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जम्मू-कश्मीर पंचायत चुनावः 8-16 अक्टूबर तक होंगे चुनाव, मुख्य सचिव बोलें- सुरक्षा के पुख्ता इंतेजाम

जम्मू-कश्मीर के मुख्य सचिव बी.वी. आर सुब्रमण्यम ने बताया कि राज्य में 4,490 में पंचायतें और कई सरंपचें हैं। राज्य में कुल 35000 पंच होगी। हमारी पंचायतों में लगभग 39500 चयनित प्रतिनिधि होंगे।

जम्मू-कश्मीर पंचायत चुनावः 8-16 अक्टूबर तक होंगे चुनाव, मुख्य सचिव बोलें- सुरक्षा के पुख्ता इंतेजाम
जम्मू-कश्मीर सरकार ने मंगलवार को कहा कि राज्य के शहरी स्थानीय निकायों एवं पंचायतों के स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए उसने पर्याप्त सुरक्षा उपाय किए हैं। जम्मू-कश्मीर में आगामी पंचायत और निकाय चुनाव की अधिसूचना जारी हो गई है। राज्य में 8 अक्टूबर से 16 अक्टूबर के तक चार चरणों में मतदान होंगे। 20 अक्टूबर को वोटों की गिनती होगी।
जम्मू-कश्मीर के मुख्य सचिव बी.वी. आर सुब्रमण्यम ने बताया कि राज्य में 4,490 में पंचायतें और कई सरंपचें हैं। राज्य में कुल 35000 पंच होगी। हमारी पंचायतों में लगभग 39500 चयनित प्रतिनिधि होंगे। सुब्रमण्यम ने बताया कि राज्य में 79 शहरी स्थानीय निकाय और लगभग 1200 वार्ड हैं। 600 कश्मीर में और 600 जम्मू क्षेत्र में।
राज्य के मुख्य सचिव बी.वी.आर सु्ब्रमण्यम ने बताया कि हमने इन चुनावों के लिए पर्याप्त सुरक्षा उपाय किए हैं। पुलिस और अन्य अर्धसैनिक बलों के रूप में हमारे पास मौजूद सुरक्षा बलों के अतिरिक्त केंद्रीय बलों की 400 कंपनियां इन चुनावों के लिए तैनात की जाएंगी।
उन्होंने कहा कि सरकार सुरक्षा मांगने वाले सभी उम्मीदवारों को सुरक्षा मुहैया कराएगी और उनके चुनाव प्रचार की भी व्यवस्था कराएगी। मुख्य सचिव ने कहा कि हमने घाटी में विभिन्न स्थानों पर रहने-ठहरने की व्यवस्था चाह रहे उम्मीदवारों के लिए इसके इंतजाम किए हैं। हमने इसके लिए श्रीनगर के होटलों में 300 कमरों का इंतजाम किया है।
सुब्रमण्यम ने कहा कि हमारे पास चुनावों में जीतने वालों के लिए भी सुरक्षा योजना है, क्योंकि उन्हें ज्यादा जोखिम रहेगा। उन्होंने कहा कि क्लस्टरों में मतदान केंद्र बनाए गए हैं ताकि मतदान कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
मुख्य सचिव ने कहा कि चुनाव संपन्न कराने में शामिल सरकारी कर्मियों को एक महीने का अतिरिक्त वेतन दिया जाएगा। देश के किसी हिस्से में पहले ऐसा नहीं हुआ।
चुनावों में आतंकवादियों द्वारा चुनाव में हिस्सा लेने के खतरे पर सुब्रमण्यम ने कहा कि आतंकवाद है (लेकिन) कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर उससे निपटा जा रहा है। खतरे तो हैं....पर हमें यकीन है कि हम इसे संभाल सकते हैं। यह पूछे जाने पर कि घाटी में दो प्रमुख राजनीतिक पार्टियों द्वारा चुनावों का बहिष्कार किए जाने के मद्देनजर क्या चुनाव कराना ठीक है, इस पर मुख्य सचिव ने कहा कि लोगों पर चुनाव थोपने का सवाल ही नहीं है।
उन्होंने कहा जमीनी स्तर पर लोगों में काफी उत्साह है। दो राष्ट्रीय पार्टियां (भाजपा और कांग्रेस) चुनावों में हिस्सा ले रही हैं। यदि आप जम्मू की तरफ जाएं तो आपको गलियों में चुनाव प्रचार देखने को मिलेगा।
सुब्रमण्यम ने कहा कि आठ अक्तूबर को होने जा रहे शहरी स्थानीय निकायों के पहले चरण के चुनाव के लिए संभावित उम्मीदवारों द्वारा 700 से ज्यादा फॉर्म लिए गए हैं।
राज्य चुनाव आयोग ने बताया कि प्रत्याशियों को नामांकन दाखिल करने के लिए 1 अक्टूबर तक का वक्त दिया गया है। नामांकन पत्रों की जांच 3 अक्टूबर को होने के बाद प्रत्याशियों की सूची जारी की जाएगी।
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