीं होगा।

जम्‍मू-कश्‍मीर: सीजफायर बढ़ाने के प्रस्‍ताव पर सेना ने सरकार को दी चेतावनी, बताए 3 कारण

जम्‍मू-कश्‍मीर में सीजफायर बढ़ाने के प्रस्‍ताव पर भारतीय सेना ने केंद्र सरकार को चेतावनी दी है। सेना ने कहा है क‍ि सीजफायर बढ़ाने के फैसले पर वह केंद्र सरकार के साथ है लेकिन इस तरह का कदम उठाना राज्‍य की सुरक्षा के लिहाज से ठीक नहीं होगा।

सेना की एकीकृत कमान के कोर कमांडरों ने पिछले दिनों गृहमंत्री राजनाथ सिंह के साथ बैठक के दौरान उन्‍हें अपनी सुरक्षा चिंताओं से अवगत कराया। सेना ने कहा कि सीजफायर को बढ़ाना तीन वजहों से उचित नहीं होगा।

पहला कारण- पाकिस्‍तान नहीं चाहता कि सीजफायर बढ़े, इसलिए बड़ी संख्‍या में आतंकवादियों को भेजा जा रहा है। अब तक दो से तीन आतंकवादी भेजे जाते थे लेकिन अब 5 से 6 आतंकी भेजे जा रहे हैं। पाकिस्‍तान चाहता है कि कश्‍मीर में हिंसा तेज हो।

दूसरा कारण- सेना ने यह बताया कि स्‍थानीय आतंकवादियों को हथियार तथा गोला-बारूद की आपूर्ति कम होती जा रही है, इसलिए वे सुरक्षाबलों से हथियार छीन रहे हैं। सीजफायर बढ़ने से उन्‍हें फिर से हथियार जुटाने में मदद मिलेगी।

तीसरा कारण- यह है कि सेना की कार्रवाई में बड़ी संख्‍या में आतंकवादी मारे गए हैं, वे इस समय दबाव में हैं, ऐसे में अगर सीजफायर बढ़ाया गया तो उन्‍हें एकजुट होने का मौका मिल जाएगा। रमजान सीजफायर के दौरान मात्र 26 दिनों के अंदर अब तक 20 आतंकवादी हमले हुए हैं।

इन हमलों में अब तक 50 आम नागरिक और 64 जवान घायल हुए हैं। सूत्रों के मुताबिक पिछले कुछ दिनों में 45 नए आतंकी भी भर्ती हुए हैं। बता दें कि अगले हफ्ते राजनाथ सिंह सुरक्षा समीक्षा बैठक के बाद इस सीजफायर जारी रखने या बंद करने पर फैसला करेंगे।

महबूबा ने की थी सीजफायर की गुजारिश

2017 की शुरुआत में घाटी में आतंकी घटनाओं के बढ़ने का हवाला देते हुए केंद्र सरकार ने वहां नए सिरे के आतंकियों की खोज का अभियान चलाया था। कहा जाता है कि ऐसा अभियान 15 साल बाद चलाया गया था।

हालांकि, विपक्षी पार्टियों की बात सामने रखते हुए जम्मू कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने रमजान और अमरनाथ यात्रा के दौरान सीजफायर करने की गुजारिश की थी। फिर केंद्र सरकार ने कश्मीर में रमजान के महीने के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से सशर्त सीजफायर की घोषणा की थी।

हालांकि, अपने फैसले में सरकार ने यह भी कहा था कि भले ही जवानों को कोई नया ऑपरेशन शुरू ना करने के लिए कहा गया हो, लेकिन अगर उन पर कोई हमला किया जाता है तो वह इसका जवाब देने के लिए पूरी तरह से स्वतंत्र हैं।

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