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BJP PDP Alliance End: महबूबा ने राज्यपाल एन एन वोहरा को सौंपा इस्तीफा, आतंकवाद रही बड़ी वजह

जम्मू कश्मीर में भाजपा और पीडीपी का गठबंधन टूटने के बाद मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती ने राज्यपाल एन एन वोहरा को अपना इस्तीफा सौंप दिया है।

BJP PDP Alliance End: महबूबा ने राज्यपाल एन एन वोहरा को सौंपा इस्तीफा, आतंकवाद रही बड़ी वजह

पीडीपी के साथ जम्मू कश्मीर में करीब तीन साल गठबंधन सरकार में रहने के बाद भाजपा ने सरकार से समर्थन वापसी की आज घोषणा की, जिसके बाद मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती ने राज्यपाल एन एन वोहरा को अपना इस्तीफा सौंप दिया है। भाजपा ने कहा कि राज्य में बढ़ते कट्टरपंथ और आतंकवाद के चलते सरकार में बने रहना मुश्किल हो गया था।

पार्टी महासचिव राम माधव ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और पार्टी प्रमुख अमित शाह से परामर्श के बाद गठबंधन से बाहर होने का फैसला किया गया। भाजपा के इस फैसले के बाद मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप दिया है।

वहीं, भाजपा के इस कदम ने राज्य में 1977 के बाद से आठवीं बार राज्यपाल शासन की संभावना बढ़ा दी है। माधव ने कहा कि उनकी पार्टी राज्यपाल शासन के पक्ष में है। भाजपा ने पीडीपी पर आरोप लगाया कि कश्मीर घाटी में सुरक्षा हालात बेहतर करने में वह नाकाम रही।

माधव ने पिछले हफ्ते वरिष्ठ पत्रकार शुजात बुखारी की श्रीनगर के एक काफी सुरक्षित इलाके में अज्ञात बंदूकधारियों द्वारा हत्या किए जाने का भी जिक्र किया। साथ ही, ईद से दो दिन पहले थल सेना के एक जवान को उस वक्त अगवा कर लिया गया था जब वह ईद की छुट्टी पर जा रहा था।

बाद में, उसकी हत्या कर दी गई। माधव ने दिल्ली बुलाए गए प्रदेश भाजपा नेताओं और मंत्रियों के साथ एक बैठक के बाद आनन फानन में किए गए संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘राज्य में गठबंधन सरकार में बने रहना भाजपा के लिए मुश्किल हो गया था।

माधव ने कहा कि जम्मू कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है, इस बात को ध्यान में रखते हुए और राज्य में मौजूदा स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए हमने फैसला किया कि राज्य में शासन की बागडोर राज्यपाल को सौंपी जाए।

भाजपा नेता ने कहा कि आतंकवाद, हिंसा और कट्टरपंथ बढ़ा है तथा जीवन और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता सहित नागरिकों के मूल अधिकार खतरे में हैं। राज्य में 87 सदस्यीय विधानसभा के लिए 2015 में हुए चुनाव में भाजपा ने 25 और पीडीपी ने 28 सीटों पर जीत दर्ज की थी।

गठबंधन के एजेंडा के साथ दोनों पार्टियों ने सरकार बनाने के लिए एक दूसरे से हाथ मिलाया था। भाजपा नेता एवं राज्य के उप मुख्यमंत्री कवीन्द्र गुप्ता ने दिल्ली में संवाददाताओं से कहा कि उन्होंने और उनके मंत्रिमंडल सहकर्मियों ने राज्यपाल तथा मुख्यमंत्री को अपना इस्तीफा सौंप दिया है।

भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और जम्मू कश्मीर से पार्टी के विधायकों की दिल्ली में मुलाकात के बाद समर्थन वापस लेने का यह फैसला किया गया। माधव ने कहा कि केंद्र ने घाटी के लिए सबकुछ किया। हमने पाकिस्तान द्वारा किए जाने वाले संघर्ष विराम उल्लंघन को रोकने की कोशिश की।

वहीं, पीडीपी अपने वादों को पूरा करने में नाकाम रही। हमारे नेता जम्मू और लद्दाख में विकास कार्यों में पीडीपी से काफी मुश्किलों का सामना कर रहे थे। विधानसभा में कांग्रेस की 12 सीटें हैं। पार्टी ने कहा कि पीडीपी के साथ गठबंधन करने का सवाल ही नहीं है।

राज्य में एक अन्य प्रमुख दल नेशनल कांफ्रेंस के 15 विधायक हैं। नेशनल कांफ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने जम्मू कश्मीर में सरकार बनाने के लिए किसी भी पार्टी के साथ गठबंधन की संभावना नकारी। उन्होंने कहा कि हमें 2014 में बहुमत नहीं मिला था और हमारे पर 2018 में बहुमत नहीं है।

नेता उमर अब्दुल्ला ने कहा कि उनकी पार्टी जम्मू कश्मीर में राज्यपाल शासन और शीघ्र चुनाव कराने के पक्ष में है। हम भाजपा के निर्णय से अचंभित नहीं हैं लेकिन जिस समय पर यह फैसला किया गया, वह हैरान करने वाला है।

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